क्या है 'विंग चुन' या 'चिन ना'? जो चीन की एयर होस्टेस के लिए सीखना है जरूरी

चीन में एयर होस्टेस को 'विंग चुन' या 'चिन ना' की ट्रेनिंग लेना जरूरी होता है. ऐसे में सवाल उठता है कि आखिर ये है क्या? जिसे सीखना चीन की एयर होस्टेस के लिए जरूरी माना जाता है.

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चीन में एयर होस्टेस को कई तरह की ट्रेनिंग लेनी होती है, इनमें विंग चुन' या 'चिन ना' भी शामिल होता है (Photo - ITG) चीन में एयर होस्टेस को कई तरह की ट्रेनिंग लेनी होती है, इनमें विंग चुन' या 'चिन ना' भी शामिल होता है (Photo - ITG)

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 02 जून 2026,
  • अपडेटेड 5:38 PM IST

हवाई जहाज में सफर करते समय आपने एयर होस्टेस को यात्रियों की मदद करते, खाना परोसते या सुरक्षा निर्देश देते जरूर देखा होगा. लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि कुछ एयर होस्टेस मार्शल आर्ट की ट्रेनिंग भी लेती हैं?

चीन में ऐसा ही होता है. वहां की कुछ एयरलाइंस अपने केबिन क्रू को खास तरह की मार्शल आर्ट सिखाती हैं, ताकि किसी आपात स्थिति में वे खुद की रक्षा कर सकें और विमान में मौजूद सुरक्षा कर्मियों की मदद भी कर सकें.'विंग चुन' या 'चिन ना' ऐसा ही एक मार्शल आर्ट है, जिसकी ट्रेनिंग लेना चीन की सभी एयर होस्टेस के लिए जरूरी होता है.  

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 क्या है 'चिन ना'?
'चिन ना' चीन की पारंपरिक मार्शल आर्ट का हिस्सा है. इसका मतलब होता है- पकड़ना और नियंत्रित करना. इस तकनीक में किसी व्यक्ति को बिना ज्यादा चोट पहुंचाए काबू करने के तरीके सिखाए जाते हैं.

इसमें हाथों की पकड़, जोड़ों को लॉक करना, विरोधी को संतुलन से गिराना और उसकी गतिविधियों को सीमित करना शामिल होता है. पुलिस और सुरक्षा बलों में भी इस तरह की तकनीकों का इस्तेमाल किया जाता है.

एयर होस्टेस को क्यों सिखाई जाती है?
चीन की एयरलाइन चाइना ईस्टर्न एयरलाइंस का मानना है कि विमान में किसी झगड़े, हिंसक यात्री या सुरक्षा खतरे की स्थिति में फ्लाइट अटेंडेंट सबसे पहले सामने आते हैं. ऐसे में अगर उन्हें बुनियादी आत्मरक्षा और किसी व्यक्ति को नियंत्रित करने की ट्रेनिंग हो, तो वे न सिर्फ अपनी सुरक्षा कर सकते हैं बल्कि हवाई पुलिस और सुरक्षा गार्डों को स्थिति संभालने के लिए जरूरी समय भी दे सकते हैं.

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'विंग चुन' क्या है?
विंग चुन भी चीन की एक मशहूर मार्शल आर्ट शैली है. इसे दुनिया भर में पहचान तब मिली जब प्रसिद्ध मार्शल आर्टिस्ट और अभिनेता ब्रूस ली ने इसे सामने लाया. विंग चुन में तेज रिएक्शन, कम दूरी से हमला रोकना और कम ताकत में प्रभावी बचाव करना सिखाया जाता है. यह तकनीक शरीर की ताकत से ज्यादा सही समय और सही मूवमेंट पर आधारित होती है.

दूसरी एयरलाइंस भी देती हैं ऐसी ट्रेनिंग
चाइना ईस्टर्न अकेली एयरलाइन नहीं है जो अपने केबिन क्रू को मार्शल आर्ट सिखाती है. हांगकांग एयरलाइंस ने भी अपने नए केबिन क्रू के लिए विंग चुन की ट्रेनिंग को जरूरी बनाया था.

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हालांकि कई एयरलाइंस अभी भी पारंपरिक सुरक्षा प्रशिक्षण को ही पर्याप्त मानती हैं. उनका कहना है कि केबिन क्रू को सुरक्षा संबंधी हालात से निपटने के लिए पहले से ही विशेष प्रशिक्षण दिया जाता है.

सिर्फ सेवा नहीं, सुरक्षा भी जिम्मेदारी
आज एयर होस्टेस की भूमिका केवल यात्रियों की सुविधा तक सीमित नहीं है. विमान में मौजूद यात्रियों और चालक दल की सुरक्षा भी उनकी जिम्मेदारियों का महत्वपूर्ण हिस्सा है.

इसी वजह से कुछ एयरलाइंस अब सेल्फ डिफेंस और मार्शल आर्ट जैसी ट्रेनिंग को भी अपने प्रशिक्षण कार्यक्रम में शामिल कर रही हैं, ताकि किसी भी अप्रत्याशित स्थिति का बेहतर तरीके से सामना किया जा सके.

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