मोदी से नौकरी की मांग करेंगे विश्व चैम्पियन जूनियर हॉकी खिलाड़ी

हाल ही में जूनियर हॉकी विश्व कप का खिताब अपने नाम करने वाली भारतीय जूनियर हॉकी टीम बुधवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात करेगी. इस मुलाकात में उनका मुख्य उद्देश्य प्रधानमंत्री से नौकरी की मांग करना होगा.

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भारतीय जूनियर हॉकी टीम भारतीय जूनियर हॉकी टीम

अमित रायकवार

  • कोलकाता,
  • 25 दिसंबर 2016,
  • अपडेटेड 1:48 PM IST

हाल ही में जूनियर हॉकी विश्व कप का खिताब अपने नाम करने वाली भारतीय जूनियर हॉकी टीम बुधवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात करेगी. इस मुलाकात में उनका मुख्य उद्देश्य प्रधानमंत्री से नौकरी की मांग करना होगा. खिलाड़ियों को लगता है कि उनकी राज्य सरकार और क्लब उन्हें नौकरी मुहैया नहीं कर पा रहे और इसी कारण वह प्रधानमंत्री के सामने इस मुद्दे को रखेंगे.

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बेल्जियम के खिलाफ विश्व कप के फाइनल में भारत के लिए गोल करने वाले पंजाब के गुरजंत सिंह ने आईएएनएस से कहा, 'हम सुरक्षा चाहते हैं. पंजाब सरकार को हमें नौकरी देनी चाहिए. जब हम प्रधानमंत्री से 28 दिसंबर को मुलाकात करेंगे तब हम इस मुद्दे को उनके सामने रखेंगे.' इस समय जारी 121वें ऑल इंडिया बेघटन कप में ओनएजीसी के लिए खेलने वाले गुरजंत सरकारी इकाई में शामिल विश्व कप विजेता टीम के पांच सदस्यों में शामिल हैं.


फाइनल में भारत के लिए गोल करने वाले एक अन्य खिलाड़ी सिमरनजीत सिंह ने कहा, 'हमें पंजाब सरकार से 25 लाख रुपये मिले हैं जो बहुत अच्छा है. लेकिन हमें सुरक्षा चाहिए जो हमें नौकरी से ही मिल सकती है। हमने हाल ही में विश्व कप जीता है और हमारा मकसद 2018 में होने वाला सीनियर विश्व कप जीतना है.' गुरजंत ने कहा, 'हमें सुरक्षा चाहिए क्योंकि अगर हम यहां चोटिल हो जाते हैं तो हमारा खयाल कौन रखेगा?'

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ओएनजीसी के कोच संदीप सांगवान ने कहा, 'हम इस बारे में सोच रहे हैं. ओएनजीसी में हमारे पास कुछ रणनीति है और इस समय हमारे पास तीन रिक्तियां हैं. हम उन जगहों को भरने के बारे में सोच रहे हैं.' भारत ने 15 साल बाद जूनियर विश्व कप पर कब्जा जमाया है. इस ऐतिहासिक जीत में भारतीय टीम का हिस्सा रहे विक्रमजीत सिंह ने कहा कि इस विश्व कप में ऑस्ट्रेलिया को सेमीफाइनल में हराना बेहद मुश्किल था.


उन्होंने कहा, "हमें अपने ऊपर विश्वास था कि हम फाइनल में पहुंच सकते हैं. ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ हुआ सेमीफाइनल हमारी सबसे कठिन परीक्षा थी.' भारत ने ऑस्ट्रेलिया को सेमीफाइनल में पेनाल्टी शूटआउट में 4-2 से हराया था. गुरजंत ने कहा, 'विश्व कप जीतने के बाद जिंदगी बदल गई है. जब मैंने पहला गोल किया तो ऐसा लगा की लखनऊ में आसमान नीचे आ गया हो.'

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