बायकॉट के ड्रामे पर पाकिस्तान को झेलनी पड़ेगी कड़वी गोली, ICC के पास ये 5 विकल्प

पाकिस्तानी टीम आईसीसी मेन्स टी20 वर्ल्ड कप 2026 में भारत के खिलाफ 15 फरवरी को होने वाले ग्रुप मैच का बहिष्कार करेगी. आईसीसी ने पाकिस्तान को बायकॉट के इस ड्रामे के लिए कड़ी वॉर्निंग दी है. पाकिस्तान यदि अपने रुख पर अड़ा रहता है, तो उसपर आईसीसी कड़ा एक्शन ले सकती है.

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पाकिस्तानी टीम भारत के खिलाफ मैच का बायकॉट करेगी. (Photo: AP) पाकिस्तानी टीम भारत के खिलाफ मैच का बायकॉट करेगी. (Photo: AP)

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 02 फरवरी 2026,
  • अपडेटेड 7:37 AM IST

पाकिस्तान ने बड़ा फैसला लेते हुए आईसीसी पुरुष टी20 वर्ल्ड कप 2026 में भारत के खिलाफ होने वाले हाई-वोल्टेज ग्रुप मुकाबले का बहिष्कार करने का ऐलान किया है. यह मुकाबला 15 फरवरी को कोलंबो के आर. प्रेमदासा स्टेडियम में खेला जाना है. हालांकि, पाकिस्तानी सरकार ने टीम को टूर्नामेंट के बाकी सभी मैच खेलने की मंजूरी दे दी. यह वैश्विक टूर्नामेंट 7 फरवरी से शुरू हो रहा है और इसका खिताबी मुकाबला 8 मार्च को निर्धारित है.

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पाकिस्तान सरकार का यह फैसला बांग्लादेश को टूर्नामेंट से बाहर किए जाने के विरोध में उठाया गया कदम माना जा रहा है. दरअसल, बांग्लादेश ने सुरक्षा कारणों का हवाला देते हुए भारत की बजाय अपने मैच श्रीलंका में कराने की मांग की थी, जिसे अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट काउंसिल (ICC) ने खारिज कर दिया. इसके बाद आईसीसी ने बांग्लादेश की जगह स्कॉटलैंड को इस टूर्नामेंट में शामिल कर लिया.

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पूरे मामले पर अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट काउंसिल ने कड़ा रुख अपनाते हुए पाकिस्तान को चेतावनी दी है. आईसीसी ने अपने बयान में कहा कि पाकिस्तान सरकार का यह निर्णय वैश्विक क्रिकेट और फैन्स के हित में नहीं है और इसके दूरगामी नतीजे हो सकते हैं. आईसीसी ने यह भी कहा कि वह सरकारों की राष्ट्रीय नीतियों का सम्मान करता है, लेकिन इस तरह का कदम क्रिकेट के वैश्विक इकोसिस्टम को नुकसान पहुंचा सकता है, जिसका पाकिस्तान खुद भी हिस्सा है और लाभ उठाता रहा है.

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अगर पाकिस्तानी टीम टी20 वर्ल्ड कप 2026 में भारत के खिलाफ ग्रुप मैच खेलने से इनकार करती है, तो इसका असर पाकिस्तान क्रिकेट पर बेहद गंभीर पड़ सकता है. आईसीसी इस कदम को टूर्नामेंट की गरिमा और व्यावसायिक हितों के खिलाफ मानते हुए कई कड़े एक्शन ले सकती है, जिससे पाकिस्तान क्रिकेट लगभग तबाह हो सकता है.

आईसीसी की संभावित 5 बड़ी कार्रवाइयां इस प्रकार हैं-

1. पाकिस्तान सुपर लीग (PSL) पर संकट
आईसीसी विदेशी खिलाड़ियों को NOC देने से रोक सकती है. इसके अलावा PSL की आधिकारिक मान्यता भी रद्द की जा सकती है, जिससे लीग की अंतरराष्ट्रीय साख पूरी तरह खत्म हो जाएगी.

2. आईसीसी से मिलने वाला राजस्व रोका जा सकता है
पाकिस्तान को आईसीसी से मिलने वाली करोड़ों रुपये की रेवेन्यू शेयरिंग राशि पर रोक लग सकती है, जो बोर्ड की आर्थिक रीढ़ मानी जाती है.

3. एशिया कप से बाहर किया जा सकता है
आईसीसी और एशियाई क्रिकेट परिषद (ACC) पाकिस्तान को एशिया कप जैसे बड़े टूर्नामेंट से बाहर करने पर विचार कर सकती है. साथ ही वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप के अंकों में कटौती की जा सकती है.

4. द्विपक्षीय सीरीज खेलने पर बैन
पाकिस्तान पर अन्य देशों के साथ द्विपक्षीय सीरीज खेलने पर प्रतिबंध लगाया जा सकता है, जिससे अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में उसकी मौजूदगी सीमित हो जाएगी.

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5. आईसीसी टूर्नामेंट्स की मेजबानी छीनी जा सकती है
भविष्य में होने वाले आईसीसी टूर्नामेंट्स की मेजबानी से पाकिस्तान को वंचित किया जा सकता है, जो देश के क्रिकेट इंफ्रास्ट्रक्चर और छवि के लिए बड़ा झटका होगा.

भारत-पाकिस्तान का मुकाबला किसी भी आईसीसी टूर्नामेंट में सबसे ज्यादा देखा जाने वाला मैच माना जाता है. इस मैच के ना होने से ब्रॉडकास्टर्स को 200 से 250 करोड़ रुपये तक का नुकसान हो सकता है. बताया जा रहा है कि इस मैच के लिए 10 सेकंड के विज्ञापन स्लॉट की कीमत करीब 40 लाख रुपये तक होती है.

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अगर पाकिस्तान टीम 15 फरवरी को मैदान पर नहीं उतरती है, तो भारतीय टीम तय कार्यक्रम के अनुसार श्रीलंका पहुंचेगी. कप्तान सूर्यकुमार यादव टॉस के लिए मैदान पर आएंगे. यदि पाकिस्तान के कप्तान सलमान अली आगा टॉस के लिए नहीं आते हैं, तो मैच रेफरी भारत को वॉकओवर देकर पूरे दो अंक दे देगा.

पाकिस्तान का वर्ल्ड कप अभियान 7 फरवरी को नीदरलैंड्स के खिलाफ शुरू होगा. इसके बाद टीम 10 फरवरी को अमेरिका और 18 फरवरी को नामीबिया से भिड़ेगी. पाकिस्तान के सभी ग्रुप मैच कोलंबो में खेले जाएंगे. पीसीबी से जुड़े एक सूत्र के मुताबिक बोर्ड चेयरमैन मोहसिन नकवी जल्द ही मीडिया के सामने आकर इस पूरे मामले पर विस्तार से जानकारी देंगे. अभी यह साफ नहीं है कि भारत के खिलाफ मैच ना खेलने का फैसला सरकार का एकतरफा निर्णय है या इसमें पीसीबी भी पूरी तरह सहमत है.

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फिलहाल यह भी स्पष्ट नहीं किया गया है कि अगर भारत और पाकिस्तान की टक्कर नॉकआउट मुकाबलों में होती है, तो पाकिस्तान का रुख क्या रहेगा. गौरतलब है कि भारत-पाकिस्तान मुकाबले आईसीसी और एशिया कप जैसे टूर्नामेंट्स में सबसे बड़े राजस्व स्रोत माने जाते हैं. पिछले साल हुए एशिया कप में दोनों टीमों ने यूएई में तीन बार एक-दूसरे का सामना किया था...

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