आईपीएल 2026 में राजस्थान रॉयल्स का सफर किसी सीधी रेखा जैसा नहीं रहा. चार जीतों के साथ शानदार शुरुआत, फिर लड़खड़ाहट, आलोचनाएं और प्लेऑफ की दौड़ में पिछड़ने का खतरा. लेकिन आखिर में यही टीम टॉप-4 में जगह बनाने में सफल रही. और अब जब प्लेऑफ शुरू होने जा रहे हैं, तो राजस्थान उन टीमों में शामिल है जिससे हर प्रतिद्वंद्वी बचना चाहेगा. इसकी सबसे बड़ी वजह हैं 15 साल के बल्लेबाजी सनसनी वैभव सूर्यवंशी.
गुवाहाटी ने बदल दी थी कहानी
राजस्थान के अभियान का सबसे अहम पड़ाव गुवाहाटी साबित हुआ. वहां टीम ने लगातार तीन मुकाबले जीते और वो भी किनके खिलाफ? रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु, चेन्नई सुपर किंग्स और मुंबई इंडियंस जैसी बड़ी टीमों के खिलाफ.
इन जीतों ने राजस्थान को सिर्फ अंक नहीं दिए, बल्कि पूरे अभियान के लिए आत्मविश्वास का बूस्टर डोज भी दिया. यहीं से टीम को यह भरोसा मिला कि वह किसी भी विपक्षी को चुनौती दे सकती है.
हर मैच में नया हीरो
राजस्थान की सबसे बड़ी ताकत यह नहीं है कि उसके पास वैभव सूर्यवंशी हैं. उसकी सबसे बड़ी ताकत यह है कि उसे हर मैच में कोई नया हीरो मिला.
टीम ने लीग चरण में 8 मुकाबले जीते और इन जीतों में 7 अलग-अलग खिलाड़ियों ने 'प्लेयर ऑफ द मैच' का पुरस्कार जीता. यह आंकड़ा बताता है कि राजस्थान किसी एक खिलाड़ी पर निर्भर नहीं है.
जब एक टीम के ड्रेसिंग रूम में इतने मैच विनर हों, तो प्लेऑफ में उसका खतरनाक बनना तय है.
... लेकिन सबसे अलग खड़े हैं वैभव
फिर भी अगर किसी एक खिलाड़ी ने राजस्थान की पहचान बदल दी, तो वह वैभव सूर्यवंशी हैं. वह टीम के सबसे ज्यादा रन बनाने वाले बल्लेबाज हैं. सिर्फ यही नहीं, राजस्थान के पावरप्ले प्रभुत्व की सबसे बड़ी वजह भी वही हैं. पूरे टूर्नामेंट में जब RCB और पंजाब किंग्स की आक्रामक बल्लेबाजी की चर्चा हो रही थी, तब राजस्थान ने चुपचाप पावरप्ले में मैच जीतने शुरू कर दिए थे.
सबसे ज्यादा छक्के लगाने वालों में भी वैभव का नाम शामिल रहा. उनकी बल्लेबाजी ने विरोधी कप्तानों की रणनीति बदल दी. नई गेंद से विकेट लेने की योजना बनाने वाले गेंदबाज रन बचाने की कोशिश करते नजर आए. यही बदलाव राजस्थान को प्लेऑफ तक लेकर आया है.
जोफ्रा आर्चर ने लगाई आग
अगर वैभव ने बल्लेबाजी में मैच बदले, तो जोफ्रा आर्चर ने गेंदबाजी में विपक्ष की कमर तोड़ी.
सीजन के अधिकांश हिस्से में आर्चर राजस्थान के सबसे भरोसेमंद गेंदबाज रहे. उनकी रफ्तार, आक्रामकता और नई गेंद से विकेट निकालने की क्षमता ने कई मुकाबलों में राजस्थान को शुरुआती बढ़त दिलाई. स्पिन विभाग ने 30 विकेट लेकर टीम को बीच के ओवरों में मैच में बनाए रखा. युवा यशराज पुंजा ने कई अहम मौकों पर उम्मीद से बढ़कर प्रदर्शन किया.
19 साल के यशराज पुंजा... जब टीम को स्पिन विभाग में नए विकल्प की जरूरत थी, तब उन्होंने उम्मीद से कहीं बेहतर प्रदर्शन किया. कई महत्वपूर्ण मुकाबलों में उनके योगदान ने राजस्थान को संतुलन दिया. बड़े टूर्नामेंट अक्सर ऐसे ही 'अनसंग हीरो' की वजह से जीते जाते हैं.
छोटे योगदान, बड़ा असर
राजस्थान की कहानी सिर्फ स्टार खिलाड़ियों की नहीं है.
पंजाब के खिलाफ पंजाब में जाकर जीत दिलाने वाली डोनोवन फरेरा की पारी हो, या फिर दबाव वाले मुकाबलों में रियान पराग के महत्वपूर्ण रन...हर खिलाड़ी ने सही समय पर अपना योगदान दिया. यही वजह है कि राजस्थान की टीम अब पहले से कहीं ज्यादा संतुलित दिखाई देती है.
अब मुकाबला निजामों से
राजस्थान ने अपनी जगह बना ली है. अब सामने है हैदराबाद (SRH) की चुनौती. राजवाड़ों और निजामों की यह टक्कर सिर्फ दो टीमों का मुकाबला नहीं होगी, बल्कि दो अलग-अलग क्रिकेट दर्शन का संघर्ष होगी. लेकिन राजस्थान के लिए सबसे बड़ी उम्मीद वही किशोर बल्लेबाज है जिसने पूरे सीजन में निडर होकर बल्लेबाजी की है.
15 साल की उम्र में वह सिर्फ रन नहीं बना रहे, बल्कि राजस्थान के सपनों को आगे बढ़ा रहे हैं. और यही वजह है कि प्लेऑफ में बाकी टीमों की सबसे बड़ी टेंशन सिर्फ राजस्थान रॉयल्स नहीं, बल्कि उसका यह स्टार है. क्योंकि अगर वैभव का बल्ला चला, तो राजस्थान की कहानी एलिमिनटेर में नहीं रुकेगी, जो 27 मई को न्यू चंडीगढ़ में है
आजतक स्पोर्ट्स डेस्क