Power crisis: झुलसाती गर्मी में बिजली संकट निकाल रहा दम... दिल्ली में एक दिन का कोयला, UP-राजस्थान में लोगों से करनी पड़ रही अपील

दिल्ली समेत देश के तमाम राज्यों में भीषण गर्मी का कहर जारी है. बढ़ती गर्मी के चलते इन दिनों बिजली की मांग भी तेजी से बढ़ी है. लेकिन इन सबके बीच देश के कई राज्यों में कोयला संकट की भी खबरें सामने आ रही हैं. कोयले की कमी के चलते राजस्थान, दिल्ली, उत्तर प्रदेश, आंध्र प्रदेश, मध्यप्रदेश, उत्तराखंड, महाराष्ट्र समेत तमाम राज्यों में बिजली संकट का भी सामना करना पड़ रहा है.

Advertisement
गर्मी से राहत पाने के लिए ताजमहल के पीछे दशहरा घाट पर नहाते युवक (फाइल फोटो- पीटीआई) गर्मी से राहत पाने के लिए ताजमहल के पीछे दशहरा घाट पर नहाते युवक (फाइल फोटो- पीटीआई)

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 29 अप्रैल 2022,
  • अपडेटेड 2:01 PM IST
  • दिल्ली के ऊर्जा मंत्री बोले- कई पावर प्लांट में एक दिन का कोयला बचा
  • अशोक गहलोत ने कहा, बिजली की कमी राष्ट्रीय संकट
  • यूपी के ऊर्जा मंत्री ने की लोगों से बिजली बचाने की अपील

दिल्ली, राजस्थान, महाराष्ट्र समेत देश के 13 राज्य बिजली संकट का सामना कर रहे हैं. बताया जा रहा है कि भीषण गर्मी के चलते बिजली की मांग तेजी से बढ़ी है. इसके अलावा कोयले की कमी के चलते भी कई राज्यों में बिजली संकट पैदा हुआ है. उधर, आंध्र प्रदेश, महाराष्ट्र, गुजरात, पंजाब, झारखंड, हरियाणा, उत्तर प्रदेश, दिल्ली, राजस्थान में भी बिजली कटौती के चलते लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है.

Advertisement

इन सबके बीच दिल्ली के ऊर्जा मंत्री सत्येंद्र जैन ने दावा किया है कि दिल्ली में बिजली की सप्लाई करने वाले कई पावर प्लांट ऐसे हैं, जहां एक दिन का कोयला बचा है. उन्होंने कहा, रेलवे रैक की कमी के चलते राजधानी में कोयले का संकट पैदा हो रहा है. उधर, बिजली संकट से जूझ रहे राजस्थान और उत्तर प्रदेश में सरकार ने लोगों से बिजली बचाने की गुहार लगाई है. 

'कई प्लांट पर सिर्फ 1 दिन का कोयला बचा'

दिल्ली में बिजली संकट को लेकर पूछे गए सवाल के जवाब में सत्येंद्र जैन ने कहा, रेलवे रैक की कमी के चलते राजधानी में कोयला संकट पैदा हो रहा है. आमतौर पर पावर प्लांट के पास कोयले का 21 दिन का स्टॉक होना चाहिए. लेकिन दिल्ली को बिजली सप्लाई करने वाले कुछ पावर प्लांट ऐसे हैं, जिनके पास सिर्फ एक दिन का कोयले का स्टॉक बचा है. 

Advertisement

उन्होंने केंद्र से राज्य की कोयले की मांग को पूरा करने की अपील की. जैन ने बताया कि पहले 450  रेलवे रैक कोयला मिलता था, अब यह घटकर 405 रैक रह गया है. उन्होंने कहा, केंद्र से बेहतर सहयोग के जरिए हम इस संकट से निपट सकते हैं. इतना ही नहीं उन्होंने यह भी साफ किया कि दिल्ली की ओर से किसी भी कोयला कंपनी का कोई भी पेमेंट बकाया नहीं है.

NTPC ने कहा- कोयले की कमी नहीं

NTPC ने कहा, दादरी की सभी 6 यूनिट और ऊंचाहार की 5 यूनिट पूरी क्षमता के साथ चल रही हैं. हमें कोयले की लगातार सप्लाई मिल रही है. हमारे पास कोयले का मौजूदा स्टॉक 140000 MT और 95000 MT है. उन्होंने बताया कि आयात किया हुआ कोयला भी पाइपलाइन में है.  

उत्तर प्रदेश: ऊर्जा मंत्री ने की बिजली बचाने की अपील

उत्तर प्रदेश में बिजली संकट और गहरा सकता है. दरअसल, यहां सिर्फ एक चौथाई कोयले का स्टॉक रह गया है. यह जरूरी स्तर से भी नीचे है. सूत्रों के मुताबिक, यूपी में गर्मी के चलते बिजली की मांग तेजी से बढ़ी है. पिछले 38 साल में पहली बार अप्रैल महीने में यूपी में बिजली की इतनी मांग सामने आई है. 

गहराते बिजली संकट के बीच यूपी के ऊर्जा मंत्री अरविंद कुमार शर्मा ने जनता से बिजली बचाने की अपील की है. उन्होंने कहा, गर्मी के कारण बिजली की मांग बढ़ी है. वहीं कई बिजली उपक्रम तकनीकी कारणों से हफ्तों से बंद हैं. ऐसे में बिजली की बचत का सभी प्रयास करें. हमारे विद्युत कर्मी बिजली आपूर्ति के लिए रात-दिन अपने कार्य में लगे हैं. जनता का सहयोग प्रार्थनीय है. 

Advertisement

सपा ने साधा बीजेपी सरकार पर निशाना
उधर, यूपी में अघोषित बिजली कटौती को लेकर समाजवादी पार्टी ने बीजेपी पर निशाना साधा है. 

 

राजस्थान: गहलोत ने की लोगों से बिजली बचाने की अपील

राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कोयले और बिजली की कमी को राष्ट्रीय संकट बताते हुए लोगों से बिजली बचाने की अपील की है. उन्होंने कहा, मैं लोगों से अपील करता हूं कि हम सभी को इस संकट में एकजुट होकर परिस्थितियों को बेहतर करने में सरकार का साथ देना चाहिए. सभी लोग अपने घर या कार्यक्षेत्र में गैर-जरूरी बिजली उपकरणों को बंद रखें. वे अपनी प्राथमिकताएं तय कर बिजली का इस्तेमाल जरूरत के मुताबिक करें. 

गहलोत ने केंद्र सरकार पर साधा निशाना
अशोक गहलोत ने कोयला और बिजली संकट के लिए केंद्र सरकार और राजस्थान बीजेपी पर निशाना साधा. गहलोत ने कहा, क्या बीजेपी प्रदेश नेतृत्व केंद्र सरकार से सवाल पूछेगा कि वह मांग के अनुसार कोयला उपलब्ध करवाने में सक्षम क्यों नहीं है, जिस वजह से 16 राज्यों में बिजली कटौती की नौबत आई है? 

गहलोत ने कहा, देश के 16 राज्यों में बढ़ती गर्मी के कारण बिजली की मांग बढ़ी है और इसके अनुरूप कोयले की आपूर्ति नहीं हो रही है. इस वजह से आवश्यकता अनुसार बिजली आपूर्ति संभव नहीं है. सीएम गहलोत ने कहा, राजस्थान में प्रदेश बीजेपी बिजली घरों पर प्रदर्शन कर इस संकट में चुनौतीपूर्ण कार्य कर रहे बिजली कर्मचारियों को परेशान कर उन पर दबाव बनाने का कार्य कर रही है. जबकि कोयला उपलब्ध कराना केंद्र सरकार का काम है. 

Advertisement

पंजाब में मांग 40% तक बढ़ी

पंजाब में किसान मजदूर संघर्ष कमेटी ने शुक्रवार को अमृतसर में ऊर्जा मंत्री के घर के बाहर प्रदर्शन करने का ऐलान किया. कमेटी का आरोप है कि ऊर्जा मंत्री कृषि सेक्टर को पर्याप्त बिजली आपूर्ति सुनिश्चित नहीं कर रहे हैं. इसी बीच पंजाब के ऊर्जा मंत्री हरभजन सिंह ने कहा, बढ़ते तापमान से राज्य में बिजली की मांग 40% बढ़ गई है. 

उन्होंने कहा, सिर्फ पंजाब ही नहीं, अन्य राज्यों में भी बिजली संकट की समस्या का सामना कर रहे हैं. उन्होंने कहा, पूरी स्थिति पर सीएम भगवंत मान नजर बनाए हुए हैं. 

बिजली संकट के क्या हैं कारण?

भीषण गर्मी को बिजली संकट के पीछे मुख्य वजह बताया जा रहा है. इसके अलावा कई राज्यों में कोयले की कमी की खबरें सामने आ रही हैं. केंद्रीय ऊर्जा मंत्री आरके सिंह ने भी माना था कि कई राज्यों में कोयले की कमी है. उन्होंने कहा था, रूस यूक्रेन युद्ध के चलते कोयले के आयात पर असर पड़ा है. इसके अलावा बताया जा रहा है कि झारखंड में कोल कंपनियों को बकाया पेमेंट न देने के चलते कोयला संकट पैदा हुआ है.

कांग्रेस ने साधा केंद्र पर निशाना

कांग्रेस के प्रवक्ता गौरव वल्लभ ने कहा, बिजली का ये संकट इसलिए हुआ है, क्योंकि सरकार कोयले की खदान से कोल को पावर प्लांट तक नहीं ले जा सकी है. उन्होंने कहा, कोयला प्लांट तक पहुंचा नहीं, इसलिए बिजली संकट हो गया है. अभी तो ये शुरुआत है, विपक्ष के राज्यों को दोष मत दीजिए, 12 राज्यों में आपकी सरकार है, वहां भी बिजली संकट है. डिमांड और सप्लाई का मैच नहीं कर रहा है. इसलिए कई पावर प्लांट बंद हैं. उन्होंने पूछा, केंद्र की क्या जिम्मेदारी है. केंद्र पर राज्यों का GST का बकाया है. 

Advertisement

 

Read more!
Advertisement

RECOMMENDED

Advertisement
Latest News in Hindi »