निर्भया के हैवानों को जल्द हो फांसी, 'जल्लाद' बनने को राष्ट्रपति से लगाई गुहार

निर्भया केस में लगी दया याचिका पर अभी अंतिम फैसला नहीं हुआ है लेकिन इस बीच हिमाचल प्रदेश के एक व्यक्ति ने फांसी की प्रक्रिया पूरी करने के लिए जल्लाद बनाने की गुजारिश की है.

शिमला के रहने वाले हैं रवि कुमार (फोटो साभार: ANI)
aajtak.in
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  • 04 दिसंबर 2019,
  • अपडेटेड 7:17 PM IST

  • राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद से शिमला के एक व्यक्ति ने की अपील
  • निर्भया के गुनाहगारों को फांसी पर लटकाना चाहता है यह व्यक्ति

निर्भया केस में लगी दया याचिका पर अभी अंतिम फैसला नहीं हुआ है लेकिन इस बीच हिमाचल प्रदेश के एक व्यक्ति ने फांसी की प्रक्रिया पूरी करने के लिए जल्लाद बनाने की गुजारिश की है. जानकारी के मुताबिक शिमला में रहने वाले रवि कुमार ने राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद से पत्र लिखकर गुजारिश की है कि उन्हें दिल्ली की तिहाड़ जेल में अस्थायी जल्लाद के रूप में नियुक्त कर दिया जाए क्योंकि वहां फिलहाल कोई जल्लाद नहीं है.

उन्होंने अपनी अपील में लिखा है, "मुझे जल्लाद नियुक्त करें ताकि 'निर्भया' मामले के दोषियों को जल्द ही फांसी दी जा सके और उसकी (निर्भया की) आत्मा को शांति मिले. "

फिलहाल गृह मंत्रालय के पास है दया याचिका

आपको बता दें कि निर्भया केस के चार अपराधियों में से एक विनय शर्मा ने 4 नवंबर को राष्ट्रपति के पास दया याचिका दायर की थी जो केंद्रीय गृह मंत्रालय के जरिए दिल्ली के उपराज्यपाल और दिल्ली सरकार के पास आई. दिल्ली सरकार ने याचिका खारिज करने की सिफारिश की थी. दिल्ली सरकार की अनुशंसा को उप-राज्यपाल अनिल बैजल ने मंजूरी दे दी. अब दया याचिका गृह मंत्रालय के पास है और मंत्रालय इसे जल्द ही राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद के पास भेज देगा.

निर्भया केस के आरोपी

बता दें कि दिसंबर 2012 में हुए निर्भया रेप मामले में कुल 6 आरोपी थे, जिसमें से एक नाबालिग था और उसकी आयु 18 साल होने पर उसको छोड़ दिया गया था. वहीं, राम सिंह नाम के अपराधी ने तिहाड़ जेल में खुद को फांसी लगा ली थी.

इसके अलावा चार अपराधी फांसी की सजा पाने के बाद हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट में अपील कर चुके हैं और वह अपील खारिज हो चुकी है. चारों अपराधियों में से एक विनय शर्मा ने 4 नवंबर को राष्ट्रपति के पास दया याचिका दायर की थी.

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