ऑस्ट्रेलिया में टीम इंडिया के पास सिर्फ 1 नेट बॉलर, ईशान पोरेल को वापस भेजा गया

बंगाल के उभरते हुए तेज गेंदबाज ईशान पोरेल को नेट सत्र के दौरान पैर की मांसपेशियों में चोट के बाद ऑस्ट्रेलिया से स्वदेश वापस भेज दिया गया है.

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Ishan Porel (File, Getty) Ishan Porel (File, Getty)

aajtak.in

  • नई दिल्ली ,
  • 01 दिसंबर 2020,
  • अपडेटेड 8:50 PM IST
  • 'पैर की मांसपेशियों में चोट के बाद स्वदेश वापस भेज दिया गया'
  • KXIP का हिस्सा रहे पोरेल को IPL खेलने का मौका नहीं मिला था
  • अब ऑस्ट्रेलिया में सिर्फ यूपी के तेज गेंदबाज कार्तिक त्यागी बचे हैं

बंगाल के उभरते हुए तेज गेंदबाज ईशान पोरेल को नेट सत्र के दौरान पैर की मांसपेशियों में चोट के बाद ऑस्ट्रेलिया से स्वदेश वापस भेज दिया गया है. भारतीय क्रिकेट बोर्ड (BCCI) के एक सूत्र ने नाम जाहिर नहीं करने की शर्त पर बताया, ‘ईशान पोरेल की पैर की मांसपेशियों में चोट है और वह पिछले कुछ दिनों से भारत में ही हैं. यह पैर की मांसपेशियों की चोट है, लेकिन इसके स्तर का पता राष्ट्रीय क्रिकेट अकादमी (NCA) में आकलन के लिए जाने पर ही चलेगा.’

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टी नटराजन को पहले ही मुख्य टीम में शामिल कर लिया गया है और ऐसे में पूरी तरह से नेट गेंदबाज के रूप में भारतीय टीम के साथ सिर्फ उत्तर प्रदेश के तेज गेंदबाज कार्तिक त्यागी बचे हैं.

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शुरुआत में पोरेल, त्यागी, नटराजन और कमलेश नागरकोटी को नेट गेंदबाज के रूप में टीम के साथ जोड़ा गया था. नागरकोटी हालांकि टीम के ऑस्ट्रेलिया रवाना होने से पहले ही हट गए थे क्योंकि चोटिल होने के डर के कारण उनके गेंदबाजी के बोझ के प्रबंधन की जरूरत थी.

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इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) में किंग्स इलेवन पंजाब (KXIP) का हिस्सा रहे पोरेल को मैच खेलने का मौका नहीं मिला, लेकिन रणजी ट्रॉफी और दिलीप ट्रॉफी के अलावा पिछले सत्र में न्यूजीलैंड के ए दौरे पर अच्छे प्रदर्शन के बाद उन्हें चार नेट गेंदबाजों में से एक के रूप में चुना गया.

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इससे पहले 2018 में अंडर-19 वर्ल्ड कप के बाद चोटिल होने के कारण पोरेल ने लंबा ब्रेक लिया था, लेकिन पिछले घरेलू सत्र में अच्छी वापसी की.

सूत्र ने कहा, ‘अगर यह ग्रेड एक की चोट है तो पूरी आशंका है कि पोरेल मुश्ताक अली ट्रॉफी में नहीं खेल पाएंगे, जो बंगाल के लिए अच्छी खबर नहीं है. हमें इंतजार करना होगा और देखना होगा कि बेंगलुरू में उनका रिहैबिलिटेशन कैसे चलता है. उम्मीद करते हैं कि वह लंबे समय तक बाहर नहीं रहेंगे.’

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