अहमदाबाद में कांग्रेस अधिवेशन का दूसरा दिन, पहले दिन की चर्चा के ये रहे 5 बड़े Points

गुजरात में कांग्रेस के राष्ट्रीय अधिवेशन का आज दूसरा दिन है. पहले दिन सीडब्ल्यूसी की बैठक हुई जिसमें गौरवशाली अतीत की चर्चा हुई तो भविष्य की बात भी. महात्मा गांधी और सरदार पटेल की विरासत से लेकर सामाजिक न्याय और संविधान तक छाए रहे.

Advertisement
मल्लिकार्जुन खड़गे, सोनिया गांधी और राहुल गांधी मल्लिकार्जुन खड़गे, सोनिया गांधी और राहुल गांधी

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 09 अप्रैल 2025,
  • अपडेटेड 9:50 AM IST

गुजरात में 64 साल बाद हो रहे कांग्रेस के राष्ट्रीय अधिवेशन का आज दूसरा दिन है. तय कार्यक्रम के मुताबिक ‘न्यायपथ: संकल्प, समर्पण, और संघर्ष’ की थीम पर अहमदाबाद में साबरमती नदी के तट पर झंडा वंदन के साथ राष्ट्रीय अधिवेशन के मुख्य कार्यक्रम की शुरुआत होगी जिसमें देशभर से पहुंचे करीब दो हजार डेलिगेट्स शामिल होंगे. पहले दिन विविध कार्यक्रमों के साथ कांग्रेस कार्य समिति (सीडब्ल्यूसी) की बैठक हुई. पहले दिन हुई चर्चा को 5 पॉइंट्स में समझा जा सकता है.

Advertisement

महात्मा गांधी और सरदार पटेल की विरासत पर बात

कांग्रेस कार्य समिति की बैठक की शुरुआत में ही कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने महात्मा गांधी और सरदार पटेल की बात की. उन्होंने कहा कि गुजरात में जन्में महात्मा गांधी, सरदार पटेल और दादाभाई नैरोजी ने दुनियाभर में कांग्रेस का नाम रोशन किया है. ये तीनों ही हस्तियां कांग्रेस की अध्यक्ष भी रहीं. उन्होंने यह कहा कि महात्मा गांधी की लाठी और चश्मा तो चुरा सकते हो लेकिन असली पूंजी उनकी वैचारिक विरासत है जो कांग्रेस के पास है.

खड़गे ने जहां कांग्रेस को महात्मा गांधी की वैचारिक विरासत का वास्तविक वारिस बताया, वहीं सरदार पटेल की 150वीं जयंती देशभर में मनाने के ऐलान किया. उन्होंने कहा कि सरदार की विरासत पर् दावा वह लोग कर रहे हैं, जिनकी विचारधारा उनके खिलाफ रही. ये हास्यास्पद है.

Advertisement

महानायकों को लेकर साजिश की बात कर कांग्रेस अध्यक्ष यह भी संकेत दे ही गए कि पार्टी अपने नायकों की विरासत को फिर से वापस हासिल करने की ओर बढ़ेगी. सीडब्ल्यूसी से पहले कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी और सोनिया गांधी का सरदार पटेल की प्रतिमा पर माल्यार्पण करना हो या शाम को पार्टी नेताओं का साबरमती आश्रम पहुंच कीर्तन और प्रार्थना सभा में शामिल होना, ये भी इसी तरफ संकेत हैं कि देश की सबसे पुरानी पार्टी अपने महानायकों की ओर लौटेगी. 

संविधान और आंबेडकर

सीडब्ल्यूसी की शुरुआत में ही संविधान और संविधान निर्माता बाबा साहब डॉक्टर भीमराव आंबेडकर की भी बात हुई. कांग्रेस अध्यक्ष खड़गे ने अपने संबोधन में कहा कि कांग्रेस पार्टी संविधान और संविधान निर्माता, दोनों का सम्मान करती है. उन्होंने गृह मंत्री अमित शाह की राज्यसभा में की गई टिप्पणी का जिक्र कर मजाक उड़ाने का आरोप लगाया और संविधान सभा में डॉक्टर आंबेडकर के बयान को भी कोट किया. खड़गे ने कहा कि बाबा साहब ने ये कहा था कि कांग्रेस के सहयोग के बिना संविधान नहीं बन सकता था. संविधान बना तब रामलीला मैदान में गांधी जी, पंडित नेहरू, डॉक्टर आंबेडकर और संविधान के पुतले जलाए गए थे. 

Advertisement

यह भी पढ़ें: 'हम दलित, मुस्लिम, ब्राह्मण में उलझे रहे... OBC हमें छोड़कर चले गए', CWC की बैठक में बोले राहुल गांधी

सामाजिक न्याय की बात, संगठन की मजबूती पर जोर

कांग्रेस के राष्ट्रीय अधिवेशन के पहले दिन सामाजिक न्याय भी चर्चा के केंद्र में रहे. कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि देश की एकता, अखंडता और सामाजिक न्याय की विचारधारा हमारी असली ताकत है. इस विचारधारा को आगे बढ़ाने के लिए खुद को मजबूत करना, संगठन को मजबूत करना जरूरी है. उन्होंने सरदार पटेल को कोट करते हुए कहा कि संगठन के बिना संख्या बल बेकार है. वहीं,  लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने कहा कि हम दलित, मुस्लिम, ब्राह्मण में उलझे रहे और ओबीसी हमसे दूर हो गया.

यह भी पढ़ें: विदेश नीति से लेकर महंगाई तक... अहमदाबाद में कांग्रेस के राष्ट्रीय अधिवेशन में दूसरे दिन इन मुद्दों पर होगी चर्चा

अतीत की चर्चा, भविष्य पर बात

कांग्रेस अधिवेशन के पहले दिन सीडब्ल्यूसी की बैठक से लेकर बाहर तक, पार्टी के गौरवशाली अतीत की गूंज रही. कांग्रेस अध्यक्ष से लेकर पार्टी के तमाम नेता तक कांग्रेस के गौरवशाली अतीत की चर्चा करते नजर आए. बात 2014 के बाद के चुनावों की भी हुई. अतीत की चर्चा के साथ भविष्य की बात हुई और शशि थरूर ने उन वोटर्स को फिर से अपने साथ लाने की कोशिश पर बल दिया जो कांग्रेस को वोट देते थे लेकिन पिछले तीन चुनावों से छिटक गए हैं. उन्होंने ये भी कहा कि 19-20 फीसदी वोट शेयर से आगे बढ़ने का पार्टी के पास यही रास्ता है.

Advertisement

यह भी पढ़ें: 'गांधी जी का चश्मा और लाठी तो चुरा सकते हैं लेकिन वैचारिक विरासत कांग्रेस के पास', CWC में बोले खड़गे

मिशन गुजरात

गुजरात चुनाव अभी बहुत दूर है लेकिन 1961 के बाद प्रदेश में हो रहे कांग्रेस के पहले राष्ट्रीय अधिवेशन पर 'मिशन गुजरात' की छाप स्पष्ट नजर आई. संगठन की मजबूती की बात हुई. कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे से लेकर अन्य नेताओं ने भी संगठन की मजबूती पर जोर दिया और इस अधिवेशन के गुजरात में आयोजन के पीछे मुख्य वजह भी सूबे की सत्ता से लंबे समय से बाहर कांग्रेस के कार्यकर्ताओं में नई जान फूंकने का प्रयास माना जा रहा है.

---- समाप्त ----

Read more!
Advertisement

RECOMMENDED

Advertisement
Latest News in Hindi »