Surya Gochar: सूर्य देव ने मिथुन राशि से निकलकर कर्क राशि में प्रवेश कर लिया है. ज्योतिष शास्त्र में सूर्य के इस राशि परिवर्तन को संक्रांति कहा जाता है. सूर्य 17 अगस्त तक इसी राशि में गोचर करेंगे. कर्क एक जल तत्व की राशि है और इसके स्वामी चंद्रमा हैं, जो सूर्य के मित्र ग्रह हैं. मित्र की राशि में सूर्य का यह गोचर सभी 12 राशियों के जीवन में महत्वपूर्ण प्रभाव डाल सकता है.
सूर्य गोचर 2026: सभी 12 राशियों पर प्रभाव
मेष राशि: चतुर्थ भाव में सूर्य का गोचर पारिवारिक जीवन में उथल-पुथल ला सकता है; माता के स्वास्थ्य का विशेष ध्यान रखें, हालांकि कार्यक्षेत्र में मान-सम्मान के योग हैं.
वृषभ राशि: तृतीय भाव में स्थित सूर्य आपके साहस और आत्मविश्वास में वृद्धि करेगा; यात्राएं लाभप्रद होंगी. सरकारी काम आसानी से पूरे होंगे.
मिथुन राशि: द्वितीय भाव में सूर्य का होना आर्थिक मामलों में सावधानी बरतने का संकेत है; वाणी में संयम रखें ताकि परिवार में विवाद न हो.
कर्क राशि: अपनी ही राशि में सूर्य का गोचर आपके व्यक्तित्व को निखारेगा. सामाजिक दायरा बढ़ाएगा, पर अहंकार और गुस्से पर नियंत्रण रखें.
सिंह राशि: द्वादश भाव में सूर्य के कारण खर्चों में अचानक बढ़ोतरी हो सकती है. विदेश व्यापार से जुड़े लोगों के लिए समय अच्छा है, लेकिन स्वास्थ्य का ध्यान रखें.
कन्या राशि: एकादश भाव में सूर्य का गोचर बेहद शुभ है. आय के नए स्रोत बनेंगे . प्रभावशाली लोगों से संबंध मजबूत होंगे.
तुला राशि: दशम भाव में सूर्य करियर में बड़ी सफलता दिला सकता है. नौकरीपेशा लोगों को प्रमोशन या ट्रांसफर का लाभ मिल सकता है.
वृश्चिक राशि: नवम भाव में सूर्य का गोचर धार्मिक कार्यों में रुचि बढ़ाएगा. पिता के मार्गदर्शन से मुश्किलें हल होंगी. भाग्य का साथ मिलेगा.
धनु राशि: अष्टम भाव में सूर्य सेहत के प्रति सावधान रहने की सलाह देता है. किसी भी बड़े निवेश से अभी बचना बेहतर होगा.
मकर राशि: सप्तम भाव में सूर्य के प्रभाव से जीवनसाथी के साथ मतभेद हो सकते हैं. साझेदारी के व्यापार में दस्तावेज अच्छी तरह जांच लें.
कुंभ राशि: छठे भाव में सूर्य आपको राहत देगा; गुप्त शत्रु परास्त होंगे . कोर्ट-कचहरी के मामलों में विजय मिल सकती है.
मीन राशि: पंचम भाव में सूर्य छात्रों को अधिक मेहनत के लिए प्रेरित करेगा. रचनात्मक कार्यों से जुड़े लोगों को अपनी प्रतिभा दिखाने का बेहतर अवसर मिलेगा.
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