'विराट को फील्डिंग सजाना और गेंदबाजी बदलना सीखने की जरूरत'

बल्लेबाज के रूप में विराट कोहली इंग्लैंड के 2014 दौरे के बुरे सपने से शानदार तरीके से उबरने में सफल रहे, लेकिन मंगलवार को संपन्न टेस्ट सीरीज से साबित हुआ कि उनकी कप्तानी में अब भी काफी सुधार की गुंजाइश है.

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विराट और गावस्कर विराट और गावस्कर

विश्व मोहन मिश्र

  • नई दिल्ली,
  • 13 सितंबर 2018,
  • अपडेटेड 8:20 PM IST

पूर्व भारतीय कप्तान सुनील गावस्कर को लगता है कि विराट कोहली को इंग्लैंड के खिलाफ हाल में पांच टेस्ट मैचों की सीरीज में मिली 1-4 की निराशाजनक हार के बाद तकनीकी पहलुओं के बारे में ‘काफी कुछ सीखने’ की जरूरत है.

गावस्कर ने इंडिया टुडे न्यूज चैनल से कहा, ‘उसे (विराट) को अभी काफी कुछ सीखने की जरूरत है. जैसे कि हमने पहले दक्षिण अफ्रीका में देखा और अब इंग्लैंड में भी, ऐसे कुछ मौके आए, जब उनके द्वारा सजाए गए क्षेत्ररक्षण या समय पर गेंदबाजी में बदलाव से काफी बड़ा अंतर आ सकता था. फिर से इसकी कमी दिखाई दी. उन्होंने जब से कप्तानी संभाली है, तब से दो साल (उसने चार साल पहले कप्तानी संभाली थी) ही हुए हैं, इसलिए कभी कभार अनुभव की कमी दिखाई देती है.’

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हालांकि लिटिल मास्टर ने एक रिपोर्टर के सवाल पर कोहली की प्रतिक्रिया को तवज्जो नहीं दी, जिसमें इस पत्रकार ने पूछा था कि क्या वह कोच रवि शास्त्री के उस बयान से सहमत हैं, जिसमें उन्होंने कहा था कि यह पिछले 15 साल में विदेश का दौरा करने वाली सर्वश्रेष्ठ टीम है.

यह पूछने पर कि क्या पत्रकार द्वारा पूछा गया यह सवाल ‘जायज’ था तो गावस्कर ने कहा कि उन्हें लगता है कि यह पूछने का समय गलत था. गावस्कर ने कहा, ‘उनसे यह सवाल पूछने का समय गलत था. वह (विराट) हार से काफी आहत होंगे. हो सकता है कि पत्रकार का यह सवाल पूछना जायज हो, लेकिन मुझे नहीं लगता कि कोई भी कप्तान यह कहेगा कि ‘तुम सही हो, लेकिन हम गलत हैं.'

इस महान सलामी बल्लेबाज ने कहा कि किसी को इस घटना को ज्यादा तवज्जो नहीं देना चाहिए. गावस्कर ने कहा, ‘उनकी टीम 1-3 से पिछड़ रही थी और शायद वह इस सीरीज का अंत जीत से करना चाहते थे. मुझे नहीं लगता कि हमें विराट की प्रतिक्रिया को भी ज्यादा तवज्जो देनी चाहिए. यह स्पष्ट था कि जो कुछ भी हुआ, उससे कप्तान निराश थे और शायद उन्होंने उसी लहजे में जवाब दिया.’

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उन्हें यह भी लगता है कि मुख्य कोच शास्त्री का इरादा बीते समय की टीमों को तिरस्कृत करने का नहीं था, बस अपने खिलाड़ियों से बात करने के लिए ऐसा किया गया था. गावस्कर ने कहा, ‘ईमानदारी से कहूं तो, रवि (शास्त्री) ने ऐसा कहा होगा (पिछले 15 साल में दौरा करने वाली सर्वश्रेष्ठ टीम), ताकि टीम का मनोबल बढ़ सके. मुझे नहीं लगता कि वह पिछली टीमों को बेकार बताने की कोशिश कर रहे थे. मेरा मानना है कि कोच की मंशा यह नहीं थी.’

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