एशियन गेम्स में शूटिंग के स्कीट इवेंट में भारत ने बुधवार को डबल ब्रॉन्ज अपने नाम किया. भारतीय महिला और पुरुष स्कीट टीमों ने टीम इवेंट में तीसरा स्थान हासिल किया. खास बात यह रही कि राइजा ढिल्लों, माहेश्वरी चौहान और परिनाज धालीवाल की तिकड़ी ने महिला स्कीट टीम इवेंट में भारत को पहली बार एशियन गेम्स मेडल दिलाया.
तीन दिन तक चले क्वालिफिकेशन राउंड के बाद भारतीय महिला टीम ने कुल 331 अंक जुटाए. चीन ने 357 अंक के साथ गोल्ड और कजाकिस्तान ने 336 अंक के साथ सिल्वर जीता. भारत को ब्रॉन्ज से संतोष करना पड़ा.
राइजा और परिनाज ने 125 में से 111-111 अंक जुटाए, जबकि माहेश्वरी ने 109 अंक बनाए. राइजा और परिनाज के पास अब व्यक्तिगत इवेंट में भी मेडल जीतने का मौका है. दोनों महिला स्कीट के व्यक्तिगत फाइनल के लिए क्वालिफाई कर चुकी हैं. राइजा आठवें और परिनाज नौवें स्थान पर रहीं.
तीनों महिला निशानेबाजों की कहानी क्या है, आइए आपको बताते हैं....
कौन हैं माहेश्वरी चौहान
माहेश्वरी चौहान का जन्म 4 जुलाई 1996 को राजस्थान के सियाना में हुआ. वह एक भारतीय स्कीट शूटर हैं, जो विमेंस स्कीट इवेंट में स्पेशलिस्ट हैं. उन्होंने 15 साल की उम्र में शूटिंग शुरू की, अपने परिवार के खेल के प्रति जुनून से प्रेरित होकर, खासकर अपने दादाजी से, जिनके डेडिकेशन ने उन्हें कॉम्पिटिटिव रूप से शूटिंग करने के लिए मोटिवेट किया. माहेश्वरी ने 17 साल की उम्र में पहली बार ISSF जूनियर वर्ल्ड कप में इंटरनेशनल लेवल पर भारत को रिप्रेजेंट किया. वह अभी एंड्रिया बेनेली (इटली) से केलवा, राजसमंद में अपनी पर्सनल शूटिंग रेंज और नई दिल्ली के डॉ. कर्णी सिंह शूटिंग रेंज में ट्रेनिंग ले रही हैं, और नेशनल चैम्पियनशिप में राजस्थान को रिप्रेजेंट करती हैं.
माहेश्वरी भारत की सबसे काबिल विमेंस स्कीट शूटर्स में से एक हैं और उन्होंने इस डिसिप्लिन में एक लीडिंग रोल निभाया है. 2017 में, वह विमेंस स्कीट में एशियन चैम्पियनशिप मेडल जीतने वाली पहली भारतीय महिला बनीं, उन्होंने कजाकिस्तान में एशियन शॉटगन चैम्पियनशिप में सिल्वर और ब्रॉन्ज़ दोनों मेडल जीते. बाद में उन्होंने ISSF ओलंपिक कोटा क्वालिफिकेशन इवेंट में सिल्वर मेडल जीता, जिसमें उन्होंने 121/125 का नेशनल रिकॉर्ड स्कोर बनाकर भारत के लिए ओलंपिक कोटा पक्का किया. पेरिस 2024 ओलंपिक गेम्स में, उन्होंने भारत की पहली महिला स्कीट टीम का हिस्सा बनकर इतिहास रचा और ओलंपिक मेडल से बस थोड़ा सा चूककर शानदार चौथे स्थान पर रहीं. महिला स्कीट में आठ नेशनल रिकॉर्ड बनाने वाली माहेश्वरी, स्कीट शूटिंग में भारत का पहला ओलंपिक मेडल जीतने और वर्ल्ड चैम्पियन बनने के अपने लंबे समय के लक्ष्य की ओर लगातार कोशिश कर रही हैं, साथ ही भारतीय शॉटगन शूटरों की अगली पीढ़ी को भी प्रेरित कर रही हैं.
कौन हैं राइजा ढिल्लों
राइजा ढिल्लों (जन्म 20 अप्रैल 2004) चंडीगढ़ की एक भारतीय स्कीट शूटर हैं, जो महिला स्कीट इवेंट में स्पेशलिस्ट हैं. उन्होंने 16 साल की उम्र में अपने पिता रविजीत सिंह ढिल्लों से प्रेरित होकर शूटिंग शुरू की, जिनके खेल के प्रति जुनून ने उन्हें इसे कॉम्पिटिटिव रूप से आगे बढ़ाने के लिए मोटिवेट किया. राइजा ने पेरू के लीमा में 2021 ISSF जूनियर वर्ल्ड चैम्पियनशिप में भारत के लिए अपना इंटरनेशनल डेब्यू किया. वह नई दिल्ली के नेशनल सेंटर ऑफ़ एक्सीलेंस (NCOE) में मशहूर इटैलियन कोच रिकार्डो फिलिपेली से ट्रेनिंग लेती हैं और नेशनल चैम्पियनशिप में हरियाणा को रिप्रेजेंट करती हैं.
राइजा इंटरनेशनल स्टेज पर अपने शानदार परफॉर्मेंस के ज़रिए भारत की टॉप महिला स्कीट शूटर्स में से एक बनकर उभरी हैं. उन्होंने 2024 एशियन शॉटगन चैम्पियनशिप में पेरिस 2024 ओलंपिक गेम्स के लिए महिला स्कीट में भारत का पहला ओलंपिक कोटा हासिल करके इतिहास रच दिया. उनकी उपलब्धियों में कुवैत में एशियन ओलंपिक क्वालिफायर और जर्मनी के सुहल और नई दिल्ली में ISSF जूनियर वर्ल्ड कप में सिल्वर मेडल जीतना भी शामिल है. देश में, उन्होंने सीनियर और जूनियर दोनों कैटेगरी में 122/125 का नेशनल रिकॉर्ड बनाया और 2025 नेशनल चैम्पियनशिप में सीनियर महिला स्कीट में गोल्ड मेडल जीता. लॉस एंजिल्स 2028 ओलंपिक गेम्स पर अपनी नज़रें टिकाए हुए, राइजा शॉटगन शूटिंग में भारत की सबसे शानदार खिलाड़ियों में से एक बनी हुई हैं.
राइजा की उपल्ब्धियां
गोल्ड: स्कीट टीम विमेंस जूनियर, ISSF जूनियर वर्ल्ड चैम्पियनशिप, लीमा, पेरू (2021)
सिल्वर: स्कीट विमेंस जूनियर, ISSF जूनियर वर्ल्ड चैम्पियनशिप, चांगवोन, रिपब्लिक ऑफ़ कोरिया (2023)
गोल्ड: स्कीट मिक्स्ड टीम, एशियन चैम्पियनशिप, चांगवोन, रिपब्लिक ऑफ़ कोरिया (2023)
सिल्वर: स्कीट विमेंस जूनियर, एशियन चैम्पियनशिप, चांगवोन, रिपब्लिक ऑफ़ कोरिया (2023)
सिल्वर: स्कीट विमेंस, एशियन चैम्पियनशिप, कुवैत सिटी, कुवैत (2024)
ब्रॉन्ज: स्कीट मिक्स्ड टीम, एशियन चैम्पियनशिप, कुवैत सिटी, कुवैत (2024)
सिल्वर: स्कीट विमेंस जूनियर, ISSF जूनियर वर्ल्ड कप, नई दिल्ली, इंडिया (2025)
सिल्वर: स्कीट महिला जूनियर, ISSF जूनियर विश्व कप, सुहल, जर्मनी (2025)
कौन हैं परिनाज धालीवाल
परिनाज धालीवाल का जन्म 30 नवंबर 2001 को पटियाला में हुआ. वो स्कीट विमेंस, स्कीट टीम और मिक्स्ड टीम स्कीट इवेंट्स में स्पेशलिस्ट हैं. उन्होंने 2015 में न्यू मोती बाग गन क्लब में शूटिंग शुरू की, शुरुआत में ट्रैप ट्राई करने के बाद स्कीट में आ गईं, उन्हें यह डिसिप्लिन ज्यादा चैलेंजिंग और दिलचस्प लगा. जूनियर रैंक में आगे बढ़ने के बाद, परिनाज ने ISSF वर्ल्ड चैम्पियनशिप, ISSF वर्ल्ड कप, ISSF जूनियर वर्ल्ड कप और एशियन गेम्स में भारत को रिप्रेजेंट किया है, और खुद को भारत की टॉप महिला स्कीट शूटर्स में से एक बनाया है. उन्हें ISSF द्वारा लगातार दुनिया की टॉप स्कीट एथलीट्स में गिना जाता रहा है.
परिनाज ने जर्मनी के सुहल में 2022 ISSF जूनियर वर्ल्ड कप में जूनियर विमेंस स्कीट टीम इवेंट में ब्रॉन्ज़ मेडल के साथ अपना पहला ISSF मेडल जीता. बाद में उन्होंने नई दिल्ली (2021) में ISSF वर्ल्ड कप में विमेंस स्कीट टीम इवेंट में सिल्वर मेडल जीता. उन्होंने हांग्जो में 2022 एशियन गेम्स में भारत को रिप्रेजेंट किया, जहाँ भारतीय महिला स्कीट टीम चौथे स्थान पर रही, और इंटरनेशनल सर्किट पर रेगुलर कॉम्पिटिशन करती रहीं, जिसमें ISSF वर्ल्ड चैम्पियनशिप और वर्ल्ड कप में हिस्सा लेना शामिल है.
परिनाज धालीवाल की उपलब्धियां
सिल्वर – स्कीट टीम विमेंस, ISSF वर्ल्ड कप, नई दिल्ली, इंडिया (2021)
ब्रॉन्ज़ – स्कीट टीम विमेंस जूनियर, ISSF जूनियर वर्ल्ड कप, सुहल, जर्मनी (2022)
पुरुष टीम ने भी जीता ब्रॉन्ज
भारत की पुरुष स्कीट टीम ने भी पोडियम पर जगह बनाई. अनंतजीत सिंह नारूका, अनुभवी मैराज अहमद खान और भवतेघ सिंह गिल की टीम ने कुल 346 अंक के साथ ब्रॉन्ज जीता. चीन और कजाकिस्तान के बाद भारत तीसरे स्थान पर रहा. अनंतजीत ने 119, मैराज ने 116 और भवतेघ ने 111 अंक बनाए. अनंतजीत व्यक्तिगत फाइनल के लिए भी क्वालिफाई कर चुके हैं. स्कीट इवेंट में हर निशानेबाज अधिकतम 125 अंक हासिल कर सकता है. इन दो ब्रॉन्ज के साथ शूटिंग रेंज से भारत के खाते में अब चार सिल्वर और तीन ब्रॉन्ज मेडल हो गए हैं.
आजतक स्पोर्ट्स डेस्क