राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने आज शुक्रवार को जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 को हटाने के कदम को ऐतिहासिक करार दिया है. बजट सत्र के शुभारंभ के दौरान दोनों सदनों को संबोधित करते हुए राष्ट्रपति कोविंद ने कहा कि संसद के दोनों सदनों द्वारा दो तिहाई बहुमत से संविधान के अनुच्छेद 370 और अनुच्छेद 35 ए को हटाया जाना, न सिर्फ ऐतिहासिक है बल्कि इससे जम्मू-कश्मीर और लद्दाख का विकास होगा.
मोदी सरकार के फ्यूचर प्लान को बताते हुए राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने कहा कि जम्मू-कश्मीर और लद्दाख का तेज विकास, वहां की संस्कृति और परंपराओं की रक्षा, पारदर्शी व ईमानदार प्रशासन और लोकतंत्र का सशक्तीकरण, मेरी सरकार की प्राथमिकताओं में हैं.
'हिंसा राष्ट्र को कमजोर करने का प्रयास'
देश में नागरिकता संशोधन कानून (सीएए) के खिलाफ हो रहे प्रदर्शनों के दौरान हुई हिंसा को राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने राष्ट्र को कमजोर करने का प्रयास करार दिया. बजट सत्र के शुभारंभ के मौके पर राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने कहा कि विरोध के नाम पर किसी भी तरह की हिंसा, समाज और देश को कमजोर करती है.
नागरिकता संशोधन कानून की तारीफ करते हुए राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने कहा, 'मुझे प्रसन्नता है कि संसद के दोनों सदनों द्वारा नागरिकता संशोधन कानून (सीएए) बनाकर, राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की इच्छा को पूरा किया गया है. मैं पाकिस्तान में अल्पसंख्यकों पर हो रहे अत्याचार की निंदा करता हूं और विश्व समुदाय से इसका संज्ञान लेने और इस दिशा में आवश्यक कदम उठाने का भी आग्रह करता हूं.'
भारत सरकार का कर्तव्यः राष्ट्रपति
महात्मा गांधी को याद करते हुए राष्ट्रपति ने कहा कि विभाजन के बाद बने माहौल में राष्ट्रपिता महात्मा गांधी ने कहा था कि पाकिस्तान के हिंदू और सिख, जो वहां नहीं रहना चाहते, वे भारत आ सकते हैं. उन्हें सामान्य जीवन मुहैया कराना भारत सरकार का कर्तव्य है.
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अपने भाषण में मोदी सरकार के फ्यूचर प्लान के बारे में बताते हुए ने कहा कि मेरी सरकार का स्पष्ट मत है कि पारस्परिक चर्चा-परिचर्चा और वाद-विवाद लोकतंत्र को और सशक्त बनाते हैं. विरोध के नाम पर किसी भी तरह की हिंसा, समाज और देश को कमजोर करती है.
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