कभी ऑस्ट्रेलियाई क्रिकेट का भविष्य माने जाने वाले जेम्स फॉकनर की कहानी आज क्रिकेट जगत की सबसे दर्दनाक कहानियों में गिनी जाती है. 24 साल की उम्र में वनडे वर्ल्ड कप फाइनल में 'प्लेयर ऑफ द मैच' बनकर पहचान बनाने वाले फॉकनर कुछ ही वर्षों में चोट, विवाद और रिश्तों में आई कड़वाहट की वजह से हाशिए पर पहुंच गए.
दाएं हाथ से बल्लेबाजी और बाएं हाथ से तेज गेंदबाजी करने वाले जेम्स फॉकनर ने बहुत कम उम्र में क्रिकेट की दुनिया में अपनी पहचान बना ली थी. तस्मानिया के लिए किशोर उम्र में ही डेब्यू करने वाले इस ऑलराउंडर ने जल्द ही अपनी आक्रामक गेंदबाजी, उपयोगी बल्लेबाजी और मैदान पर बेखौफ रवैये से सभी का ध्यान खींच लिया. ऑस्ट्रेलियाई टीम में जगह मिलने के बाद वह सीमित ओवरों के क्रिकेट में तेजी से स्क्वॉड का अहम हिस्सा बन गए.
वनडे वर्ल्ड कप 2015 जेम्स फॉकनर के करियर का सबसे बड़ा पड़ाव साबित हुआ. तब मेलबर्न क्रिकेट ग्राउंड (MCG) में खेले गए फाइनल में न्यूजीलैंड जैसी मजबूत टीम के खिलाफ उन्होंने दबाव में शानदार प्रदर्शन करते हुए 3 विकेट झटके थे. ऑस्ट्रेलिया ने खिताब जीता और फॉकनर 'प्लेयर ऑफ द मैच' चुने गए. उस समय उनकी उम्र सिर्फ 24 साल थी. अनुभवी खिलाड़ियों से भरी ऑस्ट्रेलियाई टीम में वह एक ऐसे युवा चेहरे के रूप में उभरे, जिसे भविष्य का सुपरस्टार माना जा रहा था.
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मगर मैदान पर दिखने वाली यह चमक अंदर से धीरे-धीरे टूट रही थी. लगातार क्रिकेट खेलने का असर उनके शरीर पर साफ दिखने लगा. खासतौर पर दाएं घुटने की गंभीर समस्या ने उनके करियर को बुरी तरह प्रभावित किया. डॉक्टरों ने साफ कह दिया था कि घुटने की यह समस्या समय के साथ और खराब होती जाएगी. कम उम्र में ही यह जान लेना कि आपका शरीर लंबे समय तक साथ नहीं देगा, ऐसे में जेम्स फॉकनर के लिए मानसिक रूप से भी बेहद मुश्किल स्थिति थी.
करीबी लोगों का मानना था कि यही वह दौर था, जब जेम्स फॉकनर के स्वभाव और व्यवहार में भी बदलाव आने लगा. मैदान के बाहर उनकी लाइफस्टाइल हमेशा चर्चा में रही. क्रिकेट टीमों, ड्रेसिंग रूम और देर रात पार्टियों वाली जिंदगी उनके व्यक्तित्व का हिस्सा बन चुकी थी. वह बेहद करिश्माई और लोकप्रिय थे, लेकिन उनका 'वर्क हार्ड, प्ले हार्ड' वाला रवैया धीरे-धीरे बदलते क्रिकेट सिस्टम के साथ फिट नहीं बैठ रहा था.
...जब करियर पर लगा बड़ा दाग
2015 एशेज सीरीज के बाद इंग्लैंड में हुई एक घटना ने उनके करियर पर बड़ा दाग लगा दिया. अपने क्रिकेटर दोस्त टिम पेन की सगाई पार्टी के बाद जेम्स फॉकनर शराब पीकर गाड़ी चलाते पकड़े गए. इस घटना के बाद फॉकनर को कानूनी कार्रवाई का सामना करना पड़ा और क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया (CA) ने उन्हें सस्पेंड कर दिया. बोर्ड अधिकारियों ने उस समय साफ कहा था कि यह फैसला बाकी खिलाड़ियों के लिए भी एक चेतावनी है.
यहीं से जेम्स फॉकनर का करियर धीरे-धीरे नीचे जाने लगा. घुटने और हैमस्ट्रिंग की चोटों के कारण वह लंबे फॉर्मेट से दूर होते गए. 2017 में उन्होंने अपना आखिरी शेफील्ड शील्ड मैच खेला. हैरानी की बात यह रही कि उस समय तक वह ऑस्ट्रेलिया के लिए भी अपना अंतिम मैच खेल चुके थे. सिर्फ 26 साल की उम्र में उनका इंटरनेशनल करियर लगभग खत्म हो गया.
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हालांकि 36 साल के जेम्स फॉकनर को भरोसा था कि वह T20 क्रिकेट में लंबा करियर बना सकते हैं. बिग बैश लीग (BBL) में उन्होंने कई सीजन मेलबर्न स्टार्स के लिए खेला और बाद में होबार्ट हरिकेन्स से जुड़ गए. वह अपने घरेलू शहर तस्मानिया लौट आए थे और चाहते थे कि करियर का आखिरी दौर परिवार और दोस्तों के बीच बिताएं. लेकिन यहां भी चीजें ज्यादा समय तक ठीक नहीं रहीं.
होबार्ट हरिकेन्स के साथ उनका रिश्ता काफी खराब तरीके से खत्म हुआ. कॉन्ट्रैक्ट विवाद और टीम मैनेजमेंट से मतभेद के बाद उन्हें टीम से बाहर कर दिया गया. इस फैसले से जेम्स फॉकनर बेहद आहत थे. उन्होंने सार्वजनिक तौर पर कहा कि वह खुद को ठगा हुआ महसूस कर रहे हैं क्योंकि उन्होंने सोचा था कि वह अपने घरेलू मैदान पर करियर खत्म करेंगे.
इसके बाद सोशल मीडिया पर भी कई विवाद उनके साथ जुड़े. एक इंस्टाग्राम पोस्ट में उन्होंने अपने बिजनेस पार्टनर को मजाक में 'बॉयफ्रेंड' कहा, जिसे लोगों ने अलग तरीके से समझ लिया. अगले दिन सफाई देने के बावजूद जेम्स फॉकनर को काफी आलोचना झेलनी पड़ी.
साल 2022 में PSL (पाकिस्तान सुपर लीग) में हुए विवाद ने जेम्स फॉकनर के करियर को फिर सुर्खियों में ला दिया. उन्होंने आरोप लगाया कि उन्हें तय भुगतान नहीं मिला और गुस्से में सोशल मीडिया पर लीग के साथ-साथ फ्रेंचाइजी के खिलाफ खुलकर पोस्ट किए. हालांकि कई लोगों का मानना था कि इस तरह सार्वजनिक तौर पर नाराजगी जाहिर करना उनके लिए और नुकसानदायक साबित हुआ.
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कैसा रहा फॉकनर का इंटरनेशनल और IPL करियर?
जेम्स फॉकनर ने ऑस्ट्रेलिया के लिए 1 टेस्ट, 69 ओडीआई और 24 टी20 इंटरनेशनल मुकाबले खेले. टेस्ट क्रिकेट में फॉकनर ने 6 विकेट चटकाए और 45 रन बनाए. वहीं वनडे इंटरनेशनल में फॉकनर के नाम पर 1032 रन और 96 विकेट दर्ज हैं. टी20 इंटरनेशनल में फॉकनर ने 159 रन बनाने के अलावा 36 विकेट झटके.
जेम्स फॉकनर ने इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) में भी शिरकत किया, जहां वो पुणे वॉरियर्स इंडिया (PWI), पंजाब किंग्स (PBKS), राजस्थान रॉयल्स (RR) और गुजरात लॉयन्स (GG) के लिए खेले. फॉकनर ने 60 आईपीएल मैचों में 59 विकेट चटकाए और 527 रन बनाए.
अगर इंजरी, विवाद और सिस्टम से टकराव रास्ते में नहीं आते, तो शायद जेम्स फॉकनर ऑस्ट्रेलिया क्रिकेट के सबसे बड़े ऑलराउंडर्स में गिने जाते. अब उनका करियर एक ऐसी कहानी बन चुका है, जिसमें चमकदार शुरुआत तो थी, मगर अंत बेहद कड़वा रहा.
आजतक स्पोर्ट्स डेस्क