भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) ने टीम इंडिया के स्पिन विभाग को मजबूत करने के लिए बड़ा फैसला लिया है. बोर्ड ने पूर्व भारतीय क्रिकेटर साईराज बहुतुले को भारतीय पुरुष सीनियर टीम का नया स्पिन बॉलिंग कोच नियुक्त किया है. यह नियुक्ति ऐसे समय में हुई है जब भारतीय टीम आने वाले महीनों में कई अहम अंतरराष्ट्रीय चुनौतियों का सामना करने वाली है.
साईराज बहुतुले भारतीय क्रिकेट में एक जाना-पहचाना नाम हैं. उन्होंने भारत के लिए दो टेस्ट और आठ वनडे मुकाबले खेले थे. हालांकि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उनका करियर लंबा नहीं रहा, लेकिन घरेलू क्रिकेट में उन्होंने लगभग दो दशक तक शानदार प्रदर्शन किया. प्रथम श्रेणी क्रिकेट में बहुतुले ने 6176 रन बनाए और 630 विकेट हासिल किए, जो उन्हें भारतीय घरेलू क्रिकेट के सबसे सफल ऑलराउंडरों में शामिल करता है.
खिलाड़ी के रूप में सफल करियर के बाद बहुतुले ने कोचिंग में भी अपनी अलग पहचान बनाई. उन्होंने विदर्भ, केरल, गुजरात और बंगाल जैसी घरेलू टीमों के हेड कोच के रूप में काम किया. इसके अलावा IPL में राजस्थान रॉयल्स और पंजाब किंग्स के साथ स्पिन बॉलिंग कोच की भूमिका भी निभाई.
भारतीय क्रिकेट के प्रतिभा विकास कार्यक्रम में भी उनका अहम योगदान रहा है. वह 2022 में ICC अंडर-19 पुरुष क्रिकेट विश्व कप जीतने वाली भारतीय टीम के बॉलिंग कोच थे. इसके बाद 2024 अंडर-19 विश्व कप में भी कोचिंग स्टाफ का हिस्सा रहे. उन्होंने इंडिया ए और भारतीय सीनियर टीम के साथ कई दौरों पर स्पेशलिस्ट बॉलिंग कोच के रूप में भी काम किया है.
साईराज बहुतुले 2021 से 2024 तक BCCI की नेशनल क्रिकेट अकादमी (अब सेंटर ऑफ एक्सीलेंस) में कोचिंग सेटअप का महत्वपूर्ण हिस्सा रहे. इस दौरान उन्होंने देश के कई युवा स्पिनरों के विकास में अहम भूमिका निभाई.
नियुक्ति के बाद बहुतुले ने कहा कि भारतीय पुरुष क्रिकेट टीम के स्पिन बॉलिंग कोच के रूप में चुना जाना उनके लिए बेहद सम्मान की बात है. उन्होंने कहा कि भारत का प्रतिनिधित्व खिलाड़ी के रूप में करना उनके जीवन का गर्व भरा पल था और अब कोच के रूप में दोबारा भारतीय क्रिकेट की सेवा करने का अवसर उनके लिए बेहद खास है. उन्होंने भरोसा जताया कि वह खिलाड़ियों के साथ मिलकर सभी प्रारूपों में टीम की सफलता के लिए काम करेंगे.
भारतीय टीम के पास इस समय कई प्रतिभाशाली स्पिनर मौजूद हैं और ऐसे में बहुतुले का अनुभव टीम के लिए काफी उपयोगी साबित हो सकता है. BCCI को उम्मीद है कि उनके मार्गदर्शन में भारतीय स्पिन आक्रमण आने वाले वर्षों में और मजबूत होगा.
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53 साल के साईराज बहुतुले डोमेस्टिक सर्किट में बहुत बड़ा नाम रहे हैं. हालांकि, इंटरनेशनल लेवल पर वो टीम इंडिया के लिए ज्यादा मैच नहीं खेल पाए. अपने जमाने के दिग्गज लेग स्पिनर साईराज ने टीम इंडिया के लिए महज 2 टेस्ट खेले, जहां उन्होंने 3 विकेट लिए और 39 रन बनाए. वहीं 8 वनडे में उनके नाम 2 विकेट ही रहे. साईराज का टेस्ट में डेब्यू ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ 2001 की ऐतिहासिक की टेस्ट सीरीज में चेन्नई में हुआ था.
वहीं साईराज ने 188 फर्स्ट क्लास मैचों में 630 विकेट लिए थे, इसके अलावा 143 लिस्ट ए में उनके नाम 197 विकेट रहे. वह घरेलू क्रिकेट में सबसे ज्यादा मुंबई की टीम से खेले. इसके अलावा वह आंध्र प्रदेश, असम, महाराष्ट्र, विदर्भ की टीम से भी खेले. काउंटी क्रिकेट में उन्होंने सरे की टीम का प्रतिनिधित्व किया.
बहुतुले ने 1 जनवरी 2013 को प्रथम श्रेणी क्रिकेट से संन्यास ले लिया था. जून 2014 में, उन्हें केरल क्रिकेट टीम का कोच नियुक्त किया गया. जुलाई 2015 में, उन्हें बंगाल क्रिकेट टीम के कोच की जिम्मेदारी संभाली. इसके बाद फरवरी 2018 में उन्होंने IPL में राजस्थान रॉयल्स के लिए स्पिन गेंदबाजी कोच की जिम्मेदारी ली. हाल में बीते आईपीएल में वो पंजाब किंग्स के स्पिन बॉलिंंग कोच थे.
1988 में जब सचिन तेंदुलकर और विनोद कांबली ने लॉर्ड हैरिस शील्ड इंटर-स्कूल गेम में शारदाश्रम विद्यामंदिर के लिए 664 रन की अटूट साझेदारी की थी, तब बहुतुले सेंट जेवियर्स हाई स्कूल के गेंदबाजों में से एक थे.
आजतक स्पोर्ट्स डेस्क