Indian queens hair care secrets: रानी-महारानियों के घने-लंबे बालों का ये था सीक्रेट! इन देसी चीजों से रखती थीं केयर

प्राचीन काल में भारतीय रानी-महारानियों के बाल काफी मजबूत-घने और काले हुआ करते थे. उस समय कोई केमिकल वाले प्रोडक्ट नहीं मिलते थे तो वे कौन से शुद्ध प्राकृतिक चीजों का इस्तेमाल करती थीं. इस बारे में स्टोरी में जानेंगे.

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रानी-महारनियों के बाल काफी घने और चमकदार हुआ करते थे. (Photo: AI Generated) रानी-महारनियों के बाल काफी घने और चमकदार हुआ करते थे. (Photo: AI Generated)

आजतक लाइफस्टाइल डेस्क

  • नई दिल्ली,
  • 17 जून 2026,
  • अपडेटेड 9:00 AM IST

बालों का झड़ना, टूटना और बेजान होना, आजकल हर किसी के लिए काफी बड़ी समस्या बना हुआ है. इससे बचने के लिए लोग महंगे-महंगे शैम्पू, कंडीशनर और हेयर स्पा पर हजारों रुपये खर्च करते हैं लेकिन फिर भी कई लोगों को फायदा नहीं मिलता. लेकिन क्या आपने कभी सोचा है, जब ये केमिकल वाले प्रोडक्ट्स नहीं थे, तब भारतीय रानियों के बाल इतने घने, लंबे और खूबसूरत कैसे होते थे? कई किताबों में रानी-महारानियों के सौंदर्य का वर्णन जब किया गया है तो उसमें भी उनके बालों की तारीफ की गई है.  

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दरअसल, रानी-महारानियां के चमकदार बालों का राज पूरी तरह आयुर्वेद और प्राकृतिक जड़ी-बूटियों में छिपा है. वे अपने बालों की देखभाल के लिए खास नेचुरल ऑप्शंस का इस्तेमाल करती थीं जो बिना किसी साइड इफेक्ट के बालों को पोषण देते थे. वो तरीके क्या होते थे, इस बारे में आप भी जान लीजिए.

चंपी और नेचुरल ऑयल्स का जादू

बताया जाता है कि प्राचीन काल में रानियों के हेयर केयर रूटीन में तेल मालिश यानी चंपी को सबसे ज्यादा अहमियत दी जाती थी. बालों को मजबूत और डैंड्रफ फ्री रखने के लिए वे नीम के तेल और नारियल तेल का कॉम्बिनेशन इस्तेमाल करती थीं. नारियल तेल बालों को अंदर से मॉइश्चराइज करता था जबकि नीम अपने एंटी-बैक्टीरियल गुणों के कारण स्कैल्प को इन्फेक्शन से बचाता था.

वोग की एक रिपोर्ट के मुताबिक, प्राचीन भारतीय चंपी या हेयर ऑयलिंग थेरेपी न सिर्फ स्कैल्प में ब्लड सर्कुलेशन बढ़ाती है बल्कि बालों के फॉलिकल्स को जरूरी न्यूट्रिएंट्स देकर उन्हें जड़ों से मजबूत बनाती थी.

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आंवला, शिकाकाई और हिना का कमाल

बालों को धोने और उन्हें नेचुरल कंडीशनिंग देने के लिए रानियां आंवला, रीठा और शिकाकाई के पाउडर का मिक्चर तैयार करती थीं. यह एक नेचुरल शैम्पू की तरह काम करता था जो बालों की गंदगी साफ करने के साथ उनकी नेचुरल चमक बनाए रखता था. 

आंवला विटामिन सी और फैटी एसिड से भरपूर होता है जो बालों को समय से पहले सफेद होने से रोकता है और हेयर ग्रोथ को तेजी से बढ़ावा देता है. इसके अलावा रानियों के बालों को खूबसूरत रंग और मजबूती देने के लिए मेहंदी भी लगाई जाती थी.

मोरिंगा और संब्रानी धूप का सीक्रेट

रानियों के लंबे बालों का एक और बड़ा सीक्रेट था मोरिंगा (सहजन) की पत्तियां. मोरिंगा के पेस्ट को बालों में मास्क की तरह लगाया जाता था क्योंकि इसमें भरपूर प्रोटीन और विटामिंस होते हैं जो बेजान बालों में जान भर देते हैं.

इसके साथ ही बाल धोने के बाद उन्हें सुखाने और महकाने के लिए संब्रानी धूप (एक खास तरह का प्राकृतिक लोबान) का इस्तेमाल किया जाता था.

गीले बालों को संब्रानी के धुएं से सुखाया जाता था जिससे बालों में खुशबू बस जाती थी और स्कैल्प की नमी के कारण होने वाले फंगल इन्फेक्शन का खतरा भी पूरी तरह खत्म हो जाता था.

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