England vs Argentina FIFA World Cup Semi-final: फुटबॉल वर्ल्ड कप 2026 अपने अंतिम दौर में पहुंच चुका है और अब मैदान के बाहर भी मुकाबला दिलचस्प हो गया है. अटलांटा स्टेडियम में सेमीफाइनल में इंग्लैंड से होने वाली टक्कर से पहले अर्जेंटीना के फैन्स अपनी टीम की जीत के लिए तरह-तरह के टोटके अपना रहे हैं.
किसी ने इंग्लैंड के कप्तान हैरी केन का नाम कागज पर लिखकर फ्रीजर में रख दिया है, तो कोई पिछले मैचों वाली जर्सी बिना धोए पहनने की तैयारी में है. कई फैन्स तो वही सीट, वही खाना और वही लोगों के साथ मैच देखने की जिद पर अड़े हैं.
अर्जेंटीना में इन मान्यताओं को 'काबालास' (Cabalas) कहा जाता है. फैन्स का विश्वास है कि अगर जीत के दौरान अपनाई गई आदतों को नहीं बदला जाए तो टीम का भाग्य भी नहीं बदलता.
हैरी केन का नाम फ्रीजर में क्यों रखा जा रहा?
रॉयटर्स की रिपोर्ट के मुताबिक- 13 वर्षीय अर्जेंटीनी फैन इनेस मुत्री ने बताया कि वह और उसके दोस्त हर बड़े मैच से पहले विरोधी टीम के सबसे खतरनाक खिलाड़ी और गोलकीपर का नाम एक कागज पर लिखकर फ्रीजर में रख देते हैं.
इस बार उनकी पसंद इंग्लैंड के कप्तान और स्टार स्ट्राइकर हैरी केन हैं. इनेस का कहना है कि केन टीम के सबसे बड़े गोल स्कोरर हैं, इसलिए उनका नाम 'फ्रीज' किया जाएगा ताकि वह मैच में असर नहीं छोड़ सकें.
AI तस्वीरों से भी विरोधियों को कर रहे 'फ्रीज'
इस वर्ल्ड कप में अर्जेंटीना के कई फैन्स सोशल मीडिया पर AI से बनी ऐसी तस्वीरें साझा कर रहे हैं, जिनमें विरोधी खिलाड़ियों को बर्फ के बड़े टुकड़ों में जमे हुए दिखाया गया है.
इन तस्वीरों के पीछे प्रतीकात्मक सोच यह है कि विरोधी खिलाड़ी मैदान पर दौड़ न सकें, गोल न कर सकें और गोलकीपर अहम बचाव न कर सके.
18 वर्षीय छात्र जुआन पाब्लो काल्वो ने कहा कि वह इंग्लैंड के स्टार मिडफील्डर जूड बेलिंगहम का नाम भी फ्रीजर में रखने वाले हैं, क्योंकि वह उन्हें बेहद खतरनाक खिलाड़ी मानते हैं. हालांकि उन्हें भरोसा है कि अर्जेंटीना फाइनल में जगह बना लेगा.
माराडोना के दौर से चली आ रही है 'काबालास' की परंपरा
अर्जेंटीना में इन टोटकों का इतिहास काफी पुराना है. 1986 में टीम को वर्ल्ड चैम्पियन बनाने वाले महान कोच कार्लोस बिलार्डो अपनी अंधविश्वासी आदतों के लिए मशहूर थे. वह खिलाड़ियों के मैदान पर उतरने का क्रम तक तय करते थे. माना जाता है कि उसी समय से 'काबालास' अर्जेंटीना की फुटबॉल संस्कृति का अहम हिस्सा बन गई.
मौजूदा कोच लियोनेल स्कालोनी भी स्वीकार कर चुके हैं कि मैदान में कदम रखते समय वह हमेशा पहले दायां पैर रखते हैं और फिर क्रॉस का निशान बनाते हैं.
वही जर्सी, वही सीट, जीत का फॉर्मूला नहीं बदलते फैन्स
अर्जेंटीना के कई समर्थक मानते हैं कि जीत वाले दिन की हर छोटी-बड़ी बात दोहराना जरूरी है. इसलिए वे वही जर्सी पहनते हैं, कई बार उसे धोते भी नहीं. मैच देखने के लिए वही सीट चुनते हैं, वही खाना खाते हैं और उन्हीं दोस्तों के साथ बैठते हैं जिनके साथ पिछला मुकाबला देखा था.
इनेस मुत्री भी इंग्लैंड के खिलाफ मुकाबला अपने उन्हीं आठ दोस्तों के साथ देखने वाली हैं, जिनके साथ वह हर मैच देखती हैं. सभी दोस्त एक जैसी टोपी पहनते हैं और हर बार अपनी तय जगह पर ही बैठते हैं.
माराडोना की यादें फिर होंगी ताजा
अर्जेंटीना और इंग्लैंड के बीच होने वाला यह सेमीफाइनल वर्ल्ड फुटबॉल की सबसे चर्चित प्रतिद्वंद्विताओं में से एक है. 1986 वर्ल्ड कप में डिएगो माराडोना के 'हैंड ऑफ गॉड' गोल से लेकर कई नॉकआउट मुकाबलों तक दोनों देशों के बीच मुकाबले हमेशा सुर्खियों में रहे हैं.
जुआन पाब्लो काल्वो इस खास मैच के लिए वैसी ही जर्सी पहनने वाले हैं जैसी 1986 वर्ल्ड कप के दौरान माराडोना ने पहनी थी. उनका कहना है कि लियोनेल मेसी लगभग हर बड़ा खिताब जीत चुके हैं, लेकिन इंग्लैंड के खिलाफ वर्ल्ड कप सेमीफाइनल जैसा मुकाबला उनके करियर में बेहद खास मौका है.
अब देखना दिलचस्प होगा कि अर्जेंटीना के फैन्स के ये अनोखे 'काबालास' टीम को एक और वर्ल्ड कप फाइनल तक पहुंचाने में कितने 'लकी' साबित होते हैं.
आजतक स्पोर्ट्स डेस्क