इन दिनों पाकिस्तान की इजरायल को लेकर पासपोर्ट पॉलिसी चर्चा में है. जब से अमेरिकी राष्ट्रपति ने अब्राहम एकॉर्ड में शामिल होने को लेकर पाकिस्तान पर दबाव डाला है. तब से इजरायल को लेकर पाकिस्तान का नजरिया और उसकी पासपोर्ट नीति पर चर्चा शुरू हो गई है.
कयास यह भी लगाए जा रहे हैं कि अगर पाकिस्तान इजरायल के साथ रिश्ते सामान्य करने को लेकर समझौते में शामिल होता है तो क्या उसे अपने पासपोर्ट में बदलाव करना पड़ा सकता है. ऐसे में जानते हैं कि आखिर पाकिस्तान के पासपोर्ट में इजरायल को लेकर ऐसा क्या लिखा है, जिस पर इतनी चर्चा हो रही है. सोशल मीडिया पर भी पाकिस्तानी पासपोर्ट की तस्वीरें खूब वायरल हो रही है.
दरअसल, पाकिस्तान के पासपोर्ट में इजरायल को लेकर साफ लिखा है कि पाकिस्तान का पासपोर्ट इजरायल की यात्रा के लिए वैध नहीं है. हाल ही में, पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने यह बात कही थी कि पाकिस्तान के पासपोर्ट में तो इजरायल का नाम तक नहीं है. इजरायल को लेकर पाकिस्तान का रुख साफ है.
पाकिस्तान और बांग्लादेश इजरायल को मान्यता ही नहीं देते हैं. यही वजह है कि उन्होंने अपने पासपोर्ट तक में इस बात का जिक्र कर रखा है. पाकिस्तानी पासपोर्ट में साफ लिखा है - यह पासपोर्ट दुनिया के सभी देशों में यात्रा के लिए वैध है, सिर्फ इजरायल को छोड़कर.
पाकिस्तानी पासपोर्ट पर लिखे ये शब्द इन दिनों सोशल मीडिया पर भी काफी वायरल हो रही हैं. खासकर जब से ट्रंप ने पाकिस्तान को संयुक्त अरब अमीरात और बहरीन जैसे देशों की तरह इजरायल के साथ सुलह समझौते में शामिल होने की बात कही है.
अमेरिका का कहना है कि पाकिस्तान भी इजरायल के साथ सुलह वाले अब्राहम समझौते में शामिल हो जाए. जबकि, पाकिस्तान ने अपने पासपोर्ट पर यह लिखकर काफी पहले से इजरायल को मान्यता नहीं देने का अपना रुख स्पष्ट कर रखा है. पाकिस्तान की तरह बांग्लादेश के पासपोर्ट पर भी इजरायल के लिए ठीक वही शब्द लिखे हुए हैं.
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अब जब अमेरिका ने पाकिस्तान पर अब्राहम समझौते में शामिल होने का दबाव डाला है, तो ऐसे में कयास लगाए जा रहे हैं कि क्या पाकिस्तान आने वाले समय में इजरायल को लेकर अपने पासपोर्ट में बदलाव कर सकता है.
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