Vastu Upay: घर में कांच की चीजें रखने का है शौक? सावधान! ये 1 भूल कर देगी कंगाल!

Vastu Tips: क्या आपको भी घर में फैंसी कांच या शीशे की चीजें रखने का शौक है? वास्तु के अनुसार आपकी बस 1 छोटी सी गलती हंसते-खेलते परिवार को बर्बाद कर सकती है. तुरंत जानें क्या हैं नियम!

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वास्तु के अनुसार, घर में जरूरत से ज्यादा शीशे का सामान होना शुभ नहीं माना जाता वास्तु के अनुसार, घर में जरूरत से ज्यादा शीशे का सामान होना शुभ नहीं माना जाता

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 19 जुलाई 2026,
  • अपडेटेड 9:45 AM IST

Vastu Upay: वास्तु शास्त्र में घर की हर एक छोटी-बड़ी चीज का अपना एक विशेष महत्व और ऊर्जा होती है.  इन्हीं चीजों में से एक है शीशा यानी कांच का सामान. आज के आधुनिक होम डेकोर (Home Decor) में कांच के बर्तनों, झूमरों, बड़ी-बड़ी खिड़कियों और शीशों का चलन बहुत तेजी से बढ़ा है.  लेकिन क्या आप जानते हैं कि घर में हद से ज्यादा शीशे का सामान रखना आपके जीवन पर कैसा असर डालता है?

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वास्तु विज्ञान के अनुसार, कांच या शीशे का सीधा संबंध राहु और चंद्रमा से होता है. शीशा जहां सकारात्मक ऊर्जा को कई गुना बढ़ा सकता है, वहीं जरा सी लापरवाही या इसकी अधिकता घर में भयंकर वास्तु दोष भी पैदा कर सकती है.  आइए जानते हैं कि घर में शीशे के सामान को लेकर वास्तु शास्त्र के क्या नियम हैं. 

1. क्या घर में ज्यादा शीशा होना शुभ है? 
वास्तु के अनुसार, घर में जरूरत से ज्यादा शीशे का सामान होना शुभ नहीं माना जाता.  कांच स्वभाव से नाजुक और संवेदनशील होता है. घर में बहुत अधिक कांच की चीजें होने से भ्रम की स्थिति पैदा होती है और घर के सदस्यों के बीच मानसिक तनाव बढ़ता है. अत्यधिक शीशा घर की सकारात्मक ऊर्जा को अवशोषित (Absorb) करने के बजाय उसे अनियंत्रित तरीके से रिफ्लेक्ट करने लगता है, जिससे परिवार में अशांति का माहौल बन सकता है.

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2. टूटे या चटके हुए कांच से बढ़ती है कंगाली 
कई बार लोग कांच के बर्तनों या डेकोरेशन पीस के थोड़ा सा चटक जाने या टूटने पर भी उन्हें घर में रखे रहते हैं. वास्तु शास्त्र में इसे सबसे बड़ा दोष माना गया है. टूटा हुआ कांच सीधे तौर पर दुर्भाग्य और कंगाली को बुलावा देता है. इससे घर में नकारात्मक ऊर्जा (Negative Energy) का संचार इतनी तेजी से होता है कि बनते हुए काम भी बिगड़ने लगते हैं, पैसों की तंगी शुरू हो जाती है.

3. शीशे के सामान के लिए सही दिशा 

यदि आप घर में शीशे का सामान, एक्वेरियम या बड़ा मिरर लगा रहे हैं, तो दिशा का ध्यान रखना बेहद जरूरी है. वास्तु के अनुसार, कांच की चीजों को हमेशा घर की उत्तर (North) या पूर्व (East) दिशा में रखना चाहिए. ये दिशाएं जल तत्व और कुबेर देव से जुड़ी हैं, इसलिए यहाँ शीशा रखने से सुख-समृद्धि बढ़ती है. भूलकर भी दक्षिण (South) या पश्चिम (West) दिशा में भारी कांच का सामान या शीशा न लगाएं, इससे तरक्की में रुकावट आती है.

4. बेडरूम में कांच की चीजें 
बेडरूम में बहुत अधिक कांच का सामान या ऐसा शीशा जिसमें सोते समय आपका शरीर दिखाई दे, वास्तु के लिहाज से बेहद अशुभ है. ऐसा होने से पति-पत्नी के रिश्तों में कड़वाहट आने के साथ स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं (Health Issues) घेर लेती हैं. यदि बेडरूम में ड्रेसिंग टेबल का शीशा हटाना मुमकिन न हो, तो सोते समय उसे किसी कपड़े से ढक दें.

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5. कैसा होना चाहिए शीशा? 
घर में हमेशा चौकोर (Square) या आयताकार (Rectangle) शीशे का ही इस्तेमाल करना चाहिए. वास्तु के नियमों के अनुसार गोल (Round) या अजीबोगरीब डिजाइन वाले नुकीले कांच के सामान घर में नकारात्मकता फैलाते हैं. इसके अलावा, घर का कांच हमेशा साफ होना चाहिए, उस पर धूल या धुंधलापन जमने से भाग्य भी धुंधला होने लगता है.

क्या करें उपाय?
अगर आपके घर में कांच का सामान बहुत ज्यादा है, तो ध्यान रखें कि उनमें से कोई भी गंदा या टूटा हुआ न हो. अगर किसी कांच की चीज से आपको घर में नकारात्मकता महसूस हो रही है, तो उसे तुरंत हटा दें.  सीमित मात्रा में और सही दिशा में रखा गया शीशा ही आपके घर में खुशहाली और बरकत लाता है!

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