इंदौर में लता बाई की अंतिम विदाई की कहानी ने परिवार और रिश्तों पर सवाल खड़े किए हैं. संस्था के मुताबिक, चारों बेटों को मां के निधन की सूचना दी गई, लेकिन वे अंतिम संस्कार में शामिल नहीं हुए. पिछले करीब आठ महीने से वृद्धाश्रम में रह रहीं लता बाई की देखभाल समाजसेवी कर रहे थे. निधन के बाद इन्हीं लोगों ने उनकी पार्थिव देह को सम्मानपूर्वक अंतिम संस्कार स्थल तक पहुंचाया.