भारत-इंग्लैंड टी20 सीरीज अब ऐसे मोड़ पर आ चुकी है, जहां टीम इंडिया की उम्मीदें एक 15 साल के बल्लेबाज पर टिक गई हैं. मैनचेस्टर में डेब्यू करते हुए पहली ही गेंद पर जोफ्रा आर्चर को छक्का जड़ने वाले वैभव सूर्यवंशी ने सिर्फ 10 गेंदों की छोटी पारी में बता दिया था कि वह बड़े मंच से डरने वाले नहीं हैं. अब मंगलवार को ट्रेंट ब्रिज में होने वाले तीसरे टी20 से पहले भारतीय और विदेशी मीडिया की सबसे ज्यादा नजर अगर किसी खिलाड़ी पर है, तो वह वैभव ही हैं.
भारत के लिए यह मुकाबला 'करो या मरो' जैसा है. पहला मैच बारिश में धुल गया, दूसरा इंग्लैंड जीत चुका है. ऐसे में अगर भारत को सीरीज में वापसी करनी है तो उसे शुरुआत में विस्फोट चाहिए और यही उम्मीद वैभव से लगाई जा रही है.
शॉर्ट बॉल से नहीं डरना, उसी पर कर रहे सबसे ज्यादा मेहनत
इंग्लैंड की सबसे बड़ी योजना वैभव के खिलाफ शॉर्ट पिच गेंदबाजी रहने वाली है. हालांकि यह रणनीति आईपीएल में भी अपनाई जा चुकी है.
सनराइजर्स हैदराबाद (SRH) ने भी वैभव को बाउंसर डालकर फंसाने की कोशिश की थी, लेकिन योजना उलटी पड़ गई. वैभव ने उसी मुकाबले में 29 गेंदों पर 97 रन ठोक दिए थे और विरोधी टीम की रणनीति पूरी तरह ध्वस्त कर दी थी.
अब इंग्लैंड भी वही दांव खेल सकता है. इसलिए वैभव नेट्स में सबसे ज्यादा अभ्यास शॉर्ट गेंदों का ही कर रहे हैं.
खुद बढ़ा रहे हैं मुश्किल... ताकि मैच आसान हो जाए
वैभव की तैयारी का तरीका भी बेहद अलग है. वह सिर्फ सामान्य थ्रोडाउन नहीं ले रहे, बल्कि थ्रोडाउन एक्सपर्ट रघु से खास मांग कर रहे हैं.
उन्होंने रघु से कहा कि पॉपिंग क्रीज से भी आगे आकर बेहद कम दूरी से थ्रोडाउन करें, ताकि गेंद उनके पास ज्यादा तेजी से पहुंचे और उनके रिफ्लेक्स (Reflexes) की असली परीक्षा हो सके.
कम दूरी से आने वाली गेंद बल्लेबाज के पास पलक झपकते पहुंचती है. ऐसे अभ्यास से खिलाड़ी की प्रतिक्रिया क्षमता और शॉर्ट गेंद खेलने की तकनीक दोनों बेहतर होती हैं.
स्पेशल प्रैक्टिस में छाती पर लगी गेंद
इसी कठिन अभ्यास के दौरान एक पल ऐसा भी आया जब रघु के तेज थ्रोडाउन पर गेंद सीधे वैभव की छाती/पसलियों के पास जा लगी. वैभव कुछ देर के लिए घुटने के बल बैठ गए. राहत की बात यह रही कि चोट गंभीर नहीं थी. उन्होंने दोबारा बल्ला उठाया और नेट्स में अभ्यास जारी रखा. इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर भी तेजी से वायरल हो रहा है.
यही तस्वीर बताती है कि भारत का यह किशोर बल्लेबाज तीसरे टी20 के लिए कितनी गंभीर तैयारी कर रहा है.
क्यों सिर्फ वैभव पर टिकी हैं उम्मीदें?
बारिश से धुला पहला मुकाबला छोड़ दें तो भारत लगातार तीन पूरे टी20 मैच हार चुका है. 2021 के बाद पहली बार टीम इंडिया ऐसी स्थिति में पहुंची है. नए कप्तान श्रेयस अय्यर के नेतृत्व में टीम नए संयोजन के साथ प्रयोग कर रही है, लेकिन नतीजे उम्मीद के मुताबिक नहीं आए हैं.
ऐसे में टीम को पावरप्ले में विस्फोटक शुरुआत देने की जिम्मेदारी वैभव और अभिषेक शर्मा पर होगी. अगर वैभव शुरुआती छह ओवरों में वही आक्रामक अंदाज दिखा देते हैं, जिसकी झलक डेब्यू में दिखी थी, तो मैच का पूरा रुख बदल सकता है.
टीम इंडिया में हो सकता है एक बदलाव
भारतीय टीम गेंदबाजी में बदलाव कर सकती है. पिछले मुकाबले में महंगे साबित हुए रवि बिश्नोई की जगह तेज गेंदबाज प्रिंस यादव को मौका मिल सकता है. कप्तान श्रेयस अय्यर के हाथ पर चोट लगी थी, लेकिन उनके खेलने की पूरी संभावना है.
ट्रेंट ब्रिज की पिच कैसी रहेगी?
ट्रेंट ब्रिज को कभी बल्लेबाजों की जन्नत माना जाता था, लेकिन पिछले कुछ वर्षों में यहां गेंदबाजों को भी मदद मिलने लगी है. इस सीजन टी20 ब्लास्ट में पहली पारी का औसत स्कोर करीब 165 रन रहा है. मौसम साफ रहने का अनुमान है, इसलिए एक और हाई-स्कोरिंग मुकाबले की उम्मीद की जा रही है.
अब सवाल सिर्फ एक है- क्या 15 साल का वैभव सूर्यवंशी अपने बल्ले से भारत की डूबती सीरीज को किनारे लगा पाएगा? यही जवाब जानने के लिए पूरे क्रिकेट जगत की नजर ट्रेंट ब्रिज पर टिकी है.
आजतक स्पोर्ट्स डेस्क