अंतरिक्ष में नया इतिहास रचेगा भारत, ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला के इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन जाने की तारीख आई सामने

शुभांशु शुक्ला की भागीदारी ग्लोबल स्पेस रिसर्च में भारत की बढ़ती भूमिका को दिखाती है, जो राकेश शर्मा के नक्शेकदम पर चल रही है, जिन्हें 1984 में अंतरिक्ष में जाने वाले पहले भारतीय बनने का गौरव हासिल है.

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इंडियन एयरफोर्स में पायलट हैं शुभांशु शुक्ला (फोटो: NASA) इंडियन एयरफोर्स में पायलट हैं शुभांशु शुक्ला (फोटो: NASA)

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 02 अप्रैल 2025,
  • अपडेटेड 9:21 PM IST

अंतरिक्ष के क्षेत्र में भारत नया इतिहास रचने जा रहा है. ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला Axiom Mission 4 (Ax-4) के तहत इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन (ISS) की यात्रा करने वाले पहले भारतीय अंतरिक्ष यात्री बनने वाले हैं. अब इस मिशन के लॉन्च की तारीख सामने आई है जिसे नासा के फ्लोरिडा स्थित कैनेडी स्पेस सेंटर से लॉन्च किया जाएगा.

वायुसेना के पायलट हैं शुभांशु

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भारतीय अंतरिक्ष यात्री जो गगनयान मिशन का भी हिस्सा हैं, मई 2025 में कैनेडी स्पेस सेंटर से स्पेश स्टेशन के लिए रवाना होंगे. यह मिशन इंटरनेशन स्पेस रिसर्च में भारत की भागीदारी में एक अहम कदम है. भारतीय वायुसेना (IAF) के अनुभवी पायलट शुभांशु स्पेसएक्स ड्रैगन स्पेसक्राफ्ट पर मिशन पायलट के रूप में काम करेंगे. वह भारत के महत्वाकांक्षी गगनयान ह्यूमन स्पेस फ्लाइट प्रोग्राम के लिए नॉमिनेट हुए अंतरिक्ष यात्री भी हैं.

 

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एक्स-4 मिशन का नेतृत्व नासा की पूर्व अंतरिक्ष यात्री पैगी व्हिटसन करेंगी और पोलैंड से सावोज़ उज़नांस्की-विस्नीवस्की और हंगरी से टिबोर कापू मिशन एक्सपर्ट होंगे. इस 14 दिवसीय मिशन का मकसद माइक्रोग्रेविटी में वैज्ञानिक प्रयोग, एजुकेशनल आउटरीच और कमर्शियल एक्टीविटीज करना है. शुभांशु का प्लान अलग-अलग क्षेत्रों की कलाकृतियां लेकर जाने का है और वह अंतरिक्ष में योग मुद्राएं करके भारत की सांस्कृतिक विरासत को प्रदर्शित करेंगे.

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स्पेस तक प्राइवेट एस्ट्रोनॉट की पहुंच 

शुभांशु शुक्ला की भागीदारी ग्लोबल स्पेस रिसर्च में भारत की बढ़ती भूमिका को दिखाती है, जो राकेश शर्मा के नक्शेकदम पर चल रही है, जिन्हें 1984 में अंतरिक्ष में जाने वाले पहले भारतीय बनने का गौरव हासिल है. नासा, एक्सिओम स्पेस और इसरो के बीच सहयोग, पृथ्वी की लोअर ऑर्बिट तक प्राइवेट एस्ट्रोनॉट की बढ़ती पहुंच को दर्शाता है, जिससे स्थायी अंतरिक्ष रिसर्च का रास्ता तय होगा.

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शुक्ला यात्रा पर निकलते हुए इसे भारत की सामूहिक आकांक्षाओं का प्रतिनिधित्व मानते हैं और उनका कहना है कि अंतरिक्ष की यात्रा करने वाले एक व्यक्ति के रूप में भी यह 140 करोड़ भारतीयों की यात्रा है. इस मिशन के साथ भारत वैश्विक अंतरिक्ष समुदाय में अपनी मौजूदगी को और मजबूत करेगा. साथ ही अंतरिक्ष प्रेमियों और अंतरिक्ष यात्रियों की भावी पीढ़ियों को प्रेरित करेगा. जैसे-जैसे लॉन्च की तारीख नजदीक आ रही है, भारतीयों के बीच अंतरिक्ष इतिहास के इस ऐतिहासिक पल के लिए उत्सुकता बढ़ती जा रही है.

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