लखनऊ के 15 कॉलेज में 16 दिन तक चला 'एक्टिविज्म', दिया गया बराबरी का नारा

एक्टिविज्म समारोह का मकसद युवाओं को समाज में पनप रहे जेंडर स्टीरियोटाइप, महिलाओं के प्रति घरेलू हिंसा, शादी की उम्र बढ़ाने के कानून, लैंगिक पूर्वाग्रह और भेदभाव के मुद्दों को लेकर जागरूकता बढ़ाना था.

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15 कॉलेज में 16 दिन तक एक्टिविज्म फेस्टिवल चला 15 कॉलेज में 16 दिन तक एक्टिविज्म फेस्टिवल चला

aajtak.in

  • लखनऊ,
  • 11 दिसंबर 2021,
  • अपडेटेड 7:09 PM IST
  • महिलाओं अधिकारों को लेकर विशेष कार्यक्रम
  • भेदभाव को लेकर लोगों को किया गया जागरुक

उत्तर प्रदेश के लखनऊ में 16 दिन का एक्टिविज्म समारोह समाप्त हुआ. समारोह के आखिरी दिन दस्तक, समता नेटवर्क, ऑक्सफेम द्वारा शिरोज़ कैफे में मानवाधिकार दिवस समारोह आयोजित हुआ. इस कार्यक्रम में लखनऊ के तमाम स्कूल और कॉलेजों से छात्रों ने बढ़चढ़ कर हिस्सा लिया और अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया.

शहर के जाने माने समाजसेवी, थिएटर आर्टिस्ट और प्रतिष्ठित लोग कार्यक्रम में शामिल हुए और बच्चों का मनोबल बढ़ाया. महिलाओं के सशक्तिकरण और अधिकारों के मुद्दे पर लिखी गई गीत 'बनो नई सोच' का मंचन हुआ. कलाकारों ने लाइव पेंटिंग, पोस्टर मेकिंग और अपनी बनाई हुई रचनाओं की भी एक्सिबिशन लगाई.

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लखनऊ यूनिवर्सिटी के छात्रों के बैंड 'रुबानी' ने अपना परफॉर्मेंस दिया और अपने गीतों से समा बांध दिया. युवा पत्रकार समर और संस्कृतिकर्मी शुभम को उनके काम के लिए सम्मानित किया गया. छात्रों से बराबरी और मानवाधिकार के मुद्दों पर संवाद और विचार साझा हुए.

रुबानी बैंड ने परफॉर्म किया

अलग-अलग अभियान को लेकर चला समारोह

अंतराष्ट्रीय महिला हिंसा विरोध दिवस 25 नवंबर से 'इंटरनेशनल 16 डेज़ ऑफ एक्टिविज्म' अभियान शुरू किया गया था. इसका आयोजन ऑक्सफेम इंडिया, दस्तक एवं FIA (समता नेटवर्क) द्वारा किया गया है. 16 दिन के इस अभियान को पूरा विश्व एक साथ मनाता है.

25 नवंबर - महिलाओं के खिलाफ हिंसा के उन्मूलन के लिए अंतर्राष्ट्रीय दिवस
29 नवंबर - अंतर्राष्ट्रीय महिला मानवाधिकार रक्षक दिवस
1 दिसंबर - विश्व एड्स दिवस
5 दिसंबर - आर्थिक और सामाजिक विकास के लिए अंतर्राष्ट्रीय स्वयंसेवी दिवस
6 दिसंबर - मॉन्ट्रियल नरसंहार की वर्षगांठ , जिसे कनाडा में महिलाओं के खिलाफ हिंसा पर स्मरण और कार्रवाई के राष्ट्रीय दिवस के रूप में मनाया जाता है
10 दिसंबर - अंतर्राष्ट्रीय मानवाधिकार दिवस और मानवाधिकारों की सार्वभौमिक घोषणा की वर्षगांठ

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25 नवम्बर से 10 दिसम्बर तक लखनऊ के 15 कॉलेज (गोयल इंस्टीट्यूट ,करामत गर्ल्स, अवध गर्ल्स,नवयुग गर्ल्स, नगर निगम, प्रेरणा गर्ल्स स्कूल (स्टडी हॉल) , सीडी गर्ल्स आदि प्रमुख कॉलेजेस में जेंडर भेदभाव और मर्ज़ी बिना शादी नहीं पर आधारित एक खूबसूरत कविता प्रदर्शनी लगाई गई.

एक्टिविज्म समारोह के आयोजकों के में से एक उपासना का कहना है कि युवाओं को समाज में पनप रहे जेंडर स्टीरियोटाइप, महिलाओं के प्रति घरेलू हिंसा, शादी की उम्र बढ़ाने के कानून, लैंगिक पूर्वाग्रह और भेदभाव के मुद्दों को लेकर जागरूकता बढ़ाना था. साथ ही बिना मर्ज़ी की शादी के विरुद्ध भी एक समझ बनाना था.

एक्टिविज्म समारोह के आखिरी दिन कुन्नूर हेलिकॉप्टर हादसे में मारे गए सीडीएस जनरल बिपिन रावत, उनकी पत्नी मधुलिका रावत और 11 सैन्य अफसरों-जवानों को श्रद्धांजलि दी गई. साथ ही ग्रुप कैप्टन वरुण सिंह की सलामती की दुआ मांगी गई. इस दौरान संहिता, अमन, आदर्श, काव्या, श्रुति, पुष्पेंद्र, हर्ष और अभिषक मौजूद रहे.

 

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