'वर्दी उतारो, पार्टी बनाओ और चुनाव लड़ो', PoK में बवाल के बीच मौलाना फजलुर की आसिम मुनीर को खुली चुनौती

पाकिस्तान में JUI-F प्रमुख मौलाना फजलुर रहमान ने सेना प्रमुख असीम मुनीर को चुनौती दी है कि अगर राजनीति करनी है तो वर्दी उतारकर चुनाव लड़ें. उन्होंने कहा कि सरकार बनाना या गिराना सेना का काम नहीं है. उन्होंने दावा किया कि बलूचिस्तान और पश्तून इलाकों पर सरकार का नियंत्रण कमजोर पड़ गया है और हाल ही में 50 से ज्यादा शव इन इलाकों में पहुंचे हैं.

Advertisement
आसिम मुनीर को फजलुर रहमान ने चुनाव लड़ने की चुनौती दी है (Photo: AP) आसिम मुनीर को फजलुर रहमान ने चुनाव लड़ने की चुनौती दी है (Photo: AP)

अरविंद ओझा / सुबोध कुमार

  • नई दिल्ली,
  • 15 जुलाई 2026,
  • अपडेटेड 2:31 PM IST

पाकिस्तान में सेना प्रमुख फील्ड मार्शल असीम मुनीर को जमीयत उलेमा-ए-इस्लाम फजल यानी JUI-F के प्रमुख मौलाना फजलुर रहमान ने सीधी चुनौती दी है. रहमान ने कहा है कि अगर सेना को राजनीति करनी है तो वर्दी उतारकर अपनी पार्टी बनाए और चुनाव लड़े. इसके साथ ही उन्होंने बलूचिस्तान और पश्तून इलाकों में हालात को लेकर भी पाकिस्तानी सरकार पर बड़े सवाल खड़े किए हैं.

एक जनसभा में बोलते हुए फजलुर रहमान ने कहा कि सेना का काम देश की सुरक्षा करना है, राजनीति में दखल देना नहीं. उन्होंने कहा कि यह तय करना सेना का काम नहीं है कि देश में सरकार कौन बनाएगा और कौन सत्ता से बाहर जाएगा.

रहमान ने यह भी कहा कि आतंकवाद से निपटने के नाम पर आम नागरिकों को हथियार देने या मिलिशिया बनाने की मांग भी गलत है. उन्होंने साफ कहा कि वे खुद कोई मिलिशिया नहीं बनाएंगे क्योंकि आम लोगों के हाथ में हथियार आने से आगे चलकर खून-खराबा और निजी दुश्मनी बढ़ने का खतरा है.

फजलुर रहमान ने आगे दावा किया कि बलूचिस्तान के बड़े हिस्सों पर अब पाकिस्तान सरकार का असरदार नियंत्रण नहीं बचा है. उन्होंने कहा कि पश्तून इलाकों में भी हालात लगातार बिगड़ रहे हैं. उनके मुताबिक, पिछले दो से तीन दिनों में ही इन इलाकों में 50 से ज्यादा शव पहुंचे हैं.

Advertisement

यह भी पढ़ें: 'न आजाद, न विवादित, PoK सिर्फ अवैध कब्जे का इलाका है!', रावलकोट में प्रदर्शनकारियों ने उड़ाई पाक नैरेटिव की धज्जियां

रहमान ने आरोप लगाया कि वहां लोग खुद को सुरक्षित महसूस नहीं कर पा रहे, बच्चे स्कूल नहीं जा पा रहे और मजदूर तक घर से बाहर निकलने से डर रहे हैं. उनके मुताबिक हालात इतने खराब हो चुके हैं कि लोगों के पास सिर्फ अपने परिजनों के लिए कफन खरीदने और उन्हें दफनाने भर का ही काम रह गया है.

रहमान का यह बयान ऐसे वक्त आया है जब पाकिस्तान सरकार ने आसिम मुनीर को देश की बढ़ती जनसंख्या से जुड़े मुद्दों पर बनी एक बड़ी समिति में भी शामिल किया है, जिससे सेना प्रमुख की भूमिका रक्षा से आगे बढ़कर नागरिक प्रशासन तक पहुंचने पर नई बहस छिड़ गई है. राजनीतिक जानकारों का मानना है कि यह बयान सेना की राजनीतिक भूमिका को लेकर पाकिस्तान में चल रही बहस को और तेज कर सकता है.

---- समाप्त ----

Read more!
Advertisement

RECOMMENDED

Advertisement
Latest News in Hindi »