Shani Vakri Dhaiya Effect 2026: न्यायप्रिय और कर्मफल दाता शनि देव का ज्योतिष में विशेष स्थान है. शनि जब भी अपनी चाल बदलते हैं, चाहे वह राशि परिवर्तन हो, नक्षत्र परिवर्तन हो या वक्र दृष्टि, उसका असर हर व्यक्ति के जीवन पर गहराई से पड़ता है. द्रिक पंचांग के अनुसार, 27 जुलाई यानी आज शनि देव अपनी वक्री चाल शुरू करने जा रहे हैं. शनि देव जब वक्री यानी उल्टी चाल अवस्था में गोचर करेंगे, तो इसका सीधा और मुख्य प्रभाव उन राशियों पर देखने को मिलेगा जिन पर शनि की ढैय्या चल रही है.
वैदिक ज्योतिष के अनुसार, वक्री अवस्था में शनि की शक्ति और प्रभाव कई गुना बढ़ जाते हैं. ऐसे में ढैय्या से पीड़ित राशियों के जातकों को विशेष सावधानी और सतर्कता बरतने की आवश्यकता होती है.
किन राशियों पर है शनि की ढैय्या?
सिंह राशि (Leo): सिंह राशि के जातकों पर शनि की अष्टम ढैय्या चल रही है.
धनु राशि (Sagittarius): धनु राशि के जातकों पर शनि की चतुर्थ ढैय्या चल रही है.
शनि वक्री का ढैय्या वाली राशियों पर प्रभाव
सिंह राशि (Leo)- अष्टम ढैय्या का प्रभाव
शनि का आपके आठवें भाव में वक्री होना जीवन में कुछ अचानक उतार-चढ़ाव और चुनौतियां ला सकता है. स्वास्थ्य को लेकर विशेष लापरवाही न बरतें. पेट, जोड़ों या पुरानी बीमारियों की समस्या परेशान कर सकती है. किसी भी नए या जोखिम भरे निवेश से बचें. गुप्त शत्रुओं से सावधान रहने की जरूरत है. बनते काम अंतिम समय पर अटक सकते हैं. मेहनत का फल मिलने में थोड़ा विलंब हो सकता है. यदि आप शोध, गुप्त विद्याओं या ज्योतिष के क्षेत्र से जुड़े हैं, तो आपको अचानक सफलता मिल सकती है.
धनु राशि (Sagittarius) - चतुर्थ ढैय्या का प्रभाव
चौथे भाव में वक्री शनि पारिवारिक सुख और सुख-सुविधाओं के साधनों को प्रभावित करते हैं. माता के स्वास्थ्य की चिंता रह सकती है. घर-परिवार में सदस्यों के साथ तालमेल बिठाने में दिक्कत आ सकती है. मन में बेवजह की चिंता, आलस्य और अशांति का अनुभव हो सकता है. भूमि, मकान या वाहन की खरीद-बिक्री में दस्तावेज की जांच-परख अच्छे से करें. जल्दबाजी में फैसला न लें. जो लोग विदेश जाकर पढ़ाई या नौकरी करना चाहते हैं, उनके लिए रास्ते खुल सकते हैं.
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