इंदौर ट्रक हादसा: पुलिस बोली- हद से ज्यादा शराब के नशे में था ड्राइवर, आग लगने के बाद भी नहीं रोका वाहन

Indore truck accident: ट्रक ड्राइवर गुलशेर ने पहले 2 और 3 पहिया वाहनों को टक्कर मारी, फिर रास्ते में आने वाले हर पैदल यात्री और वाहन को कुचलता चला गया. हादसे में एक बाइक सवार ट्रक के पहियों के नीचे फंस गया और संभवतः बाइक का पेट्रोल टैंक फटने से आग लग गई.

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इस ट्रक ने कुचल डाली 3 जिंदगियां.(File Photo:PTI) इस ट्रक ने कुचल डाली 3 जिंदगियां.(File Photo:PTI)

aajtak.in

  • इंदौर,
  • 17 सितंबर 2025,
  • अपडेटेड 6:59 PM IST

MP News: इंदौर की एक बिजी सड़क पर पैदल यात्रियों को कुचलने वाले ट्रक ड्राइवर ने तय सीमा से करीब 7 गुना ज्यादा शराब पी रखी थी. ट्रक चालक गुलशेर (50) को गिरफ्तार कर लिया गया है और जांच से पता चला है कि मूल रूप से धार जिले का रहने वाला यह ड्राइवर घटना के समय बहुत ज्यादा नशे में था.

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दरअसल, सोमवार रात एरोड्रम रोड पर हुए इस भीषण हादसे में तीन पैदल यात्रियों की मौत हो गई और 10 से ज़्यादा लोग घायल हो गए थे. इस मामले में अतिरिक्त पुलिस आयुक्त अमित सिंह ने बताया कि आमतौर पर चालकों के खून में अल्कोहल की अधिकतम सीमा 0.03 प्रतिशत हो सकती है - यानी प्रति 100 मिलीलीटर खून में 30 मिलीग्राम अल्कोहल. हालांकि, उन्होंने बताया कि इस भीषण हादसे में शामिल ट्रक चालक के खून में प्रति 100 मिलीलीटर रक्त में 200 मिलीग्राम से ज्यादा अल्कोहल पाया गया.

अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त राजेश दंडोतिया ने बताया कि 8 पहिया मालवाहक ट्रक चला रहे गुलशेर के खिलाफ बीएनएस की धारा 105 (गैर इरादतन हत्या) और 110 (गैर इरादतन हत्या का प्रयास) के साथ-साथ मोटर वाहन अधिनियम की धारा 185 (शराब के नशे में गाड़ी चलाना) के तहत मामला दर्ज किया गया है।

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दंडोतिया ने बताया कि आरोपी ने पहले व्यस्त एरोड्रम रोड पर कुछ दोपहिया और तिपहिया वाहनों को टक्कर मारी और फिर सड़क पर अपने सामने आने वाले हर पैदल यात्री और वाहन को टक्कर मारता रहा.

पुलिस अधिकारी ने कहा, "टक्कर के बाद एक मोटर चालक अपनी मोटरसाइकिल सहित ट्रक के अगले पहियों के नीचे फंस गया और संभवतः दोपहिया वाहन का पेट्रोल टैंक फट गया और उसमें आग लग गई. इसके बावजूद, आरोपी ट्रक चलाता रहा. जब ट्रक आखिरकार रुका, तो स्थानीय निवासियों ने मोटरसाइकिल सवार के शव को ट्रक के पहियों के नीचे से निकाला."

बचे हुए लोग सदमे में थे. एक प्राइवेट अस्पताल में भर्ती अशोक गोपालानी (71) ने बताया, "हम छोटा बांगड़दा से राजबाड़ा ऑटो-रिक्शा से जा रहे थे. ट्रैफिक सिग्नल पर लाल बत्ती होने के कारण हमारा तिपहिया वाहन रुका हुआ था, तभी पीछे से एक ट्रक ने हमें टक्कर मार दी और आगे निकल गया. इस वजह से हम ऑटो-रिक्शा में फंस गए."

बुजुर्ग ने बताया, "स्थानीय लोगों की मदद से ऑटो-रिक्शा चालक ने दरवाज़ा तोड़कर मेरी बेटी और पोते को बाहर निकाला और हमें अस्पताल पहुंचाया."

मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने घोषणा की है कि 2 साल के बच्चे और अन्य राहगीरों की जान बचाने में तत्परता दिखाने वाले ऑटो-रिक्शा चालक अनिल कोठारी और पुलिस कांस्टेबल पंकज यादव को पुरस्कृत किया जाएगा.

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मुख्यमंत्री ने मंगलवार को इंदौर का दौरा किया, जहां उन्होंने अस्पतालों में भर्ती घायलों से मुलाकात की.उन्होंने तीनों मृतकों के परिवारों को 4-4 लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की.

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