Chaitra Navratri 2026: चैत्र नवरात्र के छठे दिन आज करें मां कात्यायनी की पूजा, जानें पूजन विधि और उपाय

Chaitra Navratri 2026: शास्त्रों में माता षष्ठी देवी को भगवान ब्रह्मा की मानस पुत्री माना गया है. इन्हें ही मां कात्यायनी भी कहा गया है, माँ कात्यायनी अमोघ फलदायिनी हैं. भगवान कृष्ण को पतिरूप में पाने के लिए ब्रज की गोपियों ने इन्हीं की पूजा कालिंदी-यमुना के तट पर की थी.

Advertisement
चैत्र नवरात्र के छठे दिन करें मां कात्यायनी की पूजा (Photo: ITG) चैत्र नवरात्र के छठे दिन करें मां कात्यायनी की पूजा (Photo: ITG)

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 24 मार्च 2026,
  • अपडेटेड 7:10 AM IST

Chaitra Navratri 2026: आज चैत्र नवरात्र का छठा दिन है और इस दिन मां दुर्गा के छठे स्वरूप मां कात्यायनी की पूजा होती है. माता कात्यायनी का जन्म महर्षि कात्यायन के घर हुआ था, इसलिए इन्हें कात्यायनी नाम से जाना जाता है. मां की चार भुजाएं होती हैं, जिनमें अस्त्र-शस्त्र और कमल का फूल होता है, और उनका वाहन सिंह है. इन्हें ब्रज मंडल की अधिष्ठात्री देवी माना जाता है. मान्यता है कि ब्रज की गोपियों ने भगवान कृष्ण को पति रूप में पाने के लिए माता कात्यायनी की उपासना की थी.

Advertisement

माता कात्यायनी की पूजा खास तौर पर विवाह से जुड़ी इच्छाओं को पूरा करने के लिए की जाती है. कहा जाता है कि इनकी उपासना करने से योग्य और मनचाहा जीवनसाथी मिलता है. ज्योतिष शास्त्र में बृहस्पति ग्रह, जो विवाह का कारक माना जाता है, उसका संबंध माता कात्यायनी से जोड़ा जाता है. वहीं तंत्र साधना में इनका संबंध आज्ञा चक्र से बताया गया है. अगर किसी कन्या का विवाह नहीं हो रहा है या विवाह में बाधाएं आ रही हैं, तो माता कात्यायनी की पूजा अत्यंत फलदायी मानी जाती है. प्रेम विवाह और सुखद वैवाहिक जीवन के लिए भी इनकी आराधना की जाती है. यहां तक कि कुंडली में विवाह के योग कमजोर हों, तब भी उनकी कृपा से विवाह के रास्ते खुल सकते हैं.

पूजन विधि

माता कात्यायनी की पूजा गोधूलि बेला यानी सूर्यास्त के समय करना शुभ माना जाता है. इस दौरान पीले या लाल वस्त्र धारण करें और माता को पीले फूल, पीली मिठाई और पीला नैवेद्य अर्पित करें. शहद चढ़ाना विशेष रूप से लाभकारी माना जाता है. सुगंधित फूल अर्पित करने से विवाह में आने वाली बाधाएं दूर होती हैं. पूजा के बाद माता के मंत्रों का जप करें या दुर्गा सप्तशती का पाठ करें.

Advertisement

उपाय (शीघ्र विवाह के लिए)

जिन कन्याओं का विवाह नहीं हो रहा है, वे गोधूलि बेला में पीले वस्त्र पहनकर मां के सामने घी का दीपक जलाएं. इसके बाद पीले फूल अर्पित करें और हल्दी की तीन गांठें चढ़ाएं. फिर “कात्यायनी महामाये महायोगिन्यधीश्वरि, नंदगोप सुतं देवि पति मे कुरु ते नमः” मंत्र का कम से कम 108 बार जप करें. पूजा के बाद हल्दी की गांठों को पीले कपड़े में बांधकर अपने पास या बेडरूम में रख लें. इससे विवाह के योग मजबूत होते हैं और मनचाहा जीवनसाथी मिलने की संभावना बढ़ती है.

---- समाप्त ----

Read more!
Advertisement

RECOMMENDED

Advertisement