पेट्रोल-डीजल की बढ़ती कीमतों से पेट्रोलियम मंत्री ने झाड़े हाथ, बोले-GST ही रास्ता

प्रधान ने कहा कि, " हम चाहते हैं कि पेट्रोलियम को जीएसटी के अंतर्गत लाया जाए. राज्य सरकारों से भी वित्तमंत्री इस बारे में कह चुके हैं. यदि जीएसटी के तहत इसे लाया जाता है तो कीमतों का पूर्वानुमान किया जा सकता है. अभी टैक्सेस के कारण मुंबई और दिल्ली में पेट्रोल की कीमतों में बड़ा अंतर होता है. हमने जीएसटी काउंसिल से मांग की है कि पेट्रोलियम को भी जीएसटी के तहत लाया जाए. यदि ऐसा होता है तो आम जनता तो सहूलियत होगी.

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धर्मेन्द्र प्रधान. धर्मेन्द्र प्रधान.

आदित्य बिड़वई

  • नई दिल्ली,
  • 13 सितंबर 2017,
  • अपडेटेड 7:45 PM IST

कच्चे तेल की कीमतों में लगातार गिरावट के बावजूद देश में पेट्रोल की कीमतें बढ़ रही हैं. मुंबई में पेट्रोल की कीमत 80 रुपए तक पहुंच गई हैं. अब केंद्र सरकार भी इन कीमतों को लेकर परेशान नजर आ रही है. पेट्रोलियम मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने भी पेट्रोल-डीजल की बढ़ती कीमतों पर हाथ खड़े कर लिए. कीमतों को काबू में लाने का रास्ता धर्मेन्द्र प्रधान जीएसटी को बता रहे हैं.

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प्रधान ने कहा कि, " हम चाहते हैं कि पेट्रोलियम को जीएसटी के अंतर्गत लाया जाए. राज्य सरकारों से भी वित्तमंत्री इस बारे में कह चुके हैं. यदि जीएसटी के तहत इसे लाया जाता है तो कीमतों का पूर्वानुमान किया जा सकता है. अभी टैक्सेस के कारण मुंबई और दिल्ली में पेट्रोल की कीमतों में बड़ा अंतर होता है. हमने जीएसटी काउंसिल से मांग की है कि पेट्रोलियम को भी जीएसटी के तहत लाया जाए. यदि ऐसा होता है तो आम जनता तो सहूलियत होगी."

उधर, पेट्रोल डीजल की बढ़ती कीमतों को लेकर कांग्रेस ने पेट्रोलियम मंत्री धर्मेन्द्र प्रधान को आड़े हाथों लिया है. कांग्रेस नेता मनीष तिवारी ने कहा कि, 'पेट्रोलियम मंत्री आम जनता तो गुमराह कर रहे हैं. उन्हें खुद नहीं पता कि पेट्रोल की कीमतों को कैसे काबू किया जाए. क्रूड ऑयल के दाम 50 फीसद से ज़्यादा गिर गए, फिर भी तेल की कीमतें ज़्यादा क्यों हैं. क्या ये आर्थिक आतंकवाद नहीं है.

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