लखीमपुर हिंसाः प्रशासन-किसानों में इन शर्तों पर हुआ समझौता, टिकैत ने दिया अल्टीमेटम

लखीमपुर खीरी हिंसा के दौरान मारे गए सभी मृतकों को 45-45 लाख रुपये की आर्थिक सहायता दी जाएगी. साथ ही मृतकों के परिवार के एक सदस्य को नौकरी दी जाएगी. इसके अलावा घायलों को 10-10 लाख रुपये की आर्थिक मदद दी जाएगी.

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किसानों के शव को रखकर प्रदर्शन करते किसान संगठन के पदाधिकारी किसानों के शव को रखकर प्रदर्शन करते किसान संगठन के पदाधिकारी

कुमार अभिषेक / कुमार कुणाल

  • लखनऊ,
  • 04 अक्टूबर 2021,
  • अपडेटेड 2:52 PM IST
  • किसानों और लखीमपुर प्रशासन के बीच समझौता
  • 45 लाख मुआवजा-सरकारी नौकरी और होगी न्यायिक जांच

उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी में हिंसा के दौरान चार किसानों, तीन बीजेपी कार्यकर्ताओं और एक पत्रकार की मौत हो गई है. इस हिंसा के बाद किसानों का प्रदर्शन जारी है और वह मारे गए किसानों के शव को सड़क पर रखकर प्रदर्शन कर रहे हैं. किसान कई मांगों पर अड़े थे. अब खबर है कि किसानों और लखीमपुर खीरी प्रशासन के बीच समझौता हो गया है.

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बताया जा रहा है कि हिंसा के दौरान मारे गए सभी मृतकों को 45-45 लाख रुपये की आर्थिक सहायता दी जाएगी. साथ ही मृतकों के परिवार के एक सदस्य को नौकरी दी जाएगी. इसके अलावा घायलों को 10-10 लाख रुपये की आर्थिक मदद दी जाएगी. मामले की जांच हाई कोर्ट के रिटायर जस्टिस की निगरानी में की जाएगी. 

किसान नेता राकेश टिकैत और एडीजी (लॉ एंड ऑर्डर) प्रशांत कुमार ने साझा प्रेस कॉन्फ्रेंस करके जानकारी दी. सभी चार मृतक किसानों के परिवार वालों को 45-45 लाख रुपए का मुआवजा मिलेगा. परिवार वालों में से एक को नौकरी भी दी जाएगी और पूरे मामले की रिटायर्ड जज के जरिए न्यायिक जांच होगी.

कार्रवाई नहीं हुई तो करेंगे पंचायात

राकेश टिकैत ने कहा, 'पहली बात हुई है कि केंद्रीय गृह राज्य मंत्री का नाम एफआईआर में दर्ज हुआ है, 10-11 दिन का जो समय प्रशासन ने मांगा है अगर उसके अंदर का कार्रवाई नहीं की गई तो हम पंचायत करेंगे, हम किसानों के दाह संस्कार तक यही रहेंगे और पांच डॉक्टरों की निगरानी में पोस्टमॉर्टम होगा और उसका वीडियो रिकॉर्डिंग ही किया जाएगा'

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किसान नेता राकेश टिकैत ने कहा, 'अभी इंटरनेट नहीं चल रहा है इसलिए हमें बहुत सारी वीडियो सबूत नहीं मिले हो लेकिन जैसे ही इंटरनेट चलेगा, आपके पास कोई वीडियो है तो वह हमें जरूर भेजें.'

क्या है पूरा मामला

किसान नेताओं का आरोप है कि केंद्रीय गृहराज्य मंत्री अजय मिश्रा के बेटे आशीष मिश्रा ने किसानों पर गाड़ी चढ़ाई, जिससे चार किसानों की मौत हो गई, साथ ही कई किसान घायल हुए हैं. वहीं केंद्रीय मंत्री अजय मिश्रा ने आजतक से बातचीत में बताया कि किसानों की हिंसा में बीजेपी के तीन कार्यकर्ताओं और कार ड्राइवर की जान गई है.

दरअसल, लखीमपुर खीरी में डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य का दौरा था. केंद्रीय गृहराज्य मंत्री अजय मिश्रा के बेटे उन्हें रिसीव करने जा रहे थे, लेकिन इस दौरान किसानों ने रास्ता रोक लिया और काले झंडे दिखाए. झड़प के दौरान गाड़ी की टक्कर से किसानों की मौत हो गई, जिसके बाद किसानों ने भारी हंगामा किया.

हालांकि, केंद्रीय गृह राज्य मंत्री अजय मिश्रा का दावा है कि हादसे के वक्त उनका बेटा मौजूद नहीं था. फिलहाल स्थिति को काबू में करने के लिए एडीजी लॉ एंड ऑर्डर प्रशांत कुमार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लखीमपुर खीरी भेजा है. साथ ही पुलिस की कई कंपनियां भी मौके पर तैनात हैं.

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