इंदौर की पहली महिला MBBS 'डॉक्टर दादी' को मिला पद्मश्री

डॉक्टर भक्ति यादव को चिकित्सा के क्षेत्र में उनके अतुलनीय योगदान के लिए पद्मश्री से नवाजा जा रहा है.

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डॉक्टर भक्त‍ि यादव डॉक्टर भक्त‍ि यादव

रवीश पाल सिंह

  • इंदौर ,
  • 25 जनवरी 2017,
  • अपडेटेड 11:09 PM IST

इंदौर में रहने वाली डॉक्टर दादी एक ऐसा नाम है जिसे इंदौर शहर में शायद ही कोई ऐसा हो जो ना जानता हो. जी हां...हम बात कर रहे हैं 91 साल की गायनकोलाजिस्ट डॉक्टर भक्ति यादव की जो इंदौर में डॉक्टर दादी के नाम से भी पहचानी जाती हैं. बुधवार को घोषित हुए पद्मश्री अवार्ड की सूची में डॉक्टर दादी भक्ति यादव का नाम शामिल है.


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भक्ति यादव को चिकित्सा के क्षेत्र में उनके अतुलनीय योगदान के लिए पद्मश्री से नवाजा जा रहा है. पिछले 68 सालों से भक्ति यादव मुफ्त में महिलाओं का प्रसव करा रहीं हैं. भक्ति अबतक हज़ारों महिलाओं की नॉर्मल डिलि‍वरी करा चुकी हैं और कभी किसी से फीस नहीं ली. साल 1952 में भक्ति यादव इंदौर की पहली महिला MBBS डॉक्टर बनी और तब से अब तक महिलाओं का मुफ्त इलाज कर रहीं हैं. परदेसीपुरा के पास क्लर्क कॉलोनी में रहने वाली डॉक्टर भक्ति यादव अब 91 साल की हो गई हैं. लेकिन डॉक्टर यादव अभी भी दिन में कुछ एक मरीजों को देख लेती हैं.

सिर्फ इंदौर ही नहीं बल्कि उज्जैन, देवास, रतलाम जिलों से भी महिलाएं सामान्य प्रसव के लिए डॉक्टर भक्ति यादव के पास आती हैं.

डॉक्टर भक्ति यादव को पद्मश्री मिलना ये दिखाता है कि यदि मन में कुछ कर गुजरने की इच्छा हो तो उम्र और सेहत कभी आड़े नहीं आती और भक्ति यादव वाकई में लोगों के लिए एक मिसाल हैं.

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