'इंडिया टुडे' ने भेदा ISIS का इंडिया मॉड्यूल, आतंकी टेपों से केरल में भर्ती की नापाक मुहिम का खुलासा

इंडिया टुडे की तहकीकात ने अब्दुल्ला की ओर से संचार के लिए इस्तेमाल किए जाने वाले उपकरणों को भेद डाला. कड़े पहरे वाले इन उपकरणों के जरिए ही युवकों को ISIS में भर्ती होने के लिए तमाम तरह के लालच दिए जाते थे.

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राहुल कंवल / खुशदीप सहगल

  • नई दिल्ली,
  • 30 मई 2017,
  • अपडेटेड 8:23 AM IST

खुरासन के पहाड़ों से कूट शब्दों की भरमार वाले ऑडियो प्रसारण, जिनके जरिए वो सुना जा सकता है जिहाद की बड़ाई करते हुए, भारतीय युवाओं के लिए चॉकलेट, घर और महिलाओं की पेशकश करते हुए. वो यानी अब्दुल रशीद अब्दुल्ला. वो अब्दुल्ला जिसे जुलाई 2015 में केरल में ISIS की भर्ती और फंड जुटाने का ऑपरेशन शुरू करने के लिए जिम्मेदार माना जाता है.

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मूल रूप से केरल से ताल्लुक रखने वाले अब्दुल्ला ने दो साल से भी कम अर्से में आंतक की सीढ़ियां ऐसे चढ़ीं कि ISIS के लिए भारत से भर्ती करने का मुख्य कर्ताधर्ता बन बैठा. वो भी अफगानिस्तान में बैठे-बैठे.

इंडिया टुडे की तहकीकात ने अब्दुल्ला की ओर से संचार के लिए इस्तेमाल किए जाने वाले उपकरणों को भेद डाला. कड़े पहरे वाले इन उपकरणों के जरिए ही युवकों को ISIS में भर्ती होने के लिए तमाम तरह के लालच दिए जाते थे.

पहली बार इंडिया टुडे नेटवर्क को उन ऑडियो सिग्नल को भेदने में कामयाबी मिली, जिनसे खुलासा होता है कि किस तरह देश में, ज्यादातर केरल में, भर्ती की नापाक मुहिम को अंजाम देने में लगा है.

कसारागोड जिले का मूल निवासी अब्दुल्ला केरल से 21 युवकों को अफगानिस्तान में ISIS के गढ़ तक ले जा चुका है. रिपोर्ट्स के मुताबिक इन युवकों में से दो या तीन इसी साल सुरक्षा बलों की कार्रवाई में मारे जा चुके हैं. इसके बावजूद अब्दुल्ला भारत से अधिक से अधिक भर्ती के लिए हाथ-पैर मारने से बाज नहीं आ रहा. अब्दुल्ला अति-सुरक्षित टेलीग्राम मैसेजिंग ऐप के जरिए केरल में ऑडियो क्लिप्स भेज रहा है. इनमें मलयालम भाषा में दिए जाने वाले संदेश सुनने से समझा जा सकता है कि मकसद क्या है. मकसद है- इस्लाम के नाम पर युवकों का माइंडवॉश करने की कोशिश और कथित कैलफेट को लेकर थोथा शोर-शराबा.

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देश के खुफिया प्रतिष्ठान से जुड़़े उच्च पदस्थ सूत्रों ने इंडिया टुडे की ओर से हासिल किए गए टेलीग्राम ऑडियो में अब्दुल्ला की आवाज की प्रामाणिकता की पुष्टि की है.

अफगानिस्तान में अ में अब्दुल्ला को कहते सुना जा सकता है- 'IS के पास इराक, शाम, लिब्या, खुरासन, अफ्रीका आदि में उससे कहीं ज्यादा इलाका है जितना तुम समझते हो. यहां अबु बकर अल बगदादी की हुकूमत चलती है. वो दुनिया के सभी मुस्लिमों के नेता हैं. इसलिए उन्हें बयात (निष्ठा की शपथ) देना अनिवार्य है.'

टेपों में अब्दुल्ला ISIS के लिए बार बार ये कहते हुए कसीदे पढ़ता है कि ISIS शरीयत को अपनाने वाला 'सामान्य देश' है. अब्दुल्ला को ये कहते सुना जा सकता है- 'यहां ये सब एक देश की तरह है, जैसे कि कोई भी सरकार होती है. हम इस्लामिक स्टेट खुरासन में सामान्य जीवन जीते हैं. शरिया में जिसकी भी इजाजत है वो यहां होता है. शरिया में जिसकी इजाजत नहीं है वो यहां नहीं हो सकता. इस्लामिक स्टेट सरकार के तहत यहां अलग अलग विभाग हैं- जैसे शिक्षा, कृषि, पुलिस, संपत्ति, जकात (चेरेटी), वित्त और जिहाद का महकमा.'

अब्दुल्ला टेपों में लक्षित युवकों से सख्त प्रतिबद्धताओं की मांग नहीं करता बल्कि उन्हें लुभाने के लिए कई तरह की सुविधाओं का वादा करता है. अपने संदेशों में अब्दुल्ला भर्ती के लिए आगे आने वाले युवकों के लिए घर, गोश्त और यहां तक कि चॉकलेट के भी वादे करता है. अब्दुल्ला कहता है- 'यहां घर हैं, इन घरों में बिजली, पानी जैसी सारी सुविधाएं हैं. ज्यादातर घरों का मालिकाना हक सरकार के पास है. यहां बाजार हैं, जहां सब कुछ उपलब्ध है. जो भी वहां देश में मिलता है, वो हर चीज यहां भी मुहैया है. जैसे कि चॉकलेट, बिस्किट, गोश्त, सब्जियां.'

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ISIS का अफगानिस्तान स्थित भारत हैंडलर युवकों को महिलाओं का लालच देते भी सुना जा सकता है. ये कहते हुए कि संगठन में गुरिल्लाओं को मारे गए आतंकियों की विधवाओं से शादी के लिए प्रेरित किया जाता है. टेपों में अब्दुल्ला कहता है- 'मेरे दोस्त मुर्शिद ने एक कुवांरी महिला से शादी की, साजिद ने दो बच्चों वाली विधवा और मंजत ने एक बच्चे वाली विधवा से शादी की. कुछ भी मामला हो, यहां शादी करना आसान है.'

अब्दुल्ला टेपों में पाक किताबों और शरिया की अपने हिसाब से व्याख्या करता भी सुनाई देता है. अब्दुल्ला ISIS को खालिस इस्लामी बताया है. अगली सांस में ही वो जिहाद के हिस्से के तौर पर जघन्य हिंसा के इस्तेमाल को जायज ठहराता है. उसे कहते सुना जा सकता है- 'ये सुन्नाह है कि जिहाद करो. इस्लामिक स्टेट भी मुशरीकीन, कुफ्र, मुर्तादीन और मुनाफीकीन के खिलाफ जिहाद करते हैं. अल्लाह हम सबको सही रास्ता दिखाए और हम सब जन्नत में मिल सकें.'

उच्च सुरक्षा अधिकारियों के मुताबिक अब्दुल्ला कसारागोड से 17 और पालक्काड से 4 युवकों को अफगानिस्तान में ISIS कैम्पों तक ले गया. जनवरी में NIA ने अब्दुल्ला को भारत में ISIS के मुख्य मोटिवेटर के तौर पर चिह्नित किया था. सुरक्षा अधिकारियों के मुताबिक अब्दुल्ला के भर्ती किए लोगों में पेशेवर डॉक्टर, इंजीनियर, मैनेजमेंट एक्सपर्ट शामिल हैं.

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उच्च पदस्थ अधिकारियों ने इंडिया टुडे को बताया कि इस साल मार्च तक भारत भर में कम से कम 75 लोग ISIS से संदिग्ध जुड़ाव के लिए गिरफ्तार किए जा चुके हैं. इनमें केरल से 21, तेलंगाना से 16, कर्नाटक से 9, महाराष्ट्र से 8, मध्य प्रदेश से 6, उत्तराखंड और तमिलनाडु से 4-4, उत्तर प्रदेश से 3, राजस्थान से 2, जम्मू-कश्मीर और पश्चिम बंगाल से 1-1 लोग शामिल हैं.

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