पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर में 7 और 8 जून को हुए खूनी मंजर ने लोगों की सब्र की सीमा पार कर दी है. यह गुस्सा अचानक नहीं आया है बल्कि वर्षों की दबाई हुई भावनाओं का परिणाम है. रक्षा विशेषज्ञों के अनुसार यह अब तक वहां का सबसे हिंसक और संगठित आंदोलन बन चुका है.