कुवैत, कतर, बहरीन जैसे देशों में ट्रेन क्यों नहीं चलती, ये है कारण

कुवैत, कतर और बहरीन जैसे देश तेल और गैस से समृद्ध हैं. यहां के शहरों में अत्याधुनिक अर्बन इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलेप किया गया है. इन देशों ने अर्बन मॉर्डनाइजेशन के हर स्टैंडर्ड को पूरा करते हुए अपने शहरों को सजा रखा है, लेकिन ताज्जुब की बात ये है कि यहां रेलवे जैसी जरूरी सुविधाएं नहीं हैं. आखिर ऐसा कैसे हो सकता है और इसकी वजह किया है.

Advertisement
इन अमीर देशों में नहीं चलती है कोई ट्रेन (Photo - Pexels) इन अमीर देशों में नहीं चलती है कोई ट्रेन (Photo - Pexels)

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 30 जून 2026,
  • अपडेटेड 2:19 PM IST

खाड़ी देश तेल और गैस की वजह से काफी अमीर हैं. कुवैत, कतर और बहरीन जैसे देशों की शहरों में चौड़ी, साफ-सुथरी सड़कें, चमचमाती गगनचुंबी इमारतें, अल्ट्रा मॉर्डन फैसिलिटीज, वो सब कुछ है जो इनके शान- शौकत को बखूबी दिखाता है. ये  देश इतने अमीर हैं, जहां की सड़कों पर सुपर कार फर्राटे भरती दिखाई देती हैं.अब तो फ्लाइंग टैक्सी जैसी सर्विस भी आने वाली. फिर भी इन देशों में ट्रेन नहीं दिखाई देती. 

Advertisement

कुवैत, कतर, बहरीन, यमन और ओमान ऐसे देश हैं जहां के लोगों ने ट्रेन क्या होती, उन्हें पता ही नहीं है. ऐसे में सवाल उठता है कि आखिर इन देशों में ऐसा क्या है कि आर्थिक रूप से मजबूत होने के बावजूद ट्रेन का परिचालन नहीं होता है.  

ट्रेन नहीं होने का क्या है कारण
कुवैत, कतर और बहरीन जैसे देशों में कोई आंतरिक राष्ट्रीय ट्रेन नेटवर्क  या लंबी दूरी की यात्री रेलगाड़ियां नहीं चलती हैं. इसकी मुख्य वजह इन देशों का छोटा भौगोलिक आकार है. यहां की आबादी काफी सीमित है.  तेल पर लोग ज्यादा निर्भर हैं. देशों का आकार छोटा होने की वजह से लोग कम दूरी के लिए सफर करते हैं. 

इसके लिए शानदार सड़कें बनाई गईं हैं. इनके पास अत्यधिक धन और आधुनिक एक्सप्रेसवे हैं, इसलिए व्यक्तिगत कारें और बसें परिवहन  का मुख्य साधन हैं. एक देश से दूसरे देश जाने के लिए भी लोग कार और बस से सफर कर लेते हैं.  इस वजह से रेल नेटवर्क की जरूरत नहीं पड़ती. 

Advertisement

यह भी पढ़ें: बाजार से दीवारें ले आओ, उन्हें लगा लो, बन गया मकान! चीन में ऐसे बनते हैं घर

हालांकि,लंबी दूरी की ट्रेनें न होने के बावजूद, इन देशों ने शहरी परिवहन को आसान बनाने के लिए शानदार मेट्रो नेटवर्क विकसित किए हैं.  उदाहरण के लिए, कतर में  दोहा मेट्रो  सफलतापूर्वक चल रही है.

2030 तक इन देशों में ट्रेन चलने की उम्मीद
खाड़ी देशों में सऊदी और यूएई में पहले से एक रेलनेटवर्क है और वहां के लोग एक शहर से दूसरे शहर जाने आने के लिए हाईस्पीड ट्रेन और इंटरसिटी का इस्तेमाल करते हैं.  अब बाकी के गल्फ कंट्रीज को एक दूसरे को जोड़ने के लिए एक नए रेलवे प्रोजेक्ट शुरू करने की घोषणा की है. इसका नाम  GCC (गल्फ को-ऑपरेशन काउंसिल) रेलवे प्रोजेक्ट है. इसके तहत कुवैत, कतर, बहरीन, सऊदी अरब, संयुक्त अरब अमीरात और ओमान को आपस में जोड़ने के लिए 2,117 किलोमीटर लंबी एक विशाल गल्फ रेलवे परियोजना  का निर्माण चल रहा है.

यह भी पढ़ें: कितना सस्ता पड़ता है प्लास्टिक का सरिया? हल्का, मगर डबल मजबूती

2030 तक इस रेलवे परियोजना के पूरा होने का दावा किया जा रहा है. गल्फ रेलवे अथॉरिटी ने घोषणा की है कि वर्तमान योजनाओं के अनुसार यह परियोजना दिसंबर 2030 तक पूरी हो जाएगी, और हालिया अपडेट से पता चलता है कि इस महत्वाकांक्षी सीमा पार नेटवर्क पर 50 प्रतिशत काम पूरा हो चुका है. 

Advertisement

यह भी पढ़ें: नंबर-14607.... पाकिस्तान में सालों से क्यों खड़ी है ये भारत की ट्रेन? ये है वजह

इसके तहत कतर से लोग ट्रेन के जरिए बहरीन, कुवैत, ओमान होते हुए सऊदी अरब और संयुक्त अरब अमीरात की यात्रा कर सकेंगे. इस महात्वाकांक्षी योजना के माध्यम से इन सभी छह देशों को एक नेटवर्क  में जोड़ा जाएगा, जो समुद्र के ऊपर बने पुलों के जरिये बहरीन और कतर तक पहुंचेगा. यह प्रोजेक्ट 2030 तक पूरा होने की उम्मीद है. सऊदी और यूएई को छोड़कर बाकी चार देशों में अभी तक ट्रेन नहीं चल रही है. 

---- समाप्त ----

Read more!
Advertisement

RECOMMENDED

Advertisement
Latest News in Hindi »