उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद शहर का पीतल दुनिया में प्रसिद्ध है लेकिन दाल मुरादाबादी भी पीछे नहीं है. वहां की मशहूर दाल साधारण पीली दाल से बिल्कुल अलग होती है जो दाल कम और चाट ज्यादा है. ये रेसिपी धुली हुई मूंग दाल से बनती है और इसे चाट की तरह कुल्हड़ में परोसा जाता है. इसके ऊपर मक्खन, कटी हुई प्याज, हरी मिर्च, भुना जीरा, चटपटी हरी चटनी और क्रिस्पी पापड़ी डाली जाती है.
यह दाल इतनी गाढ़ी, मलाईदार और स्वादिष्ट होती है कि मुरादाबाद और दिल्ली-NCR की शादियों और स्ट्रीट फूड स्टॉल्स पर इसे खाने के लिए लोगों की लंबी लाइनें लगती हैं. यह स्वाद में जितनी लाजवाब है, सेहत के लिए उतनी ही हल्की और पौष्टिक भी है. मक्खन, नींबू, तीखी हरी चटनी और क्रिस्पी पापड़ी से सजी यह गाढ़ी पीली दाल स्वाद और सेहत दोनों से भरपूर होती है.
इस दाल के लिए आपको चाहिए होंगी ये चीजें
धुली मूंग दाल: 1 कप (अच्छी तरह धोकर 30 मिनट के लिए पानी में भीगी हुई)
पानी: 3.5 से 4 कप
कद्दूकस किया हुआ अदरक: 1 बड़ा चम्मच
बारीक कटी हरी मिर्च: 2
हींग: ½ छोटा चम्मच
नमक: स्वादानुसार
हल्दी पाउडर: मात्र एक चुटकी (पारंपरिक हल्का पीला रंग रखने के लिए)
शाही टॉपिंग और सर्विंग के लिए:
अमूल बटर या शुद्ध देसी घी: आवश्यकतानुसार (दिल खोलकर)
भुना हुआ जीरा पाउडर: 1 छोटा चम्मच
काला नमक और चाट मसाला: स्वादानुसार
पीली मिर्च पाउडर (या कुटी लाल मिर्च): स्वादानुसार (मुरादाबाद में पारंपरिक रूप से पीली मिर्च का इस्तेमाल होता है)
तीखी हरी चटनी: 2 चम्मच
बारीक कटी प्याज और हरा धनिया: सजाने के लिए
नींबू का रस: 1 बड़ा चम्मच
क्रश की हुई पापड़ी या दालमोठ: सर्व करते समय ऊपर से क्रंच देने के लिए
बनाने का तरीका
यहां हम आपको इस डिश को बनाने की स्टेप बाइ स्टेप प्रॉसेस बता रहे हैं जिसे फॉलो करते हुए आप दाल मुरादाबादी बना सकते हैं.
दाल को उबालें: एक प्रेशर कुकर में भीगी हुई मूंग दाल, 4 कप पानी, नमक, एक चुटकी हल्दी, कद्दूकस किया अदरक, बारीक कटी हरी मिर्च और हींग डालें. मध्यम आंच पर 3 से 4 सीटी आने तक इसे अच्छे से उबाल लें ताकि दाल पूरी तरह सॉफ्ट हो जाए.
दाल की घुटाई है जरूरी: कुकर का प्रेशर खत्म होने पर ढक्कन खोलें. उबलते वक्त जो सफेद झाग आया है उसे हटा दें. अब एक मथनी या कड़छी की मदद से दाल को लगातार 3-4 मिनट तक अच्छी तरह घोटें. दाल मुरादाबादी की खासियत यही है कि यह एकदम स्मूद, मलाईदार और गाढ़ी होनी चाहिए. इसमें दाल के दाने अलग से नजर नहीं आने चाहिए.
धीमी आंच पर पकाएं: घोटने के बाद दाल को दोबारा गैस पर बेहद धीमी आंच पर 8-10 मिनट के लिए पकने दें. जैसे-जैसे यह पकेगी, इसके ऊपर एक पतली मलाईदार परत जमने लगेगी, जो इसके स्वाद को और बढ़ा देती है. अगर दाल बहुत ज्यादा थिक लगे, तो इसमें थोड़ा सा उबलता पानी मिला लें.
कुल्हड़ में करें सर्व: अब इस उबलती हुई गरमा-गरम दाल को मिट्टी के कुल्हड़ या सर्विंग बाउल में निकालें.
मसालें डालें: दाल के ऊपर सबसे पहले ढेर सारा मक्खन या पिघला हुआ देसी घी डालें. फिर भुना जीरा पाउडर, काला नमक, चाट मसाला और मुरादाबादी स्टाइल पीली या लाल मिर्च पाउडर छिड़कें.
चटपटा ट्विस्ट: ऊपर से तीखी हरी चटनी डालें, बारीक कटा प्याज और हरा धनिया सजाएं. आखिर में आधा नींबू निचोड़ें और ढेर सारी क्रिस्पी पापड़ी को हाथों से क्रश करके ऊपर से डालें. आपकी शाही इतिहास वाली दाल मुरादाबादी चाट तैयार है, इसे गरमा-गरम ही परोसें.
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