कांग्रेस का 'हवाला कारोबार', नोटबंदी में AICC को मिले करोड़ों रुपए- बीजेपी

बीजेपी ने बुधवार को कांग्रेस पर बड़ा हमला किया और इसके हवाला नेटवर्क का 'खुलासा' किया. पार्टी प्रवक्ता संबित पात्रा ने बताया कि नोटबंदी के दौरान हवाला कारोबार के जरिए दिल्ली में एआईसीसी को करोड़ों रुपए पहुंचाए गए.

Advertisement
बीजेपी प्रवक्ता संबित पात्रा बीजेपी प्रवक्ता संबित पात्रा

अशोक सिंघल / रविकांत सिंह

  • नई दिल्ली,
  • 19 सितंबर 2018,
  • अपडेटेड 3:21 PM IST

बीजेपी प्रवक्ता संबित पात्रा ने बुधवार को दिल्ली में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित कर कांग्रेस पर तीखा हमला बोला. उन्होंने कांग्रेस और हवाला के बीच रिश्तों की बात बताई और यह भी कहा कि आज (बुधवार) की पीसी के बाद कांग्रेस छुपती नजर आएगी.

पात्रा ने कहा, 'हमारे पास हवाला नेटवर्क के सबूत हैं कि कैसे कर्नाटक से एआईसीसी (अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी) को पैसा ट्रांसफर किया गया. हमारे पास डीके शिवकुमार के ड्राइवर का बयान भी है जिसने आयकर विभाग को बताया था कि किलो के वजन से पैसे एआईसीसी को भेजे गए.'

Advertisement

बीजेपी प्रवक्ता ने कहा, डीके शिवकुमार का मामला कर्नाटक से शुरू होकर कांग्रेस मुख्यालय तक हवाला का मामला है. नोटबंदी पर कांग्रेस आंसू क्यों बहा रही थी, आज इसका खुलासा कर रहे हैं. के दौरान कांग्रेस मुख्यालय में टन में पैसा जमा हुआ.

पात्रा ने कहा,  2017 में डीके शिवकुमार के घर पर छापे पड़े थे और कागजात जब्त हुआ. दिल्ली में भी कर्नाटक सरकार के दो अधिकारी हनुमंथैया और राजेंद्रन के घर छापा पड़ा. हनुमंथैया के घर से सफदरजंग इनक्लेव और कृष्णा नगर के तीन फ्लैट की चाबी और आठ करोड़ रुपया आया था. इन अधिकारियों ने आयकर विभाग को बयान दिया है, जिसमें बताया है कि कांग्रेस में कैसे हवाला का पैसा आया.

पात्रा ने बताया, शिवकुमार जब भी काला धन देने दिल्ली आते थे, हनुमंथैया उनके सचिव होते थे. जगदीश नामक ड्राइवर ने भी बयान दिया है. हनुमंथैया ने कहा है कि अकबर रोड पर वह पैसा लेकर जाते थे. बैंगलोर से चांदनी चौक पैसा जाता था और फिर एआईसीसी लेकिन मुख्य आदमी राजेंद्रन थे जो बैग में पैसा लेकर जाते थे और एआईसीसी के अकाउंट में देते थे.

Advertisement

पात्रा ने आगे कहा, पैसा लाख या करोड़ में नहीं केजी में जाता था. केजी मतलब लाख. टनों में काले धन का कारोबार करनेवाले लोग क्यों रो रहे थे, आज पता चल रहा है. एक बार फ्लैट से पैसे चोरी हुए लेकिन एफआईआर भी दर्ज नहीं हुई. ड्राइवर जगदीश चंद्र ने बताया है कि मुझसे भी पूछताछ की गई. उस समय कुछ ऐसे लोग भी थे जो सादे कपड़े में पुलिसवाले लग रहे थे. हमारा सवाल ये है कि क्या वो कर्नाटक पुलिस थी?

बीजेपी प्रवक्ता ने कहा, सुबह से शाम तक सवाल पूछते हैं, इसका जवाब कौन देगा? इसी मामले में डायरी मिली थी जिसमें एसजी, आरजी ऑफिस को पैसे देने का जिक्र था. राहुल गांधी जवाब दें.

Read more!
Advertisement

RECOMMENDED

Advertisement
Latest News in Hindi »