हरिद्वार: मनसा देवी मंदिर में बिना जेब वाला कुर्ता पहनेंगे पुजारी, राम मंदिर चढ़ावा चोरी के बाद बड़ा फैसला

हरिद्वार के मां मनसा देवी मंदिर ट्रस्ट ने चढ़ावे में पारदर्शिता के लिए बड़ा फैसला लिया है. अब ड्यूटी के दौरान पुजारी बिना जेब वाले कुर्ते पहनेंगे और सात सदस्यीय समिति चढ़ावे, साफ-सफाई व व्यवस्थाओं की निगरानी करेगी. गड़बड़ी मिलने पर एफआईआर तक की कार्रवाई होगी. एक बार चढ़ाया गया प्रसाद दोबारा नहीं चढ़ाया जाएगा. ट्रस्ट अध्यक्ष रवींद्र पुरी ने कहा कि यह कदम श्रद्धालुओं का विश्वास बनाए रखने और मंदिर को विवादों से दूर रखने के लिए उठाया गया है.

Advertisement
पुजारियों के लिए विशेष यूनिफॉर्म तैयार कराई जाएगी. Photo ITG पुजारियों के लिए विशेष यूनिफॉर्म तैयार कराई जाएगी. Photo ITG

मुदित अग्रवाल

  • हरिद्वार,
  • 06 जुलाई 2026,
  • अपडेटेड 8:37 PM IST

उत्तराखंड के हरिद्वार के प्रसिद्ध मां मनसा देवी मंदिर में चढ़ावे की व्यवस्था को पूरी तरह पारदर्शी बनाने के लिए मंदिर ट्रस्ट ने बड़ा फैसला लिया है. अब मंदिर में ड्यूटी करने वाले सभी पुजारी बिना जेब वाले कुर्ते पहनकर ही सेवा देंगे, ताकि कोई भी पुजारी चढ़ावे की राशि अपनी जेब में न रख सके. इसके साथ ही मंदिर में आने वाले चढ़ावे, साफ-सफाई और व्यवस्थाओं की निगरानी के लिए सात सदस्यीय समिति का गठन किया गया है. समिति के सदस्यों को शपथ भी दिलाई गई है और साफ कर दिया गया है कि किसी भी तरह की गड़बड़ी मिलने पर संबंधित व्यक्ति के खिलाफ सख्त कार्रवाई, यहां तक कि एफआईआर भी दर्ज कराई जाएगी.

Advertisement

इस नई व्यवस्था की घोषणा सोमवार को मां मनसा देवी मंदिर ट्रस्ट के अध्यक्ष श्रीमहंत डॉ. रवींद्र पुरी महाराज ने मंदिर परिसर में की. उन्होंने कहा कि इस पहल का उद्देश्य मंदिर की व्यवस्थाओं में पूरी पारदर्शिता लाना और श्रद्धालुओं के विश्वास को और मजबूत करना है.

रवींद्र पुरी महाराज ने कहा कि वर्तमान समय में देश के बड़े-बड़े सनातन मंदिरों और मठों को बदनाम करने की कोशिश की जा रही है. उन्होंने आरोप लगाया कि सोशल मीडिया पर मंदिरों को लेकर भ्रामक वीडियो और आरोप फैलाए जाते हैं. ऐसे में मंदिर प्रशासन ने तय किया है कि किसी भी तरह की आशंका या विवाद की गुंजाइश खत्म करने के लिए निगरानी व्यवस्था को और मजबूत बनाया जाए.

पुजारियों के लिए विशेष यूनिफॉर्म तैयार कराई जाएगी
उन्होंने बताया कि सात पुजारियों की समिति मंदिर में चढ़ावे की निगरानी करेगी और यह सुनिश्चित करेगी कि कोई भी पुजारी चढ़ावे की राशि अपनी जेब में न रखे. यदि कोई ऐसा करता हुआ पाया गया तो उसके खिलाफ तत्काल कार्रवाई होगी और जरूरत पड़ने पर एफआईआर भी दर्ज कराई जाएगी. उन्होंने कहा कि आने वाले दो-तीन दिनों में सभी पुजारियों के लिए बिना जेब वाली विशेष यूनिफॉर्म तैयार कराई जाएगी और ड्यूटी के दौरान सभी को वही पहननी होगी.

Advertisement

चढ़ाया गया प्रसाद दोबारा नहीं चढ़ाया जाएगा
रवींद्र पुरी महाराज ने यह भी कहा कि मंदिर में प्रसाद और पूजा सामग्री को लेकर भी सख्त नियम लागू किए गए हैं. अब मंदिर में एक बार चढ़ाया गया नारियल, फूल या कोई भी प्रसाद दोबारा नहीं चढ़ाया जाएगा. उन्होंने कहा कि रीसाइकिल प्रसाद की परंपरा पर पूरी तरह रोक लगा दी गई है, ताकि श्रद्धालुओं के बीच किसी तरह का भ्रम या अविश्वास पैदा न हो.

उन्होंने बताया कि नवगठित समिति केवल चढ़ावे की निगरानी ही नहीं करेगी, बल्कि मंदिर की साफ-सफाई, व्यवस्थाओं और आगामी कांवड़ मेले की तैयारियों पर भी नजर रखेगी. कांवड़ यात्रा के दौरान लाखों श्रद्धालुओं के आने की संभावना को देखते हुए समिति को विशेष जिम्मेदारियां दी गई हैं.

राम मंदिर में चढ़ावे को लेकर सामने आए विवाद का जिक्र करते हुए रवींद्र पुरी महाराज ने कहा कि कई बार किसी कर्मचारी या पुजारी की गलती का ठीकरा संस्था के प्रमुख पर फोड़ दिया जाता है. उन्होंने कहा कि जैसे किसी ड्राइवर या पुजारी के हर व्यवहार की जानकारी हमेशा प्रमुख व्यक्ति को नहीं हो सकती, उसी तरह किसी व्यक्ति की व्यक्तिगत गलती के लिए संस्था प्रमुख को जिम्मेदार ठहराना उचित नहीं है. उन्होंने श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय का समर्थन करते हुए कहा कि उन्हें गलत तरीके से निशाना बनाया गया.

Advertisement

उन्होंने कहा कि मंदिर प्रशासन का उद्देश्य केवल इतना है कि श्रद्धालुओं का विश्वास बना रहे, मंदिर की गरिमा सुरक्षित रहे और मंदिर का हर पैसा उत्तराखंड तथा समाज के हित में पारदर्शी तरीके से खर्च हो. इसके लिए निगरानी समिति नियमित रूप से काम करेगी, सीसीटीवी कैमरों के माध्यम से भी निगरानी रखी जाएगी और किसी भी तरह की अनियमितता मिलने पर तत्काल कार्रवाई की जाएगी.

---- समाप्त ----

Read more!
Advertisement

RECOMMENDED

Advertisement
Latest News in Hindi »