8 महीने के लंबे धरने के बाद बाद दिल्ली कूच करेंगे पंजाब के किसान, प्रशासन ने सख्त किया पहरा

किसानों ने अपनी 12 मांगें पेश की हैं, जिनमें न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) की कानूनी गारंटी और लखीमपुर खीरी हिंसा के पीड़ितों के लिए न्याय की मांग प्रमुख है. पंधेर ने शांतिपूर्ण प्रदर्शन के प्रति अपनी प्रतिबद्धता जताते हुए कहा, 'हरियाणा प्रशासन ने हम पर हथियार रखने का आरोप लगाया है, लेकिन हम शांतिपूर्ण तरीके से मार्च करेंगे.'

Advertisement
दिल्ली कूच करेंगे पंजाब के किसान (फाइल फोटो) दिल्ली कूच करेंगे पंजाब के किसान (फाइल फोटो)

अनमोल नाथ

  • चंडीगढ़,
  • 05 दिसंबर 2024,
  • अपडेटेड 7:10 AM IST

किसान नेता सरवन सिंह पंधेर और जगजीत सिंह डल्लेवाल के नेतृत्व में किसान अपने ‘दिल्ली चलो’ आंदोलन के तहत राष्ट्रीय राजधानी की ओर पैदल मार्च करेंगे. यह मार्च 6 दिसंबर से शंभू बॉर्डर से शुरू होगा, जिसमें लगभग 100 लोग शामिल होंगे.

अपने फैसले के बारे में बात करते हुए पंधेर ने कहा, 'हम यहां पिछले आठ महीनों से बैठे हैं. हमारे ट्रैक्टरों को मॉडिफाइड कहकर हम पर आरोप लगाया गया, इसलिए हमने अब पैदल दिल्ली जाने का फैसला किया है.' उन्होंने बताया कि किसानों के आंदोलन को हरियाणा के खाप पंचायतों और व्यापारिक समुदाय सहित व्यापक समर्थन मिल रहा है.

Advertisement

क्या हैं किसानों की मांगें?

किसानों ने अपनी 12 मांगें पेश की हैं, जिनमें न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) की कानूनी गारंटी और लखीमपुर खीरी हिंसा के पीड़ितों के लिए न्याय की मांग प्रमुख है. पंधेर ने शांतिपूर्ण प्रदर्शन के प्रति अपनी प्रतिबद्धता जताते हुए कहा, 'हरियाणा प्रशासन ने हम पर हथियार रखने का आरोप लगाया है, लेकिन हम शांतिपूर्ण तरीके से मार्च करेंगे.'

यह भी पढ़ें: हरियाणा-पंजाब के किसान कल फिर करेंगे दिल्ली कूच, सिंघु बॉर्डर पर भी पुलिस ने कसी कमर

अंबाला में पुलिस ने कड़े सुरक्षा प्रबंध किए

हरियाणा सरकार ने इसके जवाब में अंबाला में धारा 144 के तहत निषेधाज्ञा लागू कर दी है, जिससे सार्वजनिक सभाओं और जुलूसों पर रोक लगाई गई है. कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए अर्धसैनिक बलों की तैनाती, ड्रोन और वाटर कैनन जैसी सुरक्षा व्यवस्थाएं की गई हैं.

Advertisement

किसानों के 6 दिसंबर को दिल्ली कूच को लेकर अंबाला में पुलिस ने कड़े सुरक्षा प्रबंध किए हैं. देर शाम तक आईजी अंबाला और एसपी अंबाला शंभू बॉर्डर का दौरा करते नजर आए. इस दौरान मीडिया से बात करते हुए एसपी अंबाला ने साफ कर दिया कि किसी भी कीमत पर किसी को कानून अपने हाथ में नहीं लेने दिया जाएगा. उन्होंने यह भी साफ कर दिया कि अगर किसानों के पास दिल्ली पुलिस की परमिशन है तभी वह दिल्ली जा सकते हैं. एसपी अंबाला ने किसानों से भी अपील की कि वह किसी भी सूरत में कानून का उल्लंघन न करें.

'हमें शांतिपूर्वक मार्च करने दे सरकार'

किसानों ने सरकार से उनके मार्च को शांतिपूर्वक होने देने की अपील की है. पंधेर ने कहा, 'हम चाहते हैं कि सरकार हमें विरोध करने का हमारा लोकतांत्रिक अधिकार देने की अनुमति दे.' यह मार्च केंद्र सरकार के साथ कई महीनों से रुके संवाद के बाद हो रहा है. 

यह भी पढ़ें: किसानों के दिल्ली मार्च से हरियाणा के किसान संगठनों ने बनाई दूरी, SKM और किसान सभा भी नाराज! चढ़ूनी समेत किसान नेताओं ने किया ये ऐलान

पंधेर ने कहा, 'फरवरी में हमने केंद्र के साथ चार दौर की बातचीत की थी, लेकिन 18 फरवरी के बाद से कोई बातचीत नहीं हुई है.' उन्होंने सरकार से उनकी चिंताओं को दूर करने के लिए बातचीत फिर से शुरू करने का आह्वान किया.

---- समाप्त ----

Read more!
Advertisement

RECOMMENDED

Advertisement
Latest News in Hindi »