कोटा में पानी-पूरी खाने से 115 बच्चे बीमार, उल्टी-दस्त की शिकायत, 12 अस्पताल में भर्ती

राजस्थान के कोटा जिले के पोलाई खुर्द गांव में पानी-पूरी खाने के बाद करीब 115 बच्चे बीमार पड़ गए. बच्चों को उल्टी, दस्त और पेट दर्द की शिकायत हुई, जबकि 12 बच्चों को अस्पताल में भर्ती कराया गया. प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग ने गांव में मेडिकल कैंप लगाकर इलाज शुरू कराया. खाद्य सुरक्षा विभाग ने पानी-पतासी और पानी के नमूने जांच के लिए भेजे हैं. फिलहाल अधिकांश बच्चों की हालत स्थिर है और जांच रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है.

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करीब 115 बच्चों को उल्टी, दस्त और पेट दर्द की शिकायत हुई. Photo ITG करीब 115 बच्चों को उल्टी, दस्त और पेट दर्द की शिकायत हुई. Photo ITG

चेतन गुर्जर

  • कोटा,
  • 15 जुलाई 2026,
  • अपडेटेड 11:12 PM IST

कोटा जिले के दीगोद उपखंड के सिमलिया क्षेत्र स्थित पोलाई खुर्द गांव में पानी-पतासी खाने के बाद बड़ी संख्या में बच्चे बीमार पड़ गए. करीब 115 बच्चों को उल्टी, दस्त और पेट दर्द की शिकायत हुई, जिससे गांव में हड़कंप मच गया. इनमें से 12 बच्चों की हालत को देखते हुए उन्हें सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) सिमलिया में भर्ती कराया गया, जबकि अन्य बच्चों का इलाज गांव में लगाए गए स्वास्थ्य शिविर में किया जा रहा है.

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मामले की सूचना मिलते ही प्रशासन और चिकित्सा विभाग की टीमें गांव पहुंच गईं. उपखंड अधिकारी दीपक महावर और बीसीएमओ डॉ. राजेश सामर ने मौके पर पहुंचकर हालात का जायजा लिया. उनके निर्देश पर 108 एम्बुलेंस के साथ दो मेडिकल टीमें गांव भेजी गईं और प्रभावित बच्चों का तत्काल उपचार शुरू कराया गया.

स्थिति की गंभीरता को देखते हुए गांव में विशेष मेडिकल कैंप लगाया गया है. एएनएम और आशा सहयोगिनियां घर-घर जाकर सर्वे कर रही हैं, ताकि किसी भी प्रभावित बच्चे का इलाज छूट न जाए. स्वास्थ्य विभाग लगातार मरीजों की निगरानी कर रहा है.

घटना की जानकारी मिलने पर कोटा सीएमएचओ डॉ. नरेंद्र नागर भी पोलाई खुर्द पहुंचे और चिकित्सा व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया. उन्होंने अधिकारियों को सभी प्रभावित बच्चों को समय पर इलाज उपलब्ध कराने के निर्देश दिए.

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प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि पानी-पतासी बेचने वाला व्यक्ति शोली गांव का रहने वाला है. इसके बाद खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने मौके पर पहुंचकर पानी-पतासी में इस्तेमाल की गई खाद्य सामग्री और पानी के सैंपल लिए. जिस स्थान से पानी भरा गया था, वहां से भी पानी के नमूने लेकर जांच के लिए भेजे गए हैं.

बीसीएमओ डॉ. राजेश सामर ने बताया कि मंगलवार रात से ही बच्चों के अस्पताल पहुंचने का सिलसिला शुरू हो गया था. फिलहाल अधिकांश बच्चों की हालत स्थिर है और चिकित्सा विभाग पूरी स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है. जांच रिपोर्ट आने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि बच्चों की तबीयत बिगड़ने की वास्तविक वजह क्या थी.

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