'बूढ़े-बीमार कैदियों की रिहाई के लिए राज्य तीन महीने में बनाए पॉलिसी...', सुप्रीम कोर्ट ने दिए निर्देश

सुप्रीम कोर्ट ने गंभीर रूप से बीमार और 70 वर्ष से अधिक उम्र के कैदियों की अनुकंपा रिहाई के लिए सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को तीन महीने के भीतर एक व्यापक नीति बनाने और अधिसूचित करने का निर्देश दिया है.

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 सुप्रीम कोर्ट ने तीन महीने के भीतर पॉलिसी बनाने का निर्देश दिया है (Photo: ITG) सुप्रीम कोर्ट ने तीन महीने के भीतर पॉलिसी बनाने का निर्देश दिया है (Photo: ITG)

संजय शर्मा

  • नई दिल्ली,
  • 16 जुलाई 2026,
  • अपडेटेड 6:33 PM IST

सुप्रीम कोर्ट ने अधिक उम्र या गंभीर रूप से बीमार कैदियों को लेकर राज्यों को निर्देश दिया है. कोर्ट ने जल्दी या समय से पहले रिहाई के लिए सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को निर्देश दिया कि वे तीन महीने के भीतर एक व्यापक नीति तैयार करें और उसे अधिसूचित करें.

कोर्ट ने पॉलिसी तैयार करने को कहा

जस्टिस विक्रम नाथ और जस्टिस संदीप मेहता की पीठ ने कहा कि संस्थागत समन्वय और पात्र कैदियों की पहचान तय करने के लिए संबंधित राज्य कानूनी सेवा अधिकारियों से परामर्श कर ये नीति तैयार की जाए. 

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अनुकंपा रिहाई से जुड़ी याचिका पर सुनवाई कर रहा था सुप्रीम कोर्ट
कोर्ट ने कहा कि इस नीति के जरिये राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों की जेल में बंद उन कैदियों की रिहाई के लिए आवेदन जमा करने, जांच करने और उनका निपटारे करने के लिए एक समयबद्ध, पारदर्शी और सुलभ प्रक्रिया निर्धारित की जाए. कोर्ट ने कहा कि यह नीति स्पष्ट रूप से रिहाई पर विचार करने के लिए पात्रता मानदंड और प्रक्रियात्मक ढांचे को परिभाषित करेगी.


दरअसल सुप्रीम कोर्ट ने यह दिशा निर्देश इस याचिका पर जारी किया जिसमें देशभर की जेलों में बंद गंभीर रूप से बीमार या बीमार, कमजोर और बुजुर्ग कैदियों, विशेष रूप से 70 वर्ष से अधिक आयु के लोगों की अनुकंपा पर रिहाई के लिए राष्ट्रव्यापी दिशानिर्देशों दिए जाने की मांग की गई थी.

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