क्या सांसद और विधायक का दल बदलना वास्तव में विश्वासघात माना जाना चाहिए. यह सवाल सीधा जनता से पूछा गया था जिसमें 28.9 प्रतिशत लोगों ने हाँ में जवाब दिया. इस विषय पर जनता की सोच जानना बहुत जरूरी है क्योंकि दल बदलना राजनीतिक स्थिरता और जनता के प्रति नेताओं की जिम्मेदारी पर सवाल उठाता है. इस सर्वेक्षण के माध्यम से स्पष्ट होता है कि लोगों की एक बड़ी संख्या इसे गलत मानती है और ऐसे कार्य को विश्वासघात की श्रेणी में रखती है.