26 निर्विरोध, अब लड़ाई सिर्फ 11 सीटों की...राज्यसभा चुनाव की तस्वीर हो गई साफ

देश के 10 राज्यों की 37 राज्यसभा सीटों का गणित काफी हद तक साफ हो गया है. आज सोमवार को नामांकन वापस लेने के साथ ही तय हो जाएगा कि किस राज्य में चुनाव होगा और किस राज्य में नहीं. हालांकि, उससे पहले ही सात राज्यों की 26 सीटों पर निर्विरोध राज्यसभा चुना जाना तय है?

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राज्यसभा के लिए शरद पवार और अभिषेक मनु सिंघवी का निर्विरोध जीत तय ( Photo-PTI) राज्यसभा के लिए शरद पवार और अभिषेक मनु सिंघवी का निर्विरोध जीत तय ( Photo-PTI)

कुबूल अहमद

  • नई दिल्ली,
  • 09 मार्च 2026,
  • अपडेटेड 1:33 PM IST

देश के 10 राज्यों की 37 राज्यसभा सीटों के लिए 16 मार्च को मतदान है, लेकिन उससे पहले ही राजनीतिक तस्वीर साफ हो चुकी है. राज्यसभा चुनाव से नाम वापस लेने की अंतिम तारीख आज यानि सोमवार को है. 10 राज्यों में से 7 राज्य की 26 राज्यसभा सीटों पर निर्विरोध सदस्य चुना जाना तय है, लेकिन 3 राज्यों की 11 सीटों के लिए अब सियासी घमासान होगा? 

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महाराष्ट्र, तमिलनाडु, पश्चिम बंगाल, बिहार, असम, ओडिशा, तेलंगाना, छत्तीसगढ़, हरियाणा और हिमाचल प्रदेश की राज्यसभा सीटों के लिए चुनाव हो रहे हैं. इनमें से हरियाणा, ओडिशा और बिहार में निर्धारित सीटों से ज्यादा उम्मीदवार किस्मत आजमा रहे हैं, सोमवार को अगर कोई उम्मीदवार अपने कदम पीछे नहीं खींचते हैं तो फिर 16 मार्च को चुनावी मुकाबला होगा. 

बीजेपी ने हरियाणा, ओडिशा और बिहार के राज्यसभा चुनाव के लिए पर्यवेक्षक नियुक्त कर दिए हैं. बीजेपी अध्यक्ष नितिन नबीन ने बिहार के लिए दो जबकि ओडिशा और हरियाणा के लिए एक-एक नेताओं की नियुक्ति की है. इससे साफ है कि इन तीनों राज्यों में राज्यसभा चुनाव के लिए सियासी मुकाबला होगा. वहीं, सात राज्यों के 26 सीटों पर शाम तीन बजे तक राज्यसभा के निर्विरोध सदस्यों के नाम का ऐलान कर दिया जाएगा? 

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किन तीन राज्यों में राज्यसभा चुनाव का सीन? 
राज्यसभा के लिए हरियाणा, बिहार और ओडिशा में मतदान से तय होगा फैसला, क्योंकि इन तीनों राज्यों में निर्धारित राज्यसभा सीटों से ज्यादा उम्मीदवार मैदान में किस्मत आजमा रहे हैं. यही वजह है कि अब वोटिंग के जरिए 16 मार्च को राज्यसभा चुनाव का फैसला होगा.  

ओडिशा में चौथी सीट के लिए होगी फाइट
ओडिशा की चार राज्यसभा सीट के लिए 5 उम्मीदवार किस्मत आजमा रहे हैं. बीजेपी से दो प्रत्याशी- मनमहोन सामल और सुजीत कुमार उतार रखे हैं तो दिलीप रे को पार्टी ने अपना समर्थन दिया है. इसके अलावा बीजेडी से संतृप्त मिश्रा और कांग्रेस ने डॉ दत्तेश्वर मिश्रा को अपना समर्थन दे रखा है. बीजेपी के दोनों और बीजेडी के एक उम्मीदवार की जीत तय है, लेकिन चौथी सीट के लिए बीजेपी समर्पित दिलीप रे और कांग्रेस के समर्पित दत्तेश्वर मिश्र के बीच फाइट होगी. 

ओडिशा में एक राज्यसभा के लिए 30 विधायकों का प्रथम वरीयता के आधार पर वोट चाहिए. बीजेपी के पास अपने 79 विधायक हैं और तीन निर्दलीय विधायकों का समर्थन प्राप्त है. इस तरह से कुल मिलाकर 82 विधायक हैं, जो तीन तीन राज्यसभा चुनाव के लिए आवश्यक संख्या से आठ कम है. वहीं. विपक्षी बीजेडी के पास 48 विधायक हैं. इस लिहाज एक राज्यसभा सीट जीत के बाद उसके पास 18 अतरिक्त वोट बचेंगे, जो कांग्रेस के समर्पित उम्मीदवार को समर्थन देने की बात कही गई है.  कांग्रेस के पास 14 विधायक हैं और एक सीपीएम के पास है. बीजेडी और कांग्रेस मिलकर आसानी से एक सीट जीत सकती हैं, लेकिन बीजेपी भी पूरा दम लगी रही है. 

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बिहार की पांचवी सीट पर होगा मुकाबला
बिहार की पांच राज्यसभा सीटों के लिए 6 उम्मीदवार किस्मत आजमा रहे हैं. बीजेपी की तरफ से नितिन नबीन और शिवेश कुमार मैदान में है तो जेडीयू से रामनाथ ठाकुर और नीतीश कुमार किस्मत आजमा रहे हैं. एनडीए की तरफ से पांचवें उम्मीदवार उपेंद्र कुशवाहा हैं. आरजेडी ने अमरेंद्र धारी सिंह को राज्यसभा का प्रत्याशी बनाकर मुकाबले को रोचक बना दिया है. 

बिहार में राज्यसभा की एक सीट जीतने के लिए 41 विधायकों की जरूरत है. एनडीए के पास कुल 202 विधायक हैं जबकि विपक्ष के पास 35 विधायक हैं. इसके अलावा छह विधायक अन्य हैं. बीजेपी और जेडीयू के दो-दो उम्मीदवार आसानी से जीत जाएंगे, लेकिन उपेंद्र कुशवाहा को अपनी जीत के लिए आरजेडी से दो-दो हाथ करना होगा. कुशवाह को तीन अतरिक्त विधायकों का समर्थन चाहिए तो आरजेडी के अमरेंद्र सिंह को 6 विधायकों का समर्थन चाहिए. आरजेडी ने ओवैसी की पार्टी का समर्थन मांगा है. अब देखना है कि कौन सियासी बाजी मारता है? 

हरियाणा में रोचक हुआ राज्यसभा का मुकाबला
हरियाणा की दो राज्यसभा सीटों के लिए तीन उम्मीदवार किस्मत आजमा रहे हैं. बीजेपी से संजय भाटिया और कांग्रेस से कर्मवीर बौद्ध मैदान में है. सतीश नांदल ने निर्दलीय पर्चा भरकर मुकाबले को रोचक बना दिया है, जिन्हें बीजेपी का समर्थन प्राप्त है.  ऐसे में एक सीट पर बीजेपी की जीत तय है, लेकिन दूसरी सीट के लिए कांग्रेस और निर्दलीय उम्मीदवार के बीच मुकाबला होगा. 
 
हरियाणा में एक राज्यसभा सीट जीतने के लिए 31 विधायकों का समर्थन चाहिए. राज्य की विधानसभा में 90 सदस्य हैं, जिनमें से बीजेपी के 48 विधायक हैं तो कांग्रेस के पास 37 विधायक हैं. इसके अलावा दो विधायक इनेलो और तीन निर्दलीय विधायक हैं. इस लिहाज से बीजेपी और कांग्रेस के लिए एक-एक राज्यसभा सीट जीत सकती हैं. बीजेपी की एक सीट तय मानी जा रही है, लेकिन पहले देखा गया है कि कांग्रेस के पास संख्याबल होने के बावजूद उसके प्रत्याशी को हार का सामना करना पड़ा था. यही वजह है कि दूसरी सीट पर सियासी संग्राम होगा. 

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देश के सात राज्यों की 26 सीट पर निर्विरोध जीत तय
हरियाणा, ओडिशा और बिहार में जहां चुनावी मुकाबला हो रहा है तो महाराष्ट्र, बंगाल, तमिलनाडु, छत्तीसगढ़, असम, हिमाचल प्रदेश और तेलंगाना में राज्यसभा का चुनाव निर्विरोध होना तय है. इन राज्यों में जितनी राज्यसभा सीटें है, उतने ही उम्मीदवार मैदान में है. ऐसे में निर्धारित सीट से ज्यादा कैंडिडेट न होने से निर्विरोध चुना जाना. इन सात राज्यों में 26 राज्यसभा सीट पर चुनाव हो रहे हैं और सभी 26 सीटों पर निर्विरोध जीत मानी जा रही है, जिसका ऐलान सोमवार तीन बजे तक कर दिया जाएगा. 

जानिए कौन-कौन नेता निर्विरोध राज्यसभा जाएंगे?
महाराष्ट्र की 7 सीट पर 7 उम्मीदवार मैदान में है. बीजेपी से रामदास आठवले, विनोद तावड़े, माया चिंतामण इवनाते और रामदास वडकुट मैदान में हैं. एनसीपी से पार्थ पवार और शिवसेना से ज्योति वाघमारे राज्यसभा में उतरे हैं. इसके अलावा विपक्षी दल से एनसीपी (एसपी) से शरद पवार मैदान में है. इन सभी 7 राज्यसभा उम्मीदवार निर्विरोध चुने जाएंगे. 

तमिलनाडु की 6 राज्यसभा सीटों पर 6 उम्मीदवार ही मैदान में है. डीएमके से टी शिवा और सी रवींद्रन तो कांग्रेस से एम क्रिस्टोफर तिलक, पीएमके से अंबुमणि रामदास, डीएमडीके से एल के सुधीश राज्यसभा के प्रत्याशी हैं. AIADMK से एम थंबीदुरई किस्मत आजमा रहे हैं. इन सभी 6 राज्यसभा उम्मीदवारों का निर्विरोध चुना जाना तय है. 

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पश्चिम बंगाल की पांच राज्यसभा सीटों के लिए 5 उम्मीदवार किस्मत आजमा रहे हैं. टीएमसी से मेनका गुरुस्वामी, बाबुल सुप्रियो, कोयल मलिक, राजीव कुमार और बीजेपी से राहुल सिन्हा मैदान में है. इन सभी का निर्विरोध चुना जाना तय माना जा रहा है. असम की तीन राज्यसभा सीटों के लिए तीन उम्मीदवार मैदान में हैं. बीजेपी से तेराश गोवाला, जोगेन मोहन और यूपीपीएल के प्रमोद बोरो मैदान में है, जिन्हें बीजेपी का समर्थन है. 

छत्तीसगढ़ की दो सीटों पर दो ही उम्मीदवार मैदान में है. बीजेपी से लक्ष्मी वर्मा और कांग्रेस से फुलो देवी नेताम. इन दोनों का निर्विरोध चुना जाना तय है. हिमाचल की एक सीट पर एक ही कांग्रेस से अनुराग शर्मा उम्मीदवार हैं, जिनका निर्विरोध चुनाव जीतना तय है. तेलंगाना की दो राज्यसभा सीट के लिए दो उम्मीदवार मैदान में है. कांग्रेस से अभिषेक मनु सिंघवी और वेम नरेंद्र रेड्डी ने नामांकन किया है, विपक्ष से कोई उम्मीदवार मैदान में नहीं है. ऐसे में कांग्रेस के दोनों नेता का निर्विरोध चुनाव जीतना तय है. 

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