गोल्डन टेम्पल में सोने की बढ़ेगी चमक, बर्मिंघम से आया जत्था

गोल्डन टेम्पल में देश-विदेश से बड़ी संख्या में श्रद्धालु माथा टेकने आते हैं. गुरुवार से सच्चखंड श्री हरमंदिर साहिब में सोने के आवरण की चमक को उसके मूल स्वरूप में लाने के लिए कार सेवा शुरू हुई है.

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खुशदीप सहगल

  • नई दिल्ली,
  • 16 मार्च 2017,
  • अपडेटेड 8:55 PM IST

गोल्डन टेम्पल में देश-विदेश से बड़ी संख्या में प्रतिदिन श्रद्धालु माथा टेकने आते हैं. गुरुवार से सच्चखंड श्री हरमंदिर साहिब में सोने के आवरण की चमक को उसके मूल स्वरूप में लाने के लिए कार सेवा शुरू हुई है. बर्मिंघम से आए 'गुरु नानक निष्काम सेवा जत्था' को कार सेवा की जिम्मेदारी सौंपी गई है. इस काम में शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (एसजीपीसी) की ओर से पूरा सहयोग किया जा रहा है.

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सोने की चमक को बढ़ाने के लिए किसी रसायन का नहीं बल्कि रीठे के पानी का इस्तेमाल किया जा रहा है. सोने की चमक अपने सही स्वरूप में जब तक नहीं पहुंचती तब तक इस रीठे के पानी से धोने की प्रक्रिया को बार-बार दोहराया जाएगा. ये कार सेवा 10 दिन तक चलने की संभावना है.

बर्मिंघम से आए 'गुरु नानक निष्काम सेवक जत्था' के सदस्य सुखबीर सिंह ने बताया कि अब ये कार सेवा हर साल की जाएगी. जत्थे के 20 सदस्य सुबह 8 बजे से शाम 6 बजे तक सोने की धुलाई कर रहे हैं. सोने की चमक को बढ़ाने की सेवा पहली बार 1999 में शुरू की गई थी. तब से अब तक 15 बार ये सेवा हो चुकी है.

सच्चखंड श्री हरमंदिर साहिब आने वाले श्रद्धालुओं की व्यवस्था देखने वाले अतिरिक्त प्रबंधक सुखराज सिंह ने बताया कि सोने की चमक पर वायु प्रदूषण के असर को रोकने के लिए कई कदम उठाए गए हैं. इसके लिए प्रदूषण मापक यंत्र लगाने के साथ परिसर के आस-पास पेट्रोल-डीजल गाड़ियों के आने पर भी रोक लगाई गई है.

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