July Mahagochar: 16 जुलाई 2026 की रात 11:39 बजे ग्रहों के राजा सूर्य देव मिथुन राशि को छोड़कर कर्क राशि में प्रवेश कर रहे हैं. कर्क राशि में देवगुरु बृहस्पति पहले से ही विराजमान हैं, जिससे यहां सूर्य और गुरु की दुर्लभ युति का निर्माण हो रहा है. ज्योतिष शास्त्र में यह संयोग अत्यंत प्रभावशाली माना जाता है.
क्या है गुरु-आदित्य और महालक्ष्मी राजयोग?
गुरु-आदित्य राजयोग: जब सूर्य (आत्मा और पिता के कारक) और गुरु (ज्ञान और भाग्य के कारक) एक ही राशि में मिलते हैं, तो गुरु-आदित्य राजयोग बनता है. यह योग व्यक्ति को समाज में मान-सम्मान, नेतृत्व क्षमता और अटूट सफलता प्रदान करने के लिए जाना जाता है.
महालक्ष्मी राजयोग: सूर्य और गुरु की युति से कई बार कुंडली में महालक्ष्मी राजयोग जैसी परिस्थितियां भी सक्रिय हो जाती हैं, जो विशेष रूप से भौतिक सुख-सुविधाओं, धन-संपत्ति और समृद्धि में वृद्धि करती हैं. जब ये दोनों शुभ ग्रह अनुकूल स्थिति में होते हैं, तो व्यक्ति के आर्थिक संकट दूर होने लगते हैं.
इन राशियों के लिए रहेगा विशेष लाभदायक
मेष राशि: यह युति आपकी सुख-सुविधाओं के चौथे भाव में बन रही है. जमीन, मकान या वाहन खरीदने का सपना पूरा हो सकता है. परिवार में खुशहाली आएगी. पैतृक संपत्ति से धन लाभ के प्रबल योग हैं.
मिथुन राशि: धन भाव (दूसरे भाव) में सूर्य-गुरु का मिलन आपकी आर्थिक स्थिति को मजबूती देगा. अटका हुआ पैसा वापस मिल सकता है. वाणी में प्रभाव बढ़ने से व्यापारिक सौदों में जबरदस्त मुनाफा होने की संभावना है.
कर्क राशि: गोचर आपकी ही राशि में हो रहा है, जिससे आपका आत्मविश्वास चरम पर होगा. कार्यक्षेत्र में पद-प्रतिष्ठा बढ़ेगी, नौकरीपेशा लोगों को प्रमोशन मिल सकता है . वैवाहिक जीवन में मधुरता आएगी.
सावधानी और उपाय
यद्यपि यह युति अत्यंत शुभ है, लेकिन साथ ही सूर्य-राहु का षडाष्टक योग और केतु का द्विद्वादश योग भी बन रहा है, जो कुछ राशियों के लिए करियर या पारिवारिक मोर्चे पर मामूली चुनौतियां पैदा कर सकता है. ऐसे में संयम और धैर्य से काम लेना बेहतर होगा.
विशेष उपाय:
नियमित अर्घ्य: जल में लाल फूल, रोली और अक्षत मिलाकर सूर्य देव को नियमित अर्घ्य दें.
मंत्र जाप: जल अर्पित करते समय "ॐ घृणि सूर्याय नमः" मंत्र का जाप करें.
दान: रविवार के दिन मंदिर में दीपक जलाएं या जरूरतमंदों को भोजन कराएं.
रंगों का चुनाव: शुभ फल पाने के लिए लाल या नारंगी रंग के वस्त्र धारण करना अत्यंत फलदायी माना गया है.
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