संदेशखाली मामले पर बंगाल सरकार को सुप्रीम कोर्ट से झटका, सीबीआई करती रहेगी जांच

संदेशखाली मामले की सीबीआई जांच पर रोक लगाने से इंकार करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि जांच रोकने का कोई औचित्य नहीं है. सुप्रीम कोर्ट ने पश्चिम बंगाल सरकार से बड़ा सवाल पूछा कि राज्य किसी व्यक्ति को बचाने की कोशिश क्यों कर रहा है. 

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संदेशखाली मामले पर सुप्रीम कोर्ट की टिप्पणी. संदेशखाली मामले पर सुप्रीम कोर्ट की टिप्पणी.

संजय शर्मा

  • नई दिल्ली,
  • 08 जुलाई 2024,
  • अपडेटेड 4:05 PM IST

संदेशखाली मामले पर ममता सरकार को सुप्रीम कोर्ट से झटका लगा है, इस मामले में कलकत्ता हाईकोर्ट द्वारा सीबीआई जांच कराए जाने के फैसले के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट पहुंची राज्य सरकार की याचिका को सुप्रीम कोर्ट ने खारिज कर दिया. पश्चिम बंगाल सरकार को सुप्रीम कोर्ट ने बड़ा झटका देते हुए कहा कि संदेशखाली मामले में सीबीआई जांच चलती रहेगी.

संदेशखाली कांड की सीबीआई जांच पर रोक लगाने से इंकार करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि जांच रोकने का कोई औचित्य नहीं है. अदालत में सुनवाई के दौरान पश्चिम बंगाल सरकार के वकील अभिषेक मनु सिंघवी ने कहा कि 43 एफआईआर राशन घोटाले मे दाखिल कर दी गई है. राजनीतिक वजहों से इसे बढ़ा चढाकर बताया जा रहा है. सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि कलकत्ता हाईकोर्ट की टिप्पणियों से जांच प्रभावित नहीं होनी चाहिए. सुप्रीम कोर्ट ने पश्चिम बंगाल सरकार से बड़ा सवाल पूछा कि राज्य किसी व्यक्ति को बचाने की कोशिश क्यों कर रहा है. 

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हाईकोर्ट के फैसले को चुनौती

दरअसल, पश्चिम बंगाल सरकार, कलकत्ता हाईकोर्ट के उस फैसले को चुनौती देने के लिए सुप्रीम कोर्ट पहुंची, जिसमें कलकत्ता उच्च न्यायालय ने संदेशखाली मामले की जांच सीबीआई से कराने का निर्देश दिया था. सुप्रीम कोर्ट में इस मामले की सुनवाई जस्टिस वी आर गवई और जस्टिस केवी विश्वनाथन की बेंच कर रही थी. 

5 जनवरी 2024 को ये मामला तब सामने आया था, जब प्रवर्तन निदेशालय (ED) की टीम राशन घोटाले मामले में टीएमसी नेता शाहजहां शेख के ठिकाने पर छापेमारी करने संदेशखाली पहुंची थी. जिस पर शाहजहां शेख के समर्थकों ने हमला कर दिया गया था. 

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