प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार को फ्रांस के एवियन में आयोजित G7 शिखर सम्मेलन के इतर जर्मनी के चांसलर फ्रेडरिक मर्ज से द्विपक्षीय बैठक की. इस वर्ष दोनों नेताओं के बीच यह दूसरी मुलाकात रही. बैठक में भारत-जर्मनी रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत बनाने तथा क्षेत्रीय एवं वैश्विक मुद्दों पर व्यापक चर्चा हुई.
दोनों नेताओं ने भारत और जर्मनी के बीच द्विपक्षीय संबंधों की प्रगति की समीक्षा की और हाल के महीनों में सहयोग को मिली नई गति पर संतोष व्यक्त किया. उन्होंने इस वर्ष चांसलर फ्रेडरिक मर्ज की भारत यात्रा और भारत-यूरोपीय संघ मुक्त व्यापार समझौते (FTA) की वार्ता सफलतापूर्वक पूरी होने को दोनों देशों के संबंधों में महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया.
न्यूज एजेंसी पीटीआई के मुताबिक बैठक में इस बात पर भी जोर दिया गया कि वर्ष 2026 में भारत और जर्मनी अपने राजनयिक संबंधों की 75वीं वर्षगांठ मनाएंगे. इस अवसर को ध्यान में रखते हुए दोनों नेताओं ने रणनीतिक साझेदारी को और व्यापक बनाने की प्रतिबद्धता दोहराई.
प्रधानमंत्री मोदी और चांसलर मर्ज ने व्यापार और निवेश, रक्षा एवं सुरक्षा, हरित और सतत विकास, प्रौद्योगिकी, नवाचार, शिक्षा तथा कुशल पेशेवरों की आवाजाही जैसे क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर सहमति जताई. दोनों नेताओं ने डिफेंस इंडस्ट्रियल कोऑपरेशन रोडमैप पर हस्ताक्षर का स्वागत किया. इसके साथ ही जर्मनी से होकर यात्रा करने वाले भारतीय नागरिकों के लिए ट्रांजिट वीज़ा छूट की व्यवस्था लागू होने को भी महत्वपूर्ण कदम बताया.
बैठक के दौरान दोनों नेताओं ने पश्चिम एशिया की स्थिति, रूस-यूक्रेन संघर्ष और अन्य वैश्विक घटनाक्रमों पर भी विचार-विमर्श किया. दोनों ने पश्चिम एशिया में संघर्ष समाप्त करने को लेकर बनी सहमति का स्वागत करते हुए उम्मीद जताई कि इससे क्षेत्र में शांति और स्थिरता को बढ़ावा मिलेगा.
प्रधानमंत्री मोदी और चांसलर मर्ज़ ने इस बात पर भी सहमति व्यक्त की कि बदलते वैश्विक परिदृश्य में भारत और जर्मनी की साझेदारी न केवल द्विपक्षीय संबंधों बल्कि वैश्विक शांति, आर्थिक विकास और नियम-आधारित अंतरराष्ट्रीय व्यवस्था को मजबूत करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी. दोनों नेताओं ने भविष्य में उच्चस्तरीय संवाद और सहयोग को और गति देने पर भी जोर दिया.
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