11 गेंद... 50 रन... 29 गेंद... 94 रन.
कुछ पारियां सिर्फ स्कोरबोर्ड पर दर्ज नहीं होतीं, वे आने वाले वक्त का संकेत बन जाती हैं. श्रीलंका में 15 साल के वैभव सूर्यवंशी ने ऐसी ही पारी खेली. गेंदबाजों पर ऐसा हमला बोला कि हर तरफ सिर्फ एक ही चर्चा है- यह लड़का रुकने वाला नहीं.
अब वही वैभव भारतीय क्रिकेट के सबसे बड़े मंच की दहलीज पर खड़ा है. अगले चार दिन बाद यानी 26 जून को बेलफास्ट में आयरलैंड के खिलाफ पहला टी20 इंटरनेशनल मुकाबला उनके करियर का सबसे खास दिन बन सकता है. अगर वैभव को प्लेइंग इलेवन में मौका मिलता है, तो वह सिर्फ डेब्यू नहीं करेंगे, बल्कि भारतीय क्रिकेट के इतिहास का एक बड़ा पन्ना बदल देंगे.
श्रीलंका में ए-टीम ट्राई सीरीज वनडे फाइनल में वैभव ने जो किया, वह किसी विस्फोट से कम नहीं था. सामने गेंदबाज थे, लेकिन अंदाज ऐसा जैसे हर गेंद को बाउंड्री पार भेजने का इरादा पहले से तय हो. सिर्फ 29 गेंदों में 94 रन, जिसमें आए 10 चौके और 8 छक्के. सबसे खास बात- उन्होंने सिर्फ 11 गेंदों में अर्धशतक पूरा कर लिया.
यह वही वैभव है, जिसने छोटी उम्र में बड़े मंच पर खेलने का आत्मविश्वास दिखाया है. उनके खेल में सबसे ज्यादा चर्चा जिस चीज की होती है, वह है उनका बेखौफ अंदाज. उम्र भले 15 साल है, लेकिन शॉट खेलने की सोच किसी अनुभवी बल्लेबाज जैसी नजर आती है.
अब बारी है इंटरनेशनल क्रिकेट की
26 जून 2026... बेलफास्ट. भारत बनाम आयरलैंड.
यह तारीख वैभव सूर्यवंशी के नाम हमेशा के लिए दर्ज हो सकती है.
उस दिन उनकी उम्र होगी सिर्फ 15 साल 91 दिन. अगर वह मैदान पर उतरते हैं तो वह भारत के लिए इंटरनेशनल क्रिकेट में डेब्यू करने वाले सबसे कम उम्र के खिलाड़ी बन जाएंगे.
वह महान सचिन तेंदुलकर के 37 साल पुराने रिकॉर्ड को पीछे छोड़ देंगे. सचिन ने 1989 में पाकिस्तान के खिलाफ 16 साल 205 दिन की उम्र में भारत के लिए डेब्यू किया था. अब वैभव के पास उसी रिकॉर्ड को नए सिरे से लिखने का मौका है.
हालांकि दुनिया में सबसे कम उम्र में इंटरनेशनल डेब्यू का रिकॉर्ड रोमानिया के मारियन घेरासिम के नाम है, जिन्होंने 2020 में बुल्गारिया के खिलाफ टी20 इंटरनेशनल मैच में सिर्फ 14 साल 16 दिन की उम्र में डेब्यू किया था.
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हालांकि क्रिकेट में रिकॉर्ड बनना आसान है, लेकिन उसे यादगार बनाना मुश्किल. सचिन ने जिस तरह अपने करियर को महानता तक पहुंचाया, वैभव के सामने भी असली चुनौती अब शुरू होगी.
लेकिन श्रीलंका की पारी ने एक बात जरूर साबित कर दी है- यह किशोर बल्लेबाज दबाव में पीछे हटने वाला नहीं है. वह बड़े मौके का इंतजार नहीं करता, बल्कि मौका मिलते ही उसे अपने अंदाज में बदल देता है.
वैभव जब टीम इंडिया की जर्सी पहनेंगे तो वह भारत के 120वें टी20 इंटरनेशनल खिलाड़ी बन जाएंगे. मगर असली कहानी इसके बाद शुरू होगी. क्योंकि कुछ खिलाड़ी टीम में जगह बनाते हैं...और कुछ खिलाड़ी आते ही उम्मीदें बदल देते हैं.
श्रीलंका में 'RUNबाजी' का ट्रेलर दिख चुका है. अब इंतजार है बेलफास्ट का- जहां वैभव सूर्यवंशी का बल्ला सिर्फ रन बनाएगा या फिर इतिहास भी लिखेगा. 15 साल का तूफान... अब दुनिया के सामने.
आजतक स्पोर्ट्स डेस्क