लोकसभा में तीन तलाक पर भिड़ गए मीनाक्षी लेखी और अखिलेश यादव

लोकसभा में तीन तलाक बिल पर चर्चा के दौरान बीजेपी की सांसद मीनाक्षी लेखी अपनी बात रख रही थी, जिस पर सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने दिवाली और रमजान की बात कह कर टोका. इसके बाद अखिलेश और मीनाक्षी लेखी के बीच तीखी बहस देखने को मिली.

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बीजेपी सांसद मीनाक्षी लेखी और सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव बीजेपी सांसद मीनाक्षी लेखी और सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 25 जुलाई 2019,
  • अपडेटेड 3:06 PM IST

मुस्लिम महिलाओं को तीन तलाक से निजात दिलाने के लिए मोदी सरकार ने एक बार फिर बुधवार को लोकसभा में मुस्लिम महिला (विवाह अधिकार संरक्षण) बिल पेश किया. लोकसभा में इस बिल पर चर्चा के दौरान बीजेपी की सांसद मीनाक्षी लेखी अपनी बात रख रही थी, जिस पर सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने दिवाली और रमजान की बात कह कर टोका. इसके बाद अखिलेश और मीनाक्षी लेखी के बीच तीखी बहस देखने को मिली. पिछले दो दिनों में अखिलेश से लोकसभा में यह दूसरी बहस देखने को मिली है.

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बीजेपी सांसद मीनाक्षी लेखी ने तीन तलाक बिल पर अपनी बात रखते हुए कहा कि कांग्रेस के दौर में शाहबानो का मामला सामने आया था, लेकिन वो नहीं कर सके. उन्होंने उस समय महिलाओं के हक क्या कानून बनाया. अब सायरा बानो का मामला हमारे सामने आया तो हम लोग इस दिशा में कानून बना रहे हैं. ये लोग (विपक्ष) तलाक की बात करते हैं और हम निकाह की बात करते हैं. ये घर तोड़ने की बात करते हैं हम घर जोड़ने की बात करते हैं.

इसी बीच सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने टोकते हुए कहा दिवाली और रमजान की बात कीजिए. इस पर मीनाक्षी लेखी ने तीन तलाक के मामलों के लिए अखिलेश यादव सरकार को जिम्मेदार ठहराते हुए कहा कि यूपी में आपकी सरकार थी और शरिया अदालतें चलती रहीं, जिससे ऐसे मामलों को बढ़ावा मिला. अगर अखिलेश ने शरिया कोर्ट बंद कर दिया होता तो मुस्लिम महिलाओं के साथ अन्याय नहीं होता. किस तरह के आप (अखिलेश) मुख्यमंत्री थे.

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इस पर अखिलेश खड़े हो गए और अपनी बात कहने की इजाजत मांगने लगे, जिसके बाद स्पीकर की कुर्सी पर बैठे राजेंद्र अग्रवाल ने अखिलेश को बोलने नहीं दिया. अग्रवाल ने कहा कि आप अपने समय पर बोलिएगा. इसी बीच बीजेपी सांसद और केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर ने कहा कि अखिलेश यादव वरिष्ठ सदस्य हैं और उन्हें किसी महिला सांसद को बोलने से नहीं रोकना चाहिए बल्कि अपनी बारी का इंतजार करना चाहिए.

बता दें कि इस लोकसभा सत्र में अखिलेश यादव से यह दूसरी बार नोक झोंक हुई है. इससे पहले सोमवार को अखिलेश यादव और बीजेपी सांसद रवि किशन के बीच ऐसा ही नजारा देखने को मिला था. अखिलेश यादव ने लोकसभा में प्रश्नकाल में पद्म पुरस्कारों से जुड़ा पूरक प्रश्न पूछते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश की पूर्व सपा सरकार विभिन्न क्षेत्रों में योगदान देने वालों को यश भारती सम्मान देती थी और पेंशन के तौर पर 50 हजार रूपए मासिक की राशि भी दी जाती थी.

अखिलेश ने यह भी कहा कि इस सदन में मौजूद सदस्य रवि किशन को भी यश भारती मिल चुका है. मेरा सवाल है कि क्या केंद्र सरकार भी पद्म पुरस्कारों से सम्मानित लोगों के लिए कोई सम्मान राशि देना शुरू करेगी? अखिलेश के सवाल के जवाब में गोरखपुर के सांसद और अभिनेता रवि किशन ने कहा कि न तो अखिलेश और न ही मायावती सरकार में मुझे कोई पुरस्कार और राशि मिली.

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