राजस्थान: 3 अनाथ बच्चों के लिए मसीहा बना पुलिस कांस्टेबल, एक्सीडेंट में गंवाए थे मां-बाप

भरतपुर में एक पुलिस कांस्टेबल के नेक दिल की हर तरफ तारीफ हो रही है. दरअसल सड़क हादसे में बच्चों के माता-पिता की जान चली गई. उनकी देखभल के लिए कांस्टेबल लोकेंद्र चहार ने विभाग से छुट्टी ली और बच्चों की देखभाल करने लगा.

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घायल बच्चों की देखभाल कर रहे हैं कांस्टेबल लोकेंद्र चाहर घायल बच्चों की देखभाल कर रहे हैं कांस्टेबल लोकेंद्र चाहर

सुरेश फौजदार

  • भरतपुर,
  • 03 मार्च 2022,
  • अपडेटेड 7:08 AM IST
  • सड़क हादसे का शिकार हुआ था पूरा परिवार
  • हादसे में माता-पिता की गई जान, बच गए 3 बच्चे

राजस्थान के भरतपुर में एक पुलिसकर्मी नेकदिली की वजह चर्चा में है. दरअसल 22 फरवरी को डीग थाना क्षेत्र में अलवर मार्ग पर एक परिवार सड़क किनारे खड़ा होकर बस का इंतजार कर रहा था. तभी पूरा परिवार एक तेज रफ्तार वाहन की चपेट में आ गया. जिसमें सोनू और उसकी पत्नी की मौके पर ही मौत हो गई और उनकी दो छोटी बच्चियां और बेटा इस हादसे में बाल-बाल बच गए. जिन्हें इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया.  

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सड़क हादसे की सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची. जिसमें कांस्टेबल लोकेंद्र चाहर भी शामिल था. लोकेंद्र चाहर ने घायल दोनों बच्चों को अस्पताल में भर्ती कराया और उनकी देखरेख के लिए विभाग से छुट्टी भी ले ली. हालांकि इन बच्चों को अब तक यह नहीं मालूम कि उनके माता-पिता की सड़क हादसे में उनकी मौत हो चुकी है. लोकेंद्र उनके खाने पीने से लेकर हर चीज का ख्याल  ख रहा है. डॉक्टरों का कहना है कि बच्चे पूरी तरह से ठीक हैं. 

घायल बच्चों की देखभाल कर रहे हैं कांस्टेबल लोकेंद्र चाहर

 

पुलिस कांस्टेबल लोकेंद्र चाहर ने बताया कि एक्सीडेंट की सूचना मिली थी. जिस पर वो अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंचे और उस हादसे में बच्चों के माता-पिता की मौत हो चुकी थी. लेकिन उनके तीन बच्चे थे जिनमें तीसरी बच्ची को एक खरोंच तक नहीं आई थी. लेकिन एक लड़की और लड़का ज्यादा हुए घायल थे. जिन्हें अस्पताल में भर्ती कराया था. बच्चों की देखभाल के लिए मैंने छुट्टी ली है. बचपन में मेरे साथ भी ऐसा ही हादसा हुआ था. जब मेरे माता- पिता की मौत हो चुकी थी. बस वही ख्याल मुझे आया इसलिए मैं इन बेसहारा बच्चों की सेवा कर रहा हूं. 

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22 फरवरी को हुआ था सड़क हादसा 

जानकारी के मुताबिक मृतक सोनू नदबई थाना इलाके के गांव खांगरी का निवासी था. जो अपनी पत्नी और बच्चों के साथ डीग थाना इलाके के गांव भीलनी का नगला में रहा था. 22 फरवरी को जब वह अपनी पत्नी और तीन बच्चों के साथ कुम्हेर थाना इलाके में बेलारा कलां गांव के पास अलवर मार्ग पर खड़े होकर बस इंतजार कर रहा था. तभी तेज गति से वाहन आया और उसकी चपेट में आने से सोनू व् उसकी पत्नी सुमन की मौत हो गई थी लेकिन बच्चे बच गए. 

(इनपुट- धीरज रावल)

 

 

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