UP के 1.3 करोड़ किसान पीएम किसान योजना के लाभ से रह सकते हैं वंचित

यूपी में करोड़ों किसानों की जानकारी केंद्र सरकार के पोर्टल पर गलत अपलोड की गई है. पोर्टल पर दर्ज नाम उनके आधार कार्ड पर लिखे नाम से मेल नहीं खा रहे हैं. अगर यह गड़बड़ी ठीक नहीं होती है तो किसानों को अपनी चौथी किस्त में मिलने वाले 2,000 रुपयों से वंचित रहना पड़ सकता है.

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (फोटो-ANI) प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (फोटो-ANI)

नीलांशु शुक्ला

  • लखनऊ,
  • 24 नवंबर 2019,
  • अपडेटेड 9:59 AM IST

  • केंद्र सरकार के पोर्टल पर किसानों का विवरण गलत
  • आधार कार्ड से नहीं मिल पोर्टल पर दर्ज किसानों के नाम
  • 1.3 करोड़ किसानों को नहीं मिल सकता है लाभ
प्रधानमंत्री किसान निधि (PM-KISAN) योजना के लिए आवेदन कर रहे लोगों के विवरण में खामियों के चलते 1 करोड़ 3 लाख किसान इस योजना के लाभ से वंचित हो सकते हैं. यूपी में लाभार्थियों का एक बड़ा वर्ग इस पोर्टल पर डेटा एंट्री में आ रही गड़बड़ियों की वजह से निराश हो सकता है. प्रधानमंत्री किसान निधि योजना के तहत पात्र किसानों को मिलने वाली 6,000 प्रति वर्ष की धनराशि की चौथी किस्त रुक सकती है.

उत्तर प्रदेश के मुख्य सचिव आरके तिवारी ने सभी जिला मजिस्ट्रेटों (डीएम) को पत्र लिखकर यह सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है कि 30 नवंबर तक डेटा को ठीक कर लिया जाए, ताकि सभी लाभार्थी 1 दिसंबर से अपनी चौथी किस्त हासिल कर सकें.

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इस पत्र में जिक्र किया गया है कि यूपी में 1.11 करोड़ किसानों की जानकारी केंद्र सरकार के पोर्टल पर गलत अपलोड की गई है. पोर्टल पर दर्ज नाम उनके आधार कार्ड पर लिखे नाम से मेल नहीं खा रहे हैं. अगर यह गड़बड़ी ठीक नहीं होती है तो किसानों को अपनी चौथी किस्त में मिलने वाले 2,000 रुपयों से वंचित रहना पड़ सकता है. इस पत्र में यह भी लिखा है कि कम से कम 20 लाख किसानों के बैंक खाते का विवरण गलत था. जिसे ने खारिज कर दिया.

सीएम योगी ने जताया असंतोष

यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने समस्याओं के धीमे निपटारे के लिए अंसतोष व्यक्त किया है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस योजना की शुरुआत की थी. सभी जिला मजिस्ट्रेटों को इस संबंध में मुख्य सचिव ने निर्देश जारी किया है कि इस महीने के अंत तक तहसील स्तर पर सभी खामियों को दूर कर दिया जाए.

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वहीं गुजरात, आंध्र प्रदेश, तेलंगाना और कुछ अन्य राज्यों ने पहले ही सितंबर के महीने में लाखों किसानों को तीसरी किस्त ट्रांसफर कर दिया है, जबकि उसी दौरान यूपी के किसानों को दूसरी किस्त मिलने भी मुश्किलें आई थीं.

क्या है यह योजना?

पूर्व वित्त मंत्री पीयूष गोयल के द्वारा इस साल फरवरी में पीएम-किसान योजना की घोषणा की गई थी. इस योजना के तहत सभी छोटे और सीमांत किसानों को न्यूनतम आय सहायता के रूप में तीन किस्तों में हर साल 6,000 रुपये मिलते हैं.

इस योजना को पीएम मोदी ने गोरखपुर में लोकसभा चुनाव से पहले लॉन्च किया था. इसके तहत 1 ट्रांसफर की गई थी. पहली किस्त 1.67 करोड़ किसानों को, दूसरी किस्त 1.49 करोड़ किसानों को और तीसरी किस्त कम से कम 1.24 करोड़ किसानों को मिली थी. पहली किस्त 1 दिसंबर 2018 से 31 मार्च 2019 तक, दूसरी किस्त इस साल पहले अप्रैल से 31 जुलाई तक और तीसरी किस्त 1 अगस्त से 30 नवंबर तक के लिए है.

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