कानून मंत्री की 'सीधी बात', धार्मिक नहीं है तीन तलाक का मुद्दा

उन्होंने कहा कि अगर दुनिया के 22 इस्लामिक देशों में तीन तलाक नियंत्रित हो सकता है तो भारत में क्या दिक्कत हो सकती है. मोदी सरकार महिलाओं के प्रति पूरी तरह से समर्पित है और रहेगी.

Advertisement
सीधी बात में कानून मंत्री रविशंकर प्रसाद सीधी बात में कानून मंत्री रविशंकर प्रसाद

मोहित पारीक

  • नई दिल्ली,
  • 21 अप्रैल 2018,
  • अपडेटेड 9:37 PM IST

केंद्रीय कानून मंत्री रविशंकर प्रसाद ने तीन तलाक के मुद्दे को लेकर कहा है कि यह मुद्दा धार्मिक नहीं, बल्कि नारी गरिमा का मामला है. साथ ही उन्होंने कहा कि इस मुद्दे पर राजनीति नहीं करनी चाहिए और राजनीति से ऊपर उठकर काम करने की जरूरत है.

उन्होंने शनिवार को 'आजतक' के फ्लैगशिप शो 'सीधी बात' में कई मुद्दों पर खुलकर बात की. इस दौरान उन्होंने कठुआ रेप केस, जस्टिस लोया केस और एससी-एसटी कानून समेत कई अहम मुद्दों पर बातचीत की.

Advertisement

तीन तलाक को लेकर उन्होंने ये भी कहा कि तीन तलाक के मामले में राजनीति से ऊपर उठकर काम करने की जरूरत है. प्रसाद का कहना है कि तीन तलाक का मामला न पूजा का है, न इबादत का है, न प्रार्थना का है और न ही धर्म का है, ये नारी न्याय, नारी गरिमा, नारी शक्ति का मामला है.

उन्होंने कहा कि अगर दुनिया के 22 इस्लामिक देशों में तीन तलाक नियंत्रित हो सकता है तो भारत में क्या दिक्कत हो सकती है. मोदी सरकार महिलाओं के प्रति पूरी तरह से समर्पित है और रहेगी.

कानून मंत्री ने कहा कि इस मामले को लेकर सरकार प्रतिबद्ध है और कुछ राजनीतिक कारणों से रुका हुआ है और जल्द ही इसका रास्ता निकाला जाएगा. प्रसाद ने कहा कि लोकसभा में तीन तलाक बिल पास होने के बाद कई महिलाओं ने इसे आजादी से जोड़ा था और उन्होंने सरकार को धन्यवाद भी दिया था. हालांकि सरकार इसके लिए प्रतिबद्ध है.

Advertisement

महिलाओं के लिए काम कर रही है सरकार

सरकार की उपलब्धियां गिनाते हुए रविशंकर प्रसाद ने कहा कि बेटी का सम्मान देश का सम्मान है. मीडिया को बेटी के साथ हुई ऐसी घटनाओं को नहीं दिखाना चाहिए. चार्जशीट में पीड़िता का नाम लिया गया जो कि गलत बात है. उस पर प्रशासन को कार्रवाई करना चाहिए.

उन्होंने कहा कि मुद्रा योजना में लाभ पाने वाली 70 फीसदी महिलाएं हैं. उज्ज्वला योजना के तहत 3.5 करोड़ गैस कनेक्शन देकर मोदी सरकार ने महिलाओं को सशक्त बनाने का काम किया है. 

Read more!
Advertisement

RECOMMENDED

Advertisement
Latest News in Hindi »