राजनाथ सिंह बोले- अर्धसैनिक बल के जवान की शहादत पर एक करोड़ रुपये देने पर विचार

गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा है कि अर्धसैनिक बल के जवानों की शहादत पर परिजनों को केंद्र की तरफ से सहायता के तौर पर कम से कम एक करोड़ रपये देने पर विचार किया जा रहा है. सिंह ने आज सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) द्वारा जवानों की समस्याओं के निवारण के लिए विकसित दो मोबाइल एप्लीकेशन की शुरूआत करते हुए उन्होंने यह जानकारी दी. उन्होंने स्वीकार किया कि देश के अलग-अलग हिस्सों में तैनात केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल (सीएपीएफ) के जवानों के जीवन में परेशानियां हैं.

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फाइल फोटो फाइल फोटो

BHASHA / विकास कुमार

  • नई दिल्ली,
  • 11 मई 2017,
  • अपडेटेड 9:40 PM IST

गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा है कि अर्धसैनिक बल के जवानों की शहादत पर परिजनों को केंद्र की तरफ से सहायता के तौर पर कम से कम एक करोड़ रपये देने पर विचार किया जा रहा है. सिंह ने आज सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) द्वारा जवानों की समस्याओं के निवारण के लिए विकसित दो मोबाइल एप्लीकेशन की शुरूआत करते हुए उन्होंने यह जानकारी दी. उन्होंने स्वीकार किया कि देश के अलग-अलग हिस्सों में तैनात केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल (सीएपीएफ) के जवानों के जीवन में परेशानियां हैं.

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सिंह ने कहा पिछले 20-25 सालों से चल रही व्यवस्था में सिपाहियों की प्रोन्नति नहीं हुई थी, इसका पता चलते ही हमने 34 हजार जवानों को प्रमोट कर हेड कॉंस्टेबल बनाया. इसी तरह हमारा मानना है कि सीएपीएफ के जवानों की शहादत पर परिजनों को कम से कम एक करोड़ रपये की सहायता राशि दी जाए. जिससे शहीद के परिवार को मदद मिले और भविष्य की मुश्किलें कम हों.

उन्होंने कहा कि सैन्य अभियान में घायल हुए जवानों के अस्पताल में भर्ती रहने तक के इलाज का खर्च सरकार वहन करती है. इस व्यवस्था का दायरा बढ़ा कर अस्पताल से छुट्टी मिलने के बाद पूरी तरह से ठीक होने तक इलाज का पूरा खर्च सरकार द्वारा उठाने पर भी विचार किया जा रहा है. जल्द ही दोनों फैसलों की आधिकारिक घोषणा की जाएगी.

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सिंह ने बीएसएफ द्वारा अर्धसैनिक बल के जवानों की समस्याओं के समाधान के लिए विकसित दो मोबाइल एप को क्रांतिकारी कदम बताते हुए कहा कि अब वह स्वयं इस ऐप के जरिए जवानों से महज एक क्लिक दूर महसूस कर रहे हैं. उन्होंने कहा कि मोबाइल ऐप पर मिलने वाली शिकायतों के निस्तारण की हर महीने वह स्वयं समीक्षा करेंगे. साथ ही उन्होंने जवानों से अनुरोध किया कि वे ड्यूटी से जुड़ी समस्याओं के लिए पहले अपने बल में मौजूद व्यवस्था के तहत समाधान कराने का प्रयास करें. समाधान नहीं होने पर मोबाइल ऐप के जरिए मंत्रालय को सूचित करें.

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